सांसदों के कैंपस में प्रदर्शन पर JNU प्रशासन ने उपराष्ट्रपति-लोकसभा स्पीकर को लिखी चिट्ठी
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी प्रशासन ने भारत के उपराष्ट्रपति और लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर लिखकर जेएनयू के टीचर्स की शिकायत की है। उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू और सुमित्रा महाजन को लिखे पत्र में कहा गया है कि टीचर्स एसोसिएशन ने यूनिवर्सिटी कैंपस में विरोध प्रदर्शन करने के लिए दो सांसदों को बुलाया था। इस मामले में यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि एसोसिएशन ने सांसदों को ये जानकारी नहीं दी कि एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग के आगे विरोध प्रदर्शन पर हाईकोर्ट ने रोक लगा रखी है।

JNU कैंपस में विरोध प्रदर्शन में शामिल होने राजद सांसद मनोज झा और सीपीएम के जितेंद्र चौधरी टीचर्स के बुलावे पर पहुंचे थे। इस बाबत लिखे गए पत्र में कहा गया है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन को इस बात का भरोसा है कि दोनों सांसदों को हाई कोर्ट द्वारा एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग के 100 मीटर के एरिया में प्रदर्शन,धरना या पब्लिक मीटिंग पर रोक की जानकारी नहीं थी। इस तरह से एसोसिएशन ने इन दोनों संसद सदस्यों का गलत इस्तेमाल किया है।
प्रशासन ने इस मुद्दे पर उपराष्ट्रपति और लोकसभा स्पीकर का ध्यान आकर्षित किया है। प्रशासन ने इस बात का जिक्र किया है कि इस प्रकार से एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग के सामने विरोध प्रदर्शन हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन है। जेएनयू रजिस्ट्रार अजय बाबू ने ये पत्र उपराष्ट्रपति और लोकसभा स्पीकर को भेजा है।
अब JNUTA की तरफ से सफाई दी गई है और प्रशासन द्वारा लगाए गए आरोपों को गलत बताया गया है। JNUTA ने हाईकोर्ट के आदेश के उल्लंघन के आरोपों को खारिज कर दिया है। JNUTA की तरफ से कहा गया है कि ये आदेश छात्रों को प्रशासनिक ब्लॉक पर प्रदर्शन करने से रोकने के लिए था और शिक्षकों को ऐसा करने से रोकने का कोई आदेश नहीं दिया गया था। बता दें कि रोस्टर सिस्टम को लेकर ये पूरा विवाद बढ़ता दिखाई दे रहा है और एसोसिएशन ने इसी मुद्दे पर प्रदर्शन किया था।












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