क्या है ज्ञानपीठ अवार्ड, कब और क्यों की गई थी इसकी शुरुआत? देखें विजेताओं की पूरी लिस्ट
Jnanpith Awards: ज्ञानपीठ चयन समिति ने शनिवार को प्रसिद्ध उर्दू कवि गुलजार और संस्कृत विद्वान जगद्गुरु रामभद्राचार्य को 58वें ज्ञानपीठ पुरस्कार के प्राप्तकर्ता के रूप में नामित करने की घोषणा की है।
1961 में शुरू हुआ यह अवार्ड भारतीय भाषाओं को प्रमोट करने के लिए दिया जाता है। आइए जानते हैं ज्ञानपीठ पुरस्कार (Jananpith Award) से जुड़ी कुछ खास और दिलचस्प बातें।

क्या है ज्ञानपीठ अवार्ड?
ज्ञानपीठ पुरस्कार भारतीय साहित्य का सर्वोच्च पुरस्कार है। इस अवार्ड की शुरुआत भारतीय भाषाओं को प्रमोट करने के लिए की गई थी।
अब शुरू हुआ यह अवार्ड?
1961 में इस पुरस्कार की स्थापना की गई थी और 1965 में पहली बार मलयालम कवि जी. शंकर कुरुप को उनकी कृति ओडक्कुझल के लिए ये पुरस्कार दिया गया था।
किसे दिया जाता है ये अवार्ड?
इस पुरस्कार को सिर्फ भारत के नागरिक को ही दिया जाता है, जो आठवीं अनुसूची में बताई गई 22 भाषाओं में से किसी भी भाषा में लिखता हो।
पुरस्कार में क्या दिया जाता है?
पुरस्कार में 11 लाख रुपये की धनराशि, प्रशस्तिपत्र और वाग्देवी की कांस्य प्रतिमा दी जाती है।
यह अवार्ड कौन देता है?
ज्ञानपीठ एक संस्थान है। जिसका मालिक साहू जैन परिवार है। ये देश के सबसे पुराने इंडस्ट्रियलिस्ट में से एक हैं। यही इस अवार्ड को देते हैं। यह परिवार इस अवार्ड के अलावा भारत में फिल्मफेयर अवॉर्ड भी देते हैं और 'मिस इंडिया' कॉन्टेस्ट भी करवाते हैं।
इस अवार्ड का मकसद क्या है?
भारतीय ज्ञानपीठ को शुरू करने का सबसे बड़ा मकसद जैन साहित्य को बचाना था। जैन साहित्य मूल रूप से संस्कृत, पाली, प्राकृत, अपभ्रंश और मगधी में लिखा गया है। समय के साथ भारतीय ज्ञानपीठ ने मॉडर्न इंडियन लैंग्वेजेस, यानी भारत देश में बोली-लिखी जाने वाली तमाम भाषाओं में इन्वेस्ट किया, और इन भाषाओं में लेखन होता रहे, इसके लिए 'ज्ञानपीठ सम्मान' शुरू किया। 2015 में इस सम्मान में 11 लाख रूपये की राशि तय की गई।
अब तक कितनी बार दिया गया है यह अवार्ड?
अब तक 57 बार ये सम्मान दिया गया है। यह 5वीं बार होगा जब यह अवार्ड दो लोगों को दिया जाएगा।
किस भाषा को मिला है सबसे ज्यादा अवार्ड?
अब तक कन्नड़ भाषा के साहित्यकारों को सबसे ज्यादा बार ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
पुरस्कार विजेताओं की लिस्ट:
| नाम | वर्ष | भाषा | |
| 1 | जी शंकर कुरुप | 1965 | मलयालम |
| 2 | ताराशंकर बंद्योपाध्याय | 1966 | बंगाली |
| 3 | कुप्पाली वेंकटप्पागौड़ा पुट्टप्पा | 1967 | कन्नड़ |
| 4 | उमाशंकर जोशी | 1967 | गुजराती |
| 5 | सुमित्रानंदन पंत | 1968 | हिंदी |
| 6 | फ़िराक़ गोरखपुरी | 1969 | उर्दू |
| 7 | विश्वनाथ सत्यनारायण | 1970 | तेलुगु |
| 8 | बिष्णु डे | 1971 | बंगाली |
| 9 | रामधारी सिंह दिनकर | 1972 | हिन्दी |
| 10 | दत्तात्रेय रामचन्द्र बेंद्रे | 1973 | कन्नड़ |
| 11 | गोपीनाथ मोहंती | 1973 | उड़िया |
| 12 | विष्णु सखाराम खांडेकर | 1974 | मराठी |
| 13 | पी. वी. अकिलन | 1975 | तमिल |
| 14 | आशापूर्णा देवी | 1976 | बंगाली |
| 15 | के. शिवराम कारंत | 1977 | कन्नड़ |
| 16 | सच्चिदानन्द हीरानन्द वात्स्यायन 'अज्ञेय' | 1978 | हिन्दी |
| 17 | बीरेंद्र कुमार भट्टाचार्य | 1979 | असमिया |
| 18 | एस. के. पोट्टेक्कट | 1980 | मलयालम |
| 19 | अमृता प्रीतम | 1981 | पंजाबी |
| 20 | महादेवी वर्मा | 1982 | हिन्दी |
| 21 | मस्ती वेंकटेश अयंगर | 1983 | कन्नड़ |
| 22 | थकाज़ी शिवशंकर पिल्लई | 1984 | मलयालम |
| 23 | पन्नालाल पटेल | 1985 | गुजराती |
| 24 | सच्चिदानंद राउतराय | 1986 | उड़िया |
| 25 | विष्णु वामन शिरवाडकर | 1987 | मराठी |
| 26 | डॉ. सी. नारायण रेड्डी | 1988 | तेलुगु |
| 27 | कुर्रतुलैन हैदर | 1989 | उर्दू |
| 28 | विनायक कृष्ण गोकक | 1990 | कन्नड़ |
| 29 | सुभाष मुखोपाध्याय | 1991 | बंगाली |
| 30 | नरेश मेहता | 1992 | हिंदी |
| 31 | सीताकांत महापात्रा | 1993 | उड़िया |
| 32 | यू. आर. अनंतमूर्ति | 1994 | कन्नड़ |
| 33 | डॉ. एम. टी. वासुदेवन नायर | 1995 | मलयालम |
| 34 | महाश्वेता देवी | 1996 | बंगाली |
| 35 | अली सरदार जाफ़री | 1997 | उर्दू |
| 36 | गिरीश कर्नाड | 1998 | कन्नड़ |
| 37 | निर्मल वर्मा | 1999 | हिन्दी |
| 38 | गुरदयाल सिंह | 1999 | पंजाबी |
| 39 | इंदिरा गोस्वामी | 2000 | असमिया |
| 40 | राजेंद्र केशवियाल शाह | 2001 | गुजराती |
| 41 | डी. जयकांतन | 2002 | तमिल |
| 42 | विंदा करंदीकर | 2003 | मराठी |
| 43 | रहमान राही | 2004 | कश्मीरी |
| 44 | कुँवर नारायण | 2005 | हिन्दी |
| 45 | रवीन्द्र केलेकर | 2006 | कोंकणी |
| 46 | सत्य व्रत शास्त्री | 2006 | संस्कृत |
| 47 | डॉ. ओ.एन.वी. कुरुप | 2007 | मलयालम |
| 48 | अखलाक मोहम्मद खान | 2008 | उर्दू |
| 49 | श्रीलाल शुक्ल अमर कांत | 2009 | हिन्दी |
| 50 | चन्द्रशेखर कंबारा | 2010 | कन्नड़ |
| 51 | प्रतिभा रे | 2011 | उड़िया |
| 52 | रावौरी भारद्वाज | 2012 | तेलुगु |
| 53 | केदारनाथ सिंह | 2013 | हिंदी |
| 54 | भालचंद्र नेमाड़े | 2014 | मराठी |
| 55 | डॉ. रघुवीर चौधरी | 2015 | गुजराती |
| 56 | शंका घोष | 2016 | बंगाली |
| 57 | कृष्णा सोबती | 2017 | हिंदी |
| 58 | अमिताव घोष | 2018 | अंग्रेजी |
| 59 | अक्कितम अच्युतन नंबूथिरी | 2019 | मलयालम |
| 60 | नीलमणि फूकन | 2021 | असमिया |
| 61 | दामोदर मौजो | 2022 | कोंकणी |
| 62 | गुलज़ार | 2023 | उर्दू |
| 63 | जगद्गुरु रामभद्राचार्य | 2023 | संस्कृत |
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