कबीर खान का छलका दर्द,कहा- 'मैं हूं Khan इसलिए लोगों ने कहा Go to Pakistan'
नई दिल्ली, 28 मार्च। 'बजरंगी भाईजान', 'काबुल एक्सप्रेस' और '83' जैसी फिल्मों के जरिए लोगों के दिलों में खासी जगह बनाने वाले फिल्ममेकर कबीर खान ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। एबीपी आइडियाज ऑफ इंडिया समिट 2022 में खुलकर बोलते हुए कबीर खान ने कहा कि उन्हें अपने 'खान' सरनेम के कारण कई बार पाकिस्तान जाने को कहा गया तो वहीं एक बार किसी काम के सिलसिले में पाकिस्तान गया था, तब वहां लश्कर ने कहा था कि 'गो बैक टू इंडिया' अब आप ही बताइए कि मैं ना तो इधर का रहा ना उधर का', आप ही बताइए कि मैं कहां जाऊं?

राष्ट्रवाद और देशभक्ति में फर्क
कबीर खान ने कहा कि 'आजकल राष्ट्रवाद और देशभक्ति में फर्क आ गया है, मैं जो भी फिल्में बनाता हूं,उसमें मेरे व्यक्तित्व का रिफ्लेशन देखने को मिलता है। राष्ट्रवाद को जताने और बताने के लिए आपको एक खलनायक की जरूरत होती है तो वहीं दूसरी ओर देशभक्ति को साबित करने के लिए कोई भी काउंटर Point नहीं होता है।'

सोशल मीडिया पर सकारात्मकता से ज्यादा नेगेटिविटी
कबीर खान ने कहा कि आजकल सोशल मीडिया पर लोग ज्यादा सक्रिय हो गए हैं, उन्हें मनमानी करने की छूट मिल गई है। सच कहूं तो आज सोशल मीडिया पर सकारात्मकता से ज्यादा नेगेटिविटी देखने को मिलती है।
मैं जंग करने नहीं निकला हूं
हालांकि मैं जंग करने नहीं निकला हूं, कहानी सुनाने निकला हूं, मैंने भी कई फिल्मों में तिरंगे की बातें की लेकिन वो सफल नहीं हुई। कभी-कभी हमारा कहा लोगों को समझ में नहीं आता है।
क्या है कश्मीरी पंडितों के पलायन का सच?

बॉलीवुड और हॉलीवुड फिल्मों में अंतर....
डायरेक्टर कबीर खान ने बॉलीवुड और हॉलीवुड फिल्मों में अंतर को लेकर कहा कि, असल में कहानी सुनाने का तरीका ही ऑडियंस को पकड़ता है,मुझे नहीं लगता है कि हॉलीवुड और हमारी इंडस्ट्री में कुछ ज्यादा अंतर है, हालांकि बजट के मामले में वो हमसे बहुत आगे हैं।

मैं लकी हूं ...
देशभक्ति अपने देश के लिए शुद्ध प्रेम है और आपको प्रतिवाद की आवश्यकता नहीं है और वही मेरा प्रेम '83' के साथ था। कबीर खान ने कहा कि वो फिल्म मेरे लिए सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि अपने देश के प्रति प्रेम जताने का तरीका था। मैं लकी हूं कि मुझे कपिल देव जैसे महान खिलाड़ी की लाइफ को पर्दे पर दिखाने का मौका मिला।












Click it and Unblock the Notifications