बुरहान की मौत के बाद कश्मीर में जहां लगा था कर्फ्यू, वहां पाकिस्तान पर फूटा लोगों का आक्रोश
श्रीनगर। सेना की जैकलाई रेजिमेंट में तैनात लांस नायक मोहम्मद इकबाल का पार्थिव शरीर जैसे ही पुलवामा के त्राल स्थित उनके घर पहुंचा, वहां मौजूद गांव के हर शख्स की आंखें नम हो गईं। कुछ ऐसा गमगीन मंजर कुपवाड़ा के लोलाब में भी दिखा। यहां जेसीओ मोहम्मद अशरफ मीर का पार्थिव शरीर मंगलवार को लाया गया तो स्थानीय लोग गुस्से से लाल हो गए। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अशरफ मीर को पूरे सम्मान के साथ सुपुर्दे खाक किया गया। मोहम्मद अशरफ मीर और मोहम्मद इकबाल दोनों सुंजवान आतंकी हमले में शहीद हो गए थे। हमले में भारतीय सुरक्षाबलों ने 3 आतंकियों को ढेर कर दिया था। आतंकी हमले में भारत के 6 जवान शहीद हो गए, जबकि एक आम नागरिक की भी मौत हो गई।

मोहम्मद इकबाल त्राल के रहने वाले थे। आतंक का पोस्टर बॉय बुरहान वानी भी इसी गांव का था। यहां जब इकबाल का शव लाया गया तो लोगों ने पाकिस्तान पर जमकर भड़ास निकाली। सुंजवान में जब आतंकी हमला हुआ, उस वक्त मोहम्मद इकबाल के पिता भी कैंप में मौजूद थे। हमले में उनकी भी मौत हो गई।
त्राल में मंगलवार को जब शहीद इकबाल के साथ उनके पिता का भी शव लाया गया तो हर शख्स की आंखें नम हो गईं। यह वही गांव है, जिसमें भी 8 मई, 2016 को सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ में हिज्बुल आतंकी बुरहान की मौत के बाद कर्फ्यू लगाना पड़ा था। बुरहान की मौत के बाद कई जगहों पर हिंसक घटनाएं हुई थीं।












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