भारत में कोरोना वैक्सीन के आवेदन को जॉनसन एंड जॉनसन ने लिया वापस
भारत के दवा नियामक ने सोमवार को कहा कि जॉनसन एंड जॉनसन ने बिना कोई कारण बताए देश में अपनी कोविड-19 वैक्सीन के ट्रायल के प्रस्ताव को वापस ले लिया है।
नई दिल्ली, 2 अगस्त। भारत के दवा नियामक ने सोमवार को कहा कि जॉनसन एंड जॉनसन ने बिना कोई कारण बताए देश में अपनी कोविड-19 वैक्सीन के ट्रायल के प्रस्ताव को वापस ले लिया है। बता दें कि अमेरिकी आधारिक इस कंपनी ने अप्रैल में कहा था कि वह अपनी कोरोना वैक्सीन का भारत में ट्रायल करने के लिए मंजूरी मांग रही है। जॉनसन एंड जॉनसन की ओर से वैक्सीन के प्रस्ताव को वापस लेने से भारत के कोरोना वायरस टीकाकरण अभियान पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। देश की बड़ी आबादी का टीकाकरण करने के लिए भारत को भारी मात्रा में वैक्सीन की जरूरत है। वर्तमान में भारत में केवल एक विदेशी वैक्सीन (रूस की स्पूतनिक वी) का प्रयोग हो रहा है।

85 फीसदी कारगर है वैक्सीन
इससे पहले जॉनसन एंड जॉनसन ने दावा किया था कि उसकी वैक्सीन कोरोना के खिलाफ 85 फीसदी कारगर है।
खून का थक्का जमने की आई थी शिकायतें
अमेकिरा में जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन से कुछ लाभार्थियों में खून का थक्का जमने जैसी शिकायतें आई थीं, जिसके बाद इस वैक्सीन का ट्रायल बंद कर दिया गया था। कंपनी ने अप्रैल महीने में भारत में अपनी वैक्सीन के ट्रायल के लिए आवेदन दिया था।
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डेल्टा वेरिएंट पर कारगर वैक्सीन
जॉनसन एंड जॉनसन ने दावा किया है कि उसकी वैक्सीन कोरोना के खतरनाक डेल्टा वैरिएंट और अन्य वैरिएंट के खिलाफ कारगर है।
भारत ने अभी तक चार टीकों को दी मंजूरी
भारत में चल रहे कोरोना वायरस टीकाकरण अभियान में चार टीके इस्तेमाल में लाए जा रहे हैं, जिनमें एस्ट्राजेनेका का कोविशील्ड, भारत बायोटेक की कोवैक्सिन, रूस की स्पूतनिक वी और मॉडर्न की वैक्सीन शामिल है।












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