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जम्मू-कश्मीर के सरकारी दफ्तरों में पेन ड्राइव के इस्तेमाल पर पाबंदी, आखिर सरकार ने क्यों लिया ये फैसला?

Jammu Kashmir pen drive ban: जम्मू-कश्मीर सरकार (Jammu Kashmir ) ने साइबर सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने आदेश जारी कर साफ कर दिया है कि अब प्रदेश के सभी सरकारी विभागों में आधिकारिक कंप्यूटरों और लैपटॉप पर पेन ड्राइव का इस्तेमाल पूरी तरह से बैन होगा।

यह पाबंदी सिविल सचिवालय जम्मू और श्रीनगर से लेकर सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नर दफ्तरों तक लागू होगी। दरअसल, सरकार के इस फैसले का मकसद सरकारी डाटा को साइबर अपराधियों से बचाना और डिजिटल सिस्टम को और सुरक्षित बनाना है। आईए जानते हैं सरकार ने क्यों लिया यह फैसला..

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J&K govt cyber security: क्यों लिया गया यह फैसला?

आदेश में कहा गया है कि पेन ड्राइव के जरिए अक्सर डेटा चोरी, मैलवेयर संक्रमण और अनधिकृत एक्सेस जैसी घटनाएं सामने आती हैं। इसी खतरे को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। अब से पेन ड्राइव का उपयोग सिर्फ उन्हीं मामलों में किया जाएगा, जहां इसकी वास्तविक आवश्यकता हो।

कब मिलेगी पेन ड्राइव इस्तेमाल की अनुमति?

यदि किसी विभाग में पेन ड्राइव का उपयोग बेहद जरूरी है, तो सिर्फ 2-3 पेन ड्राइव प्रति विभाग नियंत्रित व्हाइटलिस्टिंग के तहत इस्तेमाल की जा सकेगी।

अगर किसी सरकारी विभाग को कामकाज के लिए पेन ड्राइव की ज़रूरत पड़ेगी, तो उस विभाग के प्रमुख (हेड) को पहले औपचारिक तौर पर लिखित अनुरोध करना होगा। यह अनुरोध नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) के स्टेट इंफॉर्मेटिक्स ऑफिसर (SIO) को भेजा जाएगा। जब SIO से मंजूरी मिल जाएगी, तब वह पेन ड्राइव संबंधित NIC दफ्तर में जमा करनी होगी। वहां उस पेन ड्राइव की ऑडिट, सेटिंग बदलना, कंट्रोल और ओनरशिप रजिस्ट्रेशन दर्ज किया जाएगा। उसके बाद ही उस पेन ड्राइव का इस्तेमाल किया जा सकेगा।

सरकार ने सुझाया सुरक्षित विकल्प

सरकार ने पेन ड्राइव के विकल्प के रूप में सभी विभागों को GovDrive (https://govdrive.gov.in) प्लेटफॉर्म अपनाने का निर्देश दिया है। यह एक क्लाउड-आधारित, सुरक्षित मल्टी-टेनेंट प्लेटफॉर्म है, जो हर सरकारी अधिकारी को 50 GB तक सुरक्षित स्टोरेज उपलब्ध कराता है। इससे फाइलें आसानी से अलग-अलग उपकरणों पर सिंक की जा सकती हैं।

WhatsApp और WeTransfer का उपयोग भी बैन

आदेश में यह भी साफ कहा गया है कि संवेदनशील और गोपनीय दस्तावेजों को WhatsApp, WeTransfer या अन्य असुरक्षित प्लेटफॉर्म पर शेयर करना सख्त मना है। इसमें ICT आर्किटेक्चर डायग्राम, सिस्टम कॉन्फ़िगरेशन, वल्नरेबिलिटी रिपोर्ट्स और सिक्योरिटी ऑडिट रिपोर्ट जैसे दस्तावेज शामिल हैं। इसके बजाय विभागों को GovDrive, e-Office और सरकारी ईमेल का उपयोग करने का निर्देश दिया गया है।

सख्त कार्रवाई का प्रावधान

सरकार ने चेतावनी दी है कि इन नियमों का पालन न करने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह कदम सरकार के डिजिटल इकोसिस्टम को सुरक्षित रखने और संवेदनशील डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य बताया गया है।

जम्मू-कश्मीर प्रशासन का यह निर्णय न केवल साइबर सुरक्षा को मजबूत करेगा बल्कि संवेदनशील सूचनाओं के दुरुपयोग को भी रोकने में अहम भूमिका निभाएगा। सरकार ने सभी विभागों को इस आदेश के पालन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा है।

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