इन लोगों की नौकरियां खतरें में हैं!
इलाहाबाद। प्रदेश के नगर निकायों में मानकों-नियमों के विरुद्ध नियुक्त किए गए संविदाकर्मियों की नौकरी खतरे में पड़ सकती है। राज्य सरकार की ओर से संविदा कर्मियों को हटाने से सम्बन्धित नीति को हाईकोर्ट ने सही बताया है।

दरअसल, ऐसे संविदाकर्मियों को हटाने का फैसला किया गया है जिन संविदा कर्मियों की नियुक्ति गलत तरीके से हुई है। जबकि कुछ संविदा कर्मियों ने याचिका दायर कर नीति को चुनौति दी थी।
जानकारी के मुताबिक मुख्य न्यायाधीश डॉ. डीवाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल न्यायपीठ ने सरकार की नीति को बताकर याचिका को खारिज कर दिया।
आपको बता दें कि राज्य सरकार ने 29 जुलाई 2012 को एक आदेश जारी कर कहा था कि नियुक्त किए गए संविदा कर्मियों की नियुक्त को समाप्त कर दिया जाए।












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