जेडीयू की मांग- NPR में माता-पिता के कॉलम को हटाए सरकार
नई दिल्ली। जेडी (यू) ने शुक्रवार को एनडीए की बैठक के दौरान मोदी सरकार से राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) प्रश्नावली में माता-पिता के विवरणों को हटाने के लिए आग्रह किया है।बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बीते दिनों कहा था कि एनपीआर के पुराने मॉडल को लागू करने को लेकर वह केंद्र सरकार से बातचीत करेंगे। बता दें कि हाल ही में नीतीश ने कहा था कि एनपीआर 2012 की स्थिति में ही होना चाहिए।

जेडीयू की ओर से ललन सिंह ने एनडीए की बैठक में एनपीआर को 2012 के मॉडल पर कराए जाने की मांग उठाई। ललन सिंह ने बताया कि उन्होंने बैठक में यह मुद्दा उठाया और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भरोसा दिया कि इस मामले पर चर्चा की जाएगी। सिंह ने बताया कि शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के अन्य सहयोगियों ने भी इस मुद्दे पर जेडीयू का समर्थन किया है।
इससे पहले मंगलवार को नीतीश कुमार ने पटना में कहा था कि नए प्रश्नों को जोड़ने के बाद भ्रम की स्थिति बनी है, खासकर माता-पिता का जन्म और उम्र और इस जानकारी की कोई ज़रूरत नहीं है। बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आवास पर बीते दिनों बुलायी गयी बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा था कि एनपीआर के कई बिंदुओं को लेकर आपत्ति है। उन्होंने कहा था कि एनपीआर के पुराने मॉडल को लागू करने को लेकर वह केंद्र से बातचीत करेंगे।
#WATCH Asha Devi, mother of the 2012 Delhi gang-rape victim: The lawyer of the convicts, AP Singh has challenged me saying that the convicts will never be executed. I will continue my fight. The government will have to execute the convicts. pic.twitter.com/VynpcSLhyp
— ANI (@ANI) January 31, 2020
वहीं नए नागरिक कानून के बारे में उन्होंने कहा था कि लोगों को सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का इंतजार करना चाहिए। केंद्र सरकर को माहौल को सामान्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन्हें आपत्ति है उन्हें इस मामले में सर्वोच्च न्यायलय के सामने बहस करनी चाहिए,लेकिन विभिन्न राज्य सरकर द्वारा इसके खिलाफ जो प्रस्ताव पारित किए जा रहे हैं, हर प्रदेश का अपना-अपना अधिकार और राय होता है।












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