#JNU - भारत विरोधी नारों का पूरा सच?
देश विरोधी नारों के साथ-साथ अफजल की फांसी का विरोध हो या फिर भारत तेरे टुकड़े होंगे सरीखे नारों के साथ शांति भंग करने का प्रयास करने की बेहद दोयम दर्जे की हरकत। जेएनयू फिलहाल काफी मुश्किल दौर से होकर गुजर रहा है। छात्रसंघ नेता कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी ने माहौल को और भी गर्म कर दिया।

बीते 4 दिनों से जेएनयू में चल रही हड़ताल के आज भी जारी रहने की उम्मीद है। लेकिन इस बीच पूरे मामले की जिम्मेदारी के साथ एक नया चेहरा चमकाया जाने लगा है। दरअसल पुलिस की एक रिपोर्ट से ये पता चला है कि देश विरोधी नारों का असली मास्टरमाइंट उमर खालिद नाम का छात्र नेता है। जिसकी पहचान डेमोक्रेटिक स्टूडेंट यूनियन नेता के तौर पर की जा रही है।
खत्म हो रही है कन्हैया की रिमांड
आपको बताते चलें कि कन्हैया की पुलिस रिमांड खत्म हो रही है, आज उसकी पेशी पटियाला हाउस कोर्ट में की जाएगी। हालांकि कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी का विरोध जगह-जगह हो रहा है। जहां एक खेमा देश द्रोहियों के साथ खड़ा नजर आ रहा है तो एक खेमे ने विरोध की खातिर आवाजों को बुलंद कर रखा है।

एबीवीपी के खिलाफ की थी नारेबाजी
माना जा रहा है कि नौ फरवरी को जेएनयू में जो हुआ उसके पीछे उमर खालिद का सबसे बड़ा रोल है। डेमोक्रेटिक स्टूडेंट यूनियन के बैनर तले खालिद ने ही उस दिन अफजल गुरु की बरसी पर कार्यक्रम का आयोजन करवाया था। कार्यक्रम में बड़ी तादाद में जेएनयू कैंपस के और बाहर के कश्मीरी छात्र शामिल हुए थे। और इस दौरान देश विरोधी नारे लगाए गए।

उमर खालिद कर रहा था अगुवाई
कार्यक्रम की इजाजत रद्द होने के बाद जब डेमोक्रेटिक स्टूडेंट यूनियन और वामपंथी संगठनों के लोग जेएनयू कैंपस में मार्च कर रहे थे तब उमर खालिद उनकी अगुवाई कर रहा था। जिस वक्त नारे लग रहे थे उमर खालिद न केवल वहां मौजूद था बल्कि जेएनयू प्रशासन और ABVP के खिलाफ उसने ही नारेबाजी शुरू की थी।

कन्हैया कुमार का करीबी है उमर खालिद
धीरे-धीरे पूरे मामले की हकीकत सामने आती जा रही है। 11 फरवरी को जब एबीवीपी के खिलाफ वामपंथियों ने प्रदर्शन किया उस वक्त भी उमर खालिद कन्हैया कुमार के साथ मौजूद था। साफ तौर पर जाहिर है कि देश विरोधी नारेबाजी हो या फिर अफजल गुरू के समर्थन में लगाए गए बुलंद आवाजों में कन्हैया कुमार भी शामिल था।

हालांकि आज कन्हैया कुमार की पेशी के साथ ही पुलिस तमाम सबूतों को कोर्ट के सामने रखेगी। देखना अहम् होगा कि देश विरोधी नारे लगाने वालों के खिलाफ क्या सजा तय की जाती है। साथ ही और क्या सच निकलकर सामने आते हैं।
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