जॉनसन एंड जॉनसन ने भारत में अपनी सिंगल डोज कोविड वैक्सीन के इस्तेमाल की मांगी मंजूरी
जॉनसन एंड जॉनसन ने अपनी कोविड वैक्सीन के इस्तेमाल की मांगी मंजूरी
नई दिल्ली, 6 अगस्त: अमेरिका की फार्मा कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन ने भारत सरकार से अपनी सिंगल डोज कोविड-19 वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए मंजूरी मांगी है। कंपनी ने शुक्रवार को अपनी वैक्सीन के इस्तेमाल के लिए आवेदन किया है। जॉनसन एंड जॉनसन ने इससे पहले अप्रैल में अपने टीके का ट्रायल भारत में करने के लिए आवेदन किया था। जिसे इसी हफ्ते कंपनी ने वापस ले लिया था। सोमवार को भारतीय दवा नियामक ने बताया था कि जॉनसन एंड जॉनसन ने बिना वजह बताए देश में अपने कोविड वैक्सीन के मंजूरी के अपने प्रस्ताव को वापस ले लिया। चार दिन बाद अब कंपनी ने वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी मांगी है।

जॉनसन एंड जॉनसन ने भारत में वैक्सीन का क्लिनिकल ट्रायल शुरू करने के उद्देश्य से अप्रैल में केंद्र सरकार से संपर्क किया था। हालांकि नए नियमों के मुताबिक भारत में वैक्सीन के ट्रायल के लिए अमेरिकी दवा नियामक द्वारा टीके का अप्रूवल अनिवार्य नहीं है, जिसके चलते जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन को भारत में इस्तेमाल की मंजूरी मिल सकती है।
अपनी कोरोना वैक्सीन को लेकर जॉनसन एंड जॉनसन ने दावा किया था कि उसकी वैक्सीन कोरोना के खिलाफ 85 फीसदी कारगर है। जून में ये भी कहा गया था कि जॉनसन एंड जॉनसन की कोरोना वायरस की वैक्सीन की पहली खेप जुलाई तक भारत में आ सकती है। हालांकि ऐसा नहीं हुआ और अभी अगस्त में भी इस वैक्सीन के मिलने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है।
देश में चार टीकों को मिली है इजाजत
भारत ने अभी तक चार टीकों को मंजूरी दी गई है। इस में एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड का कोविशील्ड वैक्सीन सबसे ज्यादा इस्तेमाल में आ रहा है। इसके बाद भारत में ही तैयार भारत बायोटेक की कोवैक्सिन इस्तेमाल की जा रही है। इसके अलावा रूस की स्पूतनिक वी और मॉडर्न की वैक्सीन को भी मंजूरी मिली है। बता दें कि देश में जनवरी से टीका लगाए जाने का काम शुरु हुआ है। देश में 18 साल से ज्यादा के सभी लोगों को टीके लगाए जा रहे हैं।












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