कुपवाड़ा में LoC के 100 मीटर के अंदर ढेर लश्कर के दो आतंकी, पीछे छोड़ गए चीन-पाकिस्तान की दोस्ती के सुबूत
श्रीनगर। सेना ने शनिवार को उत्तर कश्मीर के कुपवाड़ा में दो आतंकियों को ढेर किया है। कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा के नौगाम सेक्टर में सेना की तरफ से एक सर्च ऑपरेशन चलाया गया था। इसी दौरान दो आतंकियों को मारा गया है और इनके पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए हैं। महत्वपूर्ण बात है कि दोनों आतंकियों के पास से जो हथियार बरामद हुए है, वह मेड इन चाइना हैं और करेंसी पाकिस्तान की है।
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पांच अगस्त से पहले बड़ी तबाही की साजिश
श्रीनगर में सेना के पब्लिक रिलेशन ऑफिसर (पीआरओ) की तरफ से आतंकियों के ढेर होने की पुष्टि की गई। इन दोनों आतंकियों को नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर 100 मीटर के दायरे में मारा गया है। आर्मी पीआरओ की तरफ से बताया गया है कि शनिवार की सुबह जवानों को नौगाम सेक्टर में कुछ संदिग्ध गतिविधियां देखने को मिली थी। नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर होने वाली गतिविधियों के बाद जवानों ने ऑपरेशन लॉन्च किया। इस ऑपरेशन में दो एके-47 राइफल और भारी मात्रा में गोला बारूद बरामद हुआ है। सूत्रों के मुताबिक ये आतंकी जम्मू और कश्मीर में आर्टिकल 370 हटने के एक साल पूरे होने के मौके पर बड़ी हिंसा की योजना के साथ दाखिल हुए थे।

एक आतंकी कुपवाड़ा का रहने वाला
जो दो आतंकी मारे गए हैं उनमें से एक आतंकी 23 साल का इदरीस भट था और यह कुपवाड़ा के हंदवाड़ा का ही रहने वाला था। साल 2018 में इदरीस वाघा बॉर्डर क्रॉस कर पाकिस्तान पहुंचा था। आतंकियों के पास से एके-47 असॉल्ट राइफल्स के अलावा मेड इन चाइना पिस्टल मिली है। इसके अलावा ऑस्ट्रिया की टेक्नोलॉजी पर आधारित चार हैंड ग्रेनेड भी बरामद किए गए हैं। इन हैंड ग्रेनेड्स को पाकिस्तान की ऑर्डनेंस फैक्ट्री में तैयार किया गया था। जम्मू कश्मीर पुलिस की तरफ से इस बात की जानकारी दी गई है।

तार काट कर अंदर दाखिल होने की कोशिशें
जो ग्रेनेड्स शनिवार को आतंकियों के पास से मिले हैं, वो बिल्कुल उसी तरह के हैं जिनका प्रयोग साल 2001 में जैश-ए-मोहम्मद ने संसद पर हमले के लिए किया था। ये ग्रेनेड्स 20 मीटर के दायरे में कई लोगों की जान ले सकते हैं। शनिवार के ऑपरेशन को सेना की सिख लाइट इनफेंट्री की तरफ से अंजाम दिया गया है। सेना के सूत्रों की तरफ से बताया गया है कि दोनों आतंकी नौगाम सेक्टर के करीब पाकिस्तानी पोस्ट की मदद से कुपवाड़ा जिले में दाखिल होने की कोशिशें कर रहे थे। उन्होंने पहले एलओसी पर लगी कांटे की तार को काटा और फिर अंदर आने की कोशिश करने लगे। तभी उन्हें सिख लाइट इनफेंट्री के जवानों ने रोक लिया।

200 से 300 आतंकी घुसपैठ को रेडी
बारामूला स्थित सेना की 19वीं डिविजन के जनरल ऑफिसर इन कमांड (जीओसी) मेजर जनरल वीरेंद्र वत्स ने बताया कि सैनिकों ने दीवार काटकर आतंकियों को खत्म करने के लिए जो प्रतिक्रिया जरूरी थी, वही दी। उन्होंने बताया कि एलओसी के पार लॉन्चपैड्स पर करीब 250-300 आतंकवादी मौजूद हैं। मेजर जनरल वीरेंद्र वत्स ने एलओसी पर घुसपैठ की वर्तमान स्थिति पर कहा, मिले इनपुट से संकेत मिलता है कि उनके लॉन्चपैड पूरी तरह से कब्जे में हैं। अगर अनुमान लगाएं तो यह संख्या 250-300 आतंकवादियों के बीच कुछ भी हो सकती है, जो वर्तमान में लॉन्चपैड्स पर कब्जा किए हुए बैठे हैं।












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