CET Exam में छात्रों का उतरवाया गया जनेऊ! कर्नाटक सरकार पर आगबबूला BJP बोलीं- क्या हिंदू होना अपराध है?
Janeu Removal Row: कर्नाटक में हिंदू छात्रों को लेकर एक नया विवाद गरमा गया है। कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) दे रहे छात्रों से कथित तौर पर उनके 'जनेऊ' (पवित्र धागा) हटाने को कहा गया। इस घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी आगबबूला हो गई है उसने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर 'हिंदू विरोधी' होने और दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है।
इस घटना को लेकर जांच के आदेश दिए गए हैं और परीक्षा में शामिल कई कर्मचारियों को निलंबित करने व हिरासत में लेने की कार्रवाई की गई है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला?

बेंगलुरू में CET परीक्षा के दौरान उतरवाया गया जनेऊ
दरअसल, यह विवाद बेंगलुरु के एक कॉलेज में शुक्रवार को CET परीक्षा के दौरान उठा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार,छात्रों का आरोप है कि मधुवाला स्थित केंद्र पर इनविजिलेटरों ने उनसे कहा कि यदि वे परीक्षा देना चाहते हैं तो उन्हें अपना जनेऊ हटाना होगा। यह घटना मुख्य रूप से पांच ब्राह्मण छात्रों के साथ हुई, जिन्हें कथित तौर पर अपने शरीर पर धारण किए जाने वाले इस पवित्र धागे को हटाने के लिए मजबूर किया गया।
"क्या कर्नाटक में हिंदू होना अपराध है?
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए एक्स पर एक वीडियो पोस्ट साझा किया। उन्होंने पूछा, "क्या कर्नाटक में हिंदू होना अपराध है? छात्रों को जनेऊ पहनने के कारण परीक्षा हॉल में प्रवेश करने से रोका गया और उन्हें एक कठोर विकल्प दिया गया - अपने धर्म या भविष्य में से किसी एक को चुनें।" पूनावाला ने यह भी आरोप लगाया कि ऐसी ही घटना पिछले साल भी हुई थी।
उन्होंने कर्नाटक सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति करने और दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। पूनावाला ने कहा, "कर्नाटक में हमने तुष्टिकरण की राजनीति देखी है। मुस्लिम आरक्षण, केवल मुसलमानों के लिए बजट, और कोटा व अनुबंध पर काम मुसलमानों को मिला। लेकिन हिंदुओं को परीक्षा देने के लिए अपना पवित्र जनेऊ हटाना पड़ता है, जिसकी अदालतें भी अनुमति देती हैं।"
भाजपा नेता ने कांग्रेस सरकार पर अन्य राज्यों में भी इसी तरह का रवैया अपनाने का आरोप लगाया, जहां कक्षाओं में हिजाब और बुर्का की अनुमति दी जाती है। उन्होंने आगे कहा, "यह विभिन्न कांग्रेस शासित राज्यों में हुआ है। कांग्रेस हिजाब और बुर्का को कक्षा के भीतर रखने का अधिकार मानती है। वे कहते हैं कि इसकी अनुमति दी जानी चाहिए, भले ही अदालतों ने इसे खारिज कर दिया हो।"
पूनावाला ने यह भी जोड़ा, "लेकिन जनेऊ के मामले में वे इसे हटाना चाहते हैं। यह पहली बार नहीं हुआ है। तेलंगाना और अन्य राज्यों में तो तिलक और मंगलसूत्र भी हटवाए गए थे, लेकिन हिजाब ठीक है। हिंदुओं के साथ इसी तरह का दोयम दर्जे का व्यवहार किया जा रहा है।" उन्होंने कांग्रेस पार्टी के नाम को INC से बदलकर "MMC - मुस्लिम लीग माओवादी कांग्रेस" या "इस्लामिक नेशनल खिलाफत पार्टी" करने का सुझाव दिया।
जैसे ही यह विवाद राजनीतिक रंग लेने लगा, क्रुपानिधि कॉलेज ने कथित इनविजिलेटर को जांच लंबित होने तक निलंबित कर दिया। सरकार ने भी इस मामले में गहन जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और परीक्षा जांच के प्रभारी कॉलेज के तीन कर्मचारियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी कर्नाटक में ऐसी ही घटना हुई थी, जिसके बाद सरकार ने निर्देश दिए थे कि CET परीक्षा के दौरान उम्मीदवारों से जनेऊ हटाने के लिए नहीं कहा जाएगा।












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