मनी लॉन्ड्रिंग में गिरफ्तार आईएएस पूजा सिंघल की जेल पहुंचते ही बिगड़ी तबीयत

आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार झारखंड की खनन और उद्योग सचिव पूजा सिंघल को बुधवार को जब जेल लाया गया तो उन्हें चक्कर आ गया।

रांची, 12 मई: आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार झारखंड की खनन और उद्योग सचिव पूजा सिंघल को बुधवार को जब जेल लाया गया तो उन्हें चक्कर आ गया। जेल के डॉक्टरों ने उनका इलाज किया। जेल अधिकारी ने बताया कि फिलहाल उनकी हालत सामान्य है।

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    pooja singhal

    बता दें कि ईडी ने मनरेगा फंड के कथित गबन से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच में आईएएस पूजा सिंघल को गिरफ्तार किया था। ईडी ने यह कार्रवाई पूजा सिंघल पर लंबी पूछतांछ के बाद की। ईडी की टीम ने मंगलवार को पूजा सिंघल से 9 घंटे तक लंबी पूछताछ के बाद रात करीब 8 बजे उन्‍हें छोड़ दिया था। पिछले दिनों आईएएस पूजा सिंघल के खिलाफ ईडी की टीम ने कई जगहों पर छापेमारी की थी। जिसमें करोडों रुपये नकद और बेनामी संपत्ति सामने आई थी।

    25 करोड़ रुपये नकद बरामद

    पूजा सिंघल के घर से 25 करोड़ रुपये नकद बरामद हुआ। गिनने के लिए कई मशीनें लगानी पड़ी हैं। जानकारी के मुताबिक, पूजा सिंघल के चार्टर अकाउंटेंट के ठिकाने पर भी काफी रकम मिली है। यह कार्रवाई रांची में एक बिजनेसमैन अमित अग्रवाल के ठिकानों पर भी की गई है। ईडी की यह रेड झारखंड और बिहार समेत सिंघल से जुड़े देशभर में डेढ़ दर्जन से ज्यादा जगहों पर हुई है।

    सीएम हेमंत सोरेन की भरोसेमंद अफसर मानी जाती हैं सिंघल
    पूजा सिंघल अभी झारखंड की खनन और भूविज्ञान विभाग की सचिव हैं। वो झारखंड राज्य खनिज विकास निगम लिमिटेड की एमडी भी हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने उनसे जुड़े बिहार और झारखंड के अलावा दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा,कोलकाता और राजस्थान तक के ठिकानों पर छापेमारी की है। सूचना के अनुसार रांची में इस मामले में कारोबारी अमित अग्रवाल के ठिकानों पर भी छापे डाले गए हैं। रांची में जिन ठिकानों पर ईडी के अफसर कार्रवाई के लिए पहुंचे हैं उनमें सिंघल के सरकारी आवास के अलावा पंचवटी रेसीडेंसी, चांदनी चौक के हरिओम टावर, पल्स अस्पताल बरियातू, लालपुर नई बिल्डिंग जैसे ठिकानें भी शामिल हैं। पल्स अस्पताल उनके पति चलाते हैं। पूजा सिंघल पर कार्रवाई इसलिए अहम है, क्योंकि वह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भरोसेमंद अफसर मानी जाती हैं। सोरेन खुद खनन मंत्री हैं और अपने नाम से खदान के आवंटन की वजह से उनकी विधायकी पर भी तलवार लटक रही है। जानकारी के मुताबिस सिंघर पर मनरेगा घोटाले के भी गंभीर आरोप हैं।

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