Justice Surya Kant: 'एक पैसा दहेज नहीं',कौन है जस्टिस सूर्यकांत की पत्नी? कैसे शुरू हुई Love Story?
Justice Surya Kant: न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने आज भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ ली, उन्होंने न्यायमूर्ति भूषण गवई का स्थान लिया, जो कि रविवार शाम सेवानिवृत्त हुए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर ब्राजील, भूटान, केन्या, मलेशिया, मॉरीशस, नेपाल और श्रीलंका सहित सात देशों के मुख्य न्यायाधीश अपने परिवारों के साथ उपस्थित रहे।
ये एक अभूतपूर्व ऐतिहासिक पल था क्योंकि यह भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में पहली बार हुआ कि CJI के शपथ ग्रहण समारोह में इतने बड़े वैश्विक न्यायिक प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया।

आपको बता दें कि किसान पुत्र जस्टिस सूर्यकांत के परिवार में हर कोई काफी पढ़ा लिखा है, पिता ने बचपन से ही अपने बच्चों को शिक्षा का महत्व समझाया और इसी कारण कांत परिवार ने कड़ी मेहनत और पढ़ाई को अपना शस्त्र बनाया और जीवन की ऊंचाईयों को छूते चले गए।
Justice Surya Kant की पत्नी का नाम सविता
मालूम हो कि देश के इतनी बड़ी पोस्ट पर आसीन होने वाले न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पत्नी का नाम सविता है, जो कि जीवन भर एजुकेशन सेक्टर से जुड़ी रहीं, वो कॉलेज से प्रिंसिपल के पद से रिटायर हुई हैं। वह अंग्रेजी की प्रोफेसर रही हैं।
'लड़कियां ही सबसे बड़ा धन हैं'
दैनिक भास्कर की खबर के मुताबिक हालांकि दोनों की शादी तो परिवार वालों की मर्जी से हुई थी लेकिन कहा जाता है कि इस शादी के लिए न्यायमूर्ति सूर्यकांत सिर्फ इसलिए तैयार हुए थे क्योंकि दहेज ना लेने की शर्त रखी थी।
सविता की प्रतिभा से काफी प्रभावित थे सूर्यकांत
वो सविता की प्रतिभा से काफी प्रभावित थे और वो हमेशा से मानते रहे हैं कि 'लड़कियां ही सबसे बड़ा धन हैं और महिला शिक्षित होती है तो घर-परिवार ही नहीं बल्कि पूरा समाज और देश आगे बढ़ता है।' आपको बता दें कि सूर्यकांत ने 1987 में जींद की सविता शर्मा से शादी की थी।

दो बेटियों के पिता हैं Justice Surya Kant
इस शादी से उनकी दो बेटियां हैं, जिनका नाम मुग्धा और कनुप्रिया है और अभी स्टूडेंट हैं,हालांकि जस्टिस सूर्यकांत का पूरा परिवार मीडिया से दूर ही रहता है इसलिए इनके बारे में ज्यादा जानकारी मौजूद नहीं है। सूर्यकांत चार भाई हैं, जिसमें वो सबसे छोटे हैं। उनके तीन भाई ऋषिकांत,शिवकांत और देवकांत हैं, आज के शपथ ग्रहण समारोह में उनका पूरा परिवार शामिल हुआ, सभी के लिए गर्व का पल था।
Justice Surya Kant ने 10वीं कक्षा तक पढ़ाई गांव से की
बताते चलें कि उनके पेटवाड़ गांव, जो हिसार से 50 किलोमीटर दूर स्थित है, अपने विशिष्ट नागरिकों के लिए जाना जाता है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत का नाम उन विशिष्ट नागरिकों की सूची में सबसे ऊपर है, जिन्होंने शीर्ष पदों पर पहुंचकर पेटवाड़ का गौरव बढ़ाया है। उनके परिवार ने बताया कि उन्होंने गांव से ही 10वीं कक्षा तक पढ़ाई की। उनके पिता मदन मोहन शास्त्री संस्कृत के विद्वान और शिक्षक थे, जबकि उनकी मां शशि देवी एक गृहिणी थीं। उनके पिता की इच्छा थी कि वह इंजीनियरिंग करें, लेकिन सूर्यकांत ने कानून को चुना।

बथुआ, बाजरे की रोटी और कढ़ी पसंद है
परिवार का कहना है कि वह अपने गांव से जुड़े हुए हैं और नियमित रूप से दौरा करते हैं, हर साल स्कूल के टॉपर्स को सम्मानित करते हैं। ऐसे दौरों पर, उनके लिए बथुआ, बाजरे की रोटी और कढ़ी सहित पारंपरिक भोजन तैयार किया जाता है। वो बहुत अच्छे कवि भी हैं और कविताओं से काफी प्रेम करते हैं। उनके गांव में आज जश्न का माहौल है और लोग जमकर मिठाइयां बांट रहे हैं।












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