Jyoti Malhotra को नहीं मिलेगी अभी जमानत? SIT ने कर दिया है जेल में रखने का पूरा इंतजाम
Jyoti Malhotra SPY Case: पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में जेल में बंद ज्योति मल्होत्रा के केस की सुनवाई 18 अगस्त (सोमवार) को होने वाली है। कानून के जानकारों का कहना है कि ज्योति को बेल मिलने की उम्मीद काफी कम है। एसआईटी ने पिछली सुनवाई में भी कहा था कि पूछताछ के लिए और संवेदनशील जानकारी जुटाने के लिए आरोपी को बेल न दिया जाए। कानूनी बारीकियों को देखते हुए एसआईटी ने तय समय से पहले ही चार्जशीट भी दाखिल कर दी है। जांच टीम ने 14 अगस्त को ही 2500 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है।
नियम के मुताबिक किसी भी मामले में 90 दिन के अंदर चार्जशीट दाखिल करनी होती है। पुलिस ने ज्योति को 16 मई को गिरफ्तार किया था और गुरुवार (14 अगस्त) को उसकी गिरफ्तारी के 90 दिन पूरे हो रहे थे। जांच टीम ने तय समय में चार्जशीट दाखिल कर दी है और इसमें कई अहम सबूत मिलने का भी दावा किया है।

Jyoti Malhotra के खिलाफ SIT ने पुख्ता सबूतों का किया दावा
ज्योति मल्होत्रा के खिलाफ दर्ज चार्जशीट में जांच टीम ने दावा किया है कि वह लगातार पाकिस्तान के आईएसआई एजेंटों के संपर्क में थी। पाकिस्तान उच्चायोग में अधिकारी बन कर काम कर रहे आईएसआई के एजेंट दानिश के अलावा वह तीन और एजेंट के साथ संपर्क में थी। इनमें से एक एजेंट के साथ उसने इंडोनेशिया के बाली और दूसरे शहरों की यात्रा की थी। इसके अलावा, उसने पाकिस्तान की कई बार यात्रा कर वीडियो बनाए थे और पाकिस्तानी एजेंटों के निर्देश पर उसमें पड़ोसी मुल्क की अच्छी छवि दिखाई थी।
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ज्योति मल्होत्रा ने की थी चीन की भी यात्रा
हरियाणा की पुलिस ने जांच में दावा किया है कि ज्योति मल्होत्रा ने सिर्फ पाकिस्तान की नहीं बल्कि चीन की भी यात्रा की थी। जांच टीम अब उससे यह जानने की कोशिश कर रही है कि वह चीन की यात्रा के दौरान किन जगहों पर रुकी थी और उसकी मुलाकात किसी चीनी सैन्य अधिकारी से हुई थी। चीन की यह यात्रा कैसे संभव हुई थी और इसमें किन लोगों ने सहयोग किया था।
SIT ज्योति को बेल नहीं दिए जाने के लिए देगी ये तर्क
- एसआईटी के पास एक पुख्ता सबूत है कि उसके फोन और लैपटॉप से डिलीट की गई कई फाइल रिकवर की गई हैं। उनमें कई संवेदनशील जानकारी है जिन पर पूछताछ करने के लिए उसका जेल में रहना जरूरी है।
- बेल मिलने की स्थिति में अगर वह देश छोड़कर न भी जाए तो कुछ संवेदनशील सबूतों को नष्ट कर सकती है और स्थानीय गवाहों को प्रभावित कर सकती है। इसके अलावा, उससे अहम जानकारी निकलवाने के लिए कस्टडी में रहना सुरक्षित विकल्प है।
- ज्योति मल्होत्रा पर पाकिस्तान के आईएसआई एजेंट से संपर्क में रहने के अलावा चीन की यात्रा को लेकर भी कई हैरान करने वाले तथ्य सामने आए हैं। उससे चीन यात्रा से जुड़ी डिटेल निकलवाने और जासूसी के पीछे के मकसद को जानना भी जरूरी है।
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