Success Story: पिता ने बेंची आलू प्याज, बेटी ने BPSC क्रैक कर जिंदगी को दे दी नई दिशा

नई दिल्ली, 05 अगस्त। उड़ान हौसलों से होती है। मन में कुछ करने संकल्प हो तो मंजिल तक पहुंचने के रास्ते कितने भी कठिन हों तय हो जातें हैं। बाधाएं आती हैं लेकिन वो कुछ कर गुजरने की चाहत और अटल इरादों को डिगा नहीं पातीं। बिहार के सारण जिले की एक बेटी जब 2 बार अपने प्रयास में विफल हुई तो उसने तीसरी बार फिर से हिम्मत जुटाई और वो कर दिखाया जो उसके जीवन का उद्देश्य बन गया था।

परिस्थितियों से नहीं मानी हार

परिस्थितियों से नहीं मानी हार

दरअसल, ये कोई कहानी नहीं है। ये सारण की जूही कुमारी की परिस्थितियां हैं जिनसे लड़कर उन्होंने ये दिखा दिया कि हिम्मत हो तो बहुत कुछ किया जा सकता है। जूही बिहार के सारण जिले के मढौरा खुर्द की रहने वाली जूही कुमारी ने 66वीं बीपीएससी परीक्षा पास कर ली है। इस खबर से उनके परिवार में खुशी का माहौल है।

टेंशन के वक्त पिता ने दिया संबल

टेंशन के वक्त पिता ने दिया संबल

परिवार का गुजर बसर करने के लिए सामन्य उद्यम। पिता पर खर्च का बोझ संभालते और बच्चों की पढ़ाई। बेटी को पढ़ाया दो बार बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा में बैठाया लेकिन उसे सफलता नहीं मिला। एक समय तो ऐसा आया जब बेटी की हिम्मत टूटने लगी लेकिन पिता अपना फर्ज बखूबी निभाते फिर से हिम्मत दी और आज उसी हिम्मत से जूही ने बिहार लोकसेवा आयोग की परीक्षा पास कर ली।

आलू- प्याज बेंचने का काम करते है जूही के पिता

आलू- प्याज बेंचने का काम करते है जूही के पिता

जूही कुमारी तीन बहनें और एक भाई हैं। जूही सबसे छोटी हैं। जूही के पिता आलू प्याज के थोक विक्रेता हैं। वो सारण के मढौरा में आलू प्याज बेचते हैं। उन्होंने जूही को आगे बढ़ने और पढ़ाई जारी रखने के काफी प्रेरित किया। बीपीएससी का परीक्षा परिणाम आने के बाद जूही के पिता अनिरुद्ध प्रसाद गुप्ता भावुक होकर रोने लगे। उन्होंने कहा कि वो अपनी बेटी पर गर्व करते हैं।

दो बार मेंस में असफल हुई थीं जूही

दो बार मेंस में असफल हुई थीं जूही

जूही ने असफलताओं से हिम्मत नहीं हारी। वे तीसरे प्रयास में बीपीएससी की परीक्षा में सफल हुई हैं। इससे पहले दो अटेंप्ट में वो सफल नहीं हो पाई थीं। जूही को बीपीएससी परीक्षा में 307वीं रैंक मिली है।

परिवार को दिया सफलता का श्रेय

परिवार को दिया सफलता का श्रेय

जूही की इंटरमीडिएट तक पढ़ाई सारण के मढौरा में ही हुई। उन्होंने ग्रेजुएशन छपरा से किया। जूही की शुरुआत से ही रुचि पढ़ाई की ओर थी। बीपीएससी की परीक्षा का रिजल्ट आने पर जूही ने अपनी सफलता का श्रेय बड़े भाई और पिता को दिया है। उन्होंने कहा परिवार ने हर कदम पर उनका साथ दिया।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+