जेएनयू में हिंसा पर भड़कीं ममता बनर्जी, बोलीं- ये एक फासीवादी सर्जिकल स्ट्राइक
कोलकाता। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के कैंपस में घुसकर नकाबपोश बदमाशों द्वारा छात्रों और शिक्षकों की बुरी तरह पिटाई करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है लेकिन अभी तक किसी की आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जेएनयू में कथित तौर पर बाहर से आए बदमाशों द्वारा छात्रों की पिटाई के बाद दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने भी दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।

दिल्ली पुलिस केंद्रीय सरकार के अधीन- ममता
जेएनयू में हिंसा की घटना को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है। इस मामले पर ममता बनर्जी ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा, 'दिल्ली की पुलिस अरविंद केजरीवाल के अधीन नहीं, बल्कि केंद्रीय सरकार के अधीन है। एक तरफ उन्होंने भाजपा के गुंडों को भेजा और दूसरी तरफ उन्होंने पुलिस को निष्क्रिय कर दिया। पुलिस क्या कर सकती है अगर उनको ऊपर से निर्देश दिया जाता है। यह फासीवादी सर्जिकल स्ट्राइक है।'
ममता बनर्जी- पहले कभी नहीं देखे ऐसे हालात
ममता बनर्जी ने जेएनयू में हिंसा की घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, 'ये बहुत परेशान करने वाला है, ये पहले से तय किया गया लोकतंत्र पर हमला है। जो कोई भी उनके खिलाफ बोलता है, उसे पाकिस्तानी और देश का दुश्मन बता दिया जाता है। हमने देश में इसके पहले ऐसे हालात नहीं देखे थे।' इसके पहले केरल के सीएम ने भी जेएनयू में छात्रों पर हमले की निंदा की और संघ पर निशाना साधा था।

केरल के सीएम ने भी साधा था निशाना
पिनराई विजयन ने कहा, 'जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के कैंपस में छात्रों और शिक्षकों पर 'नाजी स्टाइल हमला' उन लोगों द्वारा किया गया जो देश में अशांति और हिंसा पैदा करना चाहते हैं।' केरल के सीएम ने निशाना साधते हुए कहा कि संघ परिवार को कैंपस में खूनखराबे के इस खतरनाक खेल को बंद करना चाहिए। अच्छा होगा यदि वे छात्रों की आवाज को समझें। बता दें कि लाठी, डंडे और लोहे की रॉड लेकर पहुंचे नकाबपोश बदमाशों ने छात्रों के अलावा शिक्षकों को भी निशाना बनाया। इस हिंसा में कई छात्र बुरी तरह जख्मी हो गए थे, जिनको बाद में एम्स में भर्ती कराया गया था।












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