Jyoti Malhotra: ज्योति मल्होत्रा के खिलाफ कोर्ट में ठोस सबूत पेश नहीं कर पाई पुलिस, क्या अब नहीं होगी कोई सजा?

Jyoti Malhotra News: जासूसी के आरोप में गिरफ्तार ज्योति मल्होत्रा के केस ने एक नया मोड़ ले लिया है। 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद जहां इसे देश के चर्चित मामलों में गिना जा रहा है, वहीं आरोपी पक्ष का दावा है कि FIR ही असंवैधानिक है। आरोप है कि पुलिस ने ज्योति के खिलाफ वही बयान बतौर सबूत इस्तेमाल किया, जो उसने कथित रूप से खुद पुलिस कस्टडी में दिया था। उसके वकील कुमार मुकेश के मुताबिक, यह संविधान और साक्ष्य कानून दोनों के खिलाफ है।

FIR से लेकर चार्जशीट तक, केस की पूरी कहानी

16 मई को हिसार पुलिस ने ज्योति के खिलाफ जासूसी के आरोप में केस दर्ज किया और अगले ही दिन 17 मई को उसे गिरफ्तार कर लिया। दो बार उसे 5 और 4 दिन की रिमांड पर लिया गया। पुलिस के पास फिलहाल 3 मोबाइल और 1 लैपटॉप है, लेकिन अदालत में कोई ठोस डिजिटल सबूत अब तक पेश नहीं किया गया है। पुलिस का कहना है कि चार्जशीट में सारे प्रमाण पेश किए जाएंगे।

Jyoti Malhotra Spy Case

वकील का आरोप- FIR सेल्फ इंक्रिमिनेटिंग स्टेटमेंट पर आधारित, जो गैरकानूनी है

ज्योति की तरफ से पैरवी कर रहे वकील कुमार मुकेश का कहना है, "FIR में पुलिस ने लिखा है कि ज्योति ने खुद कबूला कि वह पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रही थी। यानी पुलिस के पास पहले से कोई इनपुट नहीं था। यह पूरी तरह असंवैधानिक है।"

उनका दावा है कि संविधान के आर्टिकल-20 के तहत किसी व्यक्ति को खुद के खिलाफ गवाही देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। साथ ही, भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 25 और 23A के मुताबिक पुलिस कस्टडी में दिया गया बयान अदालत में मान्य नहीं होता।

15 को छोड़ा, 16 को फिर बुलाकर गिरफ्तार कर लिया गया

वकील कुमार मुकेश ने हिसार में दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि "15 मई को ज्योति को पूछताछ के लिए बुलाया गया और शाम को छोड़ भी दिया गया। अगले दिन उसे फिर बुलाकर गिरफ्तार कर लिया गया। यानी गिरफ्तारी से पहले कोई भी पुख्ता सबूत नहीं था।"

'ज्योति का पाकिस्तान जाना भावनात्मक कारण से था'

जब हमने पूछा कि ज्योति पाकिस्तान क्यों गई, तो वकील ने बताया कि उसका परिवार विभाजन के समय पाकिस्तान से भारत आया था। "वो अपने पुश्तैनी घर को देखना चाहती थी। इसलिए करतारपुर साहिब के लिए धार्मिक वीजा लिया। वो ट्रैवल व्लॉगर है और कई देशों का सफर कर चुकी है।"

दानिश से मुलाकात वीजा के लिए हुई, शादी की अफवाहें निराधार

ज्योति के वकील का कहना है कि ज्योति ने पाकिस्तान हाई कमीशन में तैनात दानिश से केवल वीजा संबंधी मदद के लिए संपर्क किया था। "वो हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी गई थी, जहां हरकीरत सिंह से मिली। उसी के कहने पर दानिश से जुड़ी।" शादी या प्रेम संबंधों की बातों को उन्होंने सिरे से खारिज किया और कहा, "ये महज अफवाहें हैं।"

'पुलिस खुद कमाई का अनुमान लगा रही है'

FIR में ज्योति की मासिक कमाई 1 लाख रुपये बताई गई है। इस पर वकील ने कहा, "सोशल मीडिया से उसकी कमाई होती है, लेकिन पुलिस ने अनुमान के आधार पर कमाई जोड़ दी। यह सिर्फ धारणा है, प्रमाण नहीं।" इस मामले में 3 जून को पंजाब से जसबीर सिंह को गिरफ्तार किया गया। उनके वकील माधव शुक्ला का कहना है कि ISI लिंक के जो दावे पुलिस ने किए हैं, वे अब तक अदालत में साबित नहीं हो सके हैं।

पुलिस का पक्ष: डिजिटल सबूत मिले हैं, चार्जशीट में पेश होंगे

हिसार पुलिस से संपर्क नहीं हो सका, लेकिन जांच से जुड़े एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "मोबाइल, लैपटॉप और बैंक ट्रांजैक्शनों से कुछ अहम जानकारी मिली है। चार्जशीट तैयार हो रही है, जिसमें सबूत दिए जाएंगे।" फिलहाल ज्योति पर जिन धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है, उनमें 3 से 7 साल तक की सजा का प्रावधान है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+