घाटी में 71% मतदान के साथ आतंकियों को जोर का तमाचा
श्रीनगर। आतंकी संगठन हिजुबल मुजाहिद्दीन की धमकी, शोपिंया में सरपंच की हत्या, एलओसी पर आतंकी घुसपैठ और कुलगाम में पत्थरबाजी, मंगलवार को जब घाटी में मतदान हो रहा था, तो एक-एक करके आतंकियों के इस तरह के मंसूबे नाकाम होते नजर आ रहे थे। पहले दौर की तरह ही दूसरे दौर में भी घाटी के मतदाताओं ने 71 प्रतिशत मतदान कर जैसे आतंकियों के मुंह पर एक करारा तमाचा मारा है।

जज्बे के आगे हारी ठंड
पहले दौर के मतदान के बाद हिजबुल मुजाहिद्दीन की ओर से घाटी के लोगों को चुनावों से दूर रहने की धमकी दी गई थी। लेकिन मंगलवार की सुबह आठ बजते ही घाटी में मतदान की शुरुआत हुई, देखते ही देखते पोलिंग बूथ पर मतदाताओं की कतार नजर आने लगी।
एक मतदाता से जब पूछा गया इतनी ठंड में भी वह वोट डालने आई हैं तो उनका जवाब था, 'जज्बा है।' यह जज्बा ही थी कि पोलिंग बूथ पर महिलाएं भी सुबह-सुबह नजर आ रही थीं। मंगलवार को घाटी का तापमान करीब दो डिग्री था।
अलगाववादियों ने मंगलवार को बंद और साथ ही मतदान का बहिष्कार करने का आह्वान किया था। अधिकांश हिस्सों में बंद का असर तो देखा गया, लेकिन लोगों ने बहिष्कार के अह्वान को दरकिनार मतदान किया।
हंदवाड़ा शहर के सभी पांच मतदान केंद्रों पर बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष मतदाताओं को देखा गया। बहुत से मतदाताओं ने कहा कि वे ऐसे बदलाव के लिए मतदान करने आए हैं, जिससे उन्हें रोजगार, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, सड़क तथा स्कूल मिले।
गुल अरनास विधानसभा सीट पर सर्वाधिक 66. 02 फीसदी मतदान हुआ जबकि रियासी 65 फीसदी मतदान के साथ दूसरे स्थान पर है। गुलबर्ग में 64. 19 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाला जबकि उधमपुर और रामनगर में दोपहर दो बजे तक क्रमश: 63. 27 फीसदी और 62. 42 फीसदी मतदाताओं ने मतदान किया।
पत्थरबाजी और घुसपैठ
जिस समय वोटिंग हो रही थी उसी समय नौगाम में सेना की मुठभेड़ चल रही थी। दूसरी तरफ कुलगाम में लोगों ने चुनावों का बहिष्कार किया हुआ था। इसकी वजह से सुरक्षाबलों पर पत्थर तक फेंके गए लेकिन इन घटनाओं के बाद भी वोटर्स लगातार वोट करते रहे। नतीजा जब वोटिंग खत्म हुई तो आंकड़ा 71 तक जा पहुंचा।
घाटी के लैंगेट के मतदान केंद्रों- करगामा, लैंगेट तथा अन्य केंद्रों पर भी मतदाताओं की लंबी कतार देखी गई। अधिकतर मतदाताओं ने कहा कि वे विकास और बेहतर कल के लिए बदलाव चाहते हैं। करगाना मतदान केंद्र पर 48 वर्षीय बशीर ने कहा कि पूर्व में किसी ने हमारे लिए कुछ नहीं किया।
झारखंड में भी जमकर वोटिंग
झारखंड में 18 विधानसभा सीटों के लिए मंगलवार को दूसरे चरण के मतदान में शांतिपूर्ण ढंग से 65 प्रतिशत से अधिक लोगों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया।
पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और मधु कोड़ा समेत कुल 223 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला आज के मतदान में हुआ जहां सत्तर प्रतिशत बूथ संवेदनशील या अति संवेदनशील थे जिसे देखते हुए बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गयी थी।
झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी पीके जाजोरिया ने बताया कि पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में कल नक्सली हमले को देखते हुए मतदान के दूसरे चरण में हाई एलर्ट रखने के आदेश दिये गये थे।
उन्होंने बताया कि अब तक मिली सूचना के अनुसार छह जिलों के 18 विधानसभा क्षेत्रों में शांतिपूर्ण ढंग से 65 प्रतिशत से अधिक मतदान होने की संभावना है और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।












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