नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ जमीयत उलेमा ने SC में दायर की याचिका
नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन जारी है। एक तरफ जहां लोग इस कानून के खिलाफ सड़क पर आंदोलित हैं तो वहीं दूसरी तरफ इस कानून के खिलाफ कोर्ट में भी लड़ाई शुरू हो गई है। जमीयत उलेमा ए हिंद ने इस कानून के खिलाफ आज सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इससे पहले तकरीबन 15 याचिकाएं नागरिकता कानून के खिलाफ दायर की गई है। इन तमाम याचिकाओं पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। जो याचिकाएं दायर की गई हैं उसमे पीस पार्टी, रिहाई मंच, जयराम रमेश, प्रद्योत देब बर्मन, जन अधिकार पार्टी, एमएल शर्मा, एएएसयू, असदुद्दीन ओवैसी, महुआ मोइत्रा की ओर से कोर्ट में याचिकाएं दायर की गई हैं।

कानून का हो रहा है विरोध
बता दें कि पूर्वोत्तर राज्यों व असम में नागरिकता संशोधन एक्ट के पास होने के बाद प्रदर्शन काफी उग्र हो गया है। इस बिल को संसद में पास करने के बाद राष्ट्रपति ने 12 दिसंबर को इसे अपनी मंजूरी दे दी थी, जिसके बाद से यह कानून बन गया था। गौरतलब है कि इस एक्ट में हिंदू, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी धर्म के उन लोगों को नागरिकता दिए जाने का प्रावधान है जोकि अफगानिस्तान, पाकिस्तान या बांग्लादेश के नागरिक हैं और इनका इनके देश में धर्म के आधार पर उत्पीड़न हुआ है
उग्र प्रदर्शन
बता दें कि नागरिकता कानून के खिलाफ दिल्ली के जामिया इलाके में काफी उग्र प्रदर्शन हुआ, जिसके बाद दर्जनों लोगों को गिरफ्तार किया गया। यही नहीं आज एक बार फिर से दिल्ली के जाफराबाद और सीलमपुर इलाके में नागरिकता कानून के खिलाफ हिंसा भड़क गई, जिसमे कई पुलिसवालें चोटिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। उपद्रवियों ने डीटीसी की 3 बसों में तोड़फोड़ की, वहीं पुलिस की एक मोटरसाइकिल में आग लगा दी है। जवाब में पुलिस ने भीड़ को काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े हैं।
सुरक्षाबल तैनात
इलाके में भारी संख्या में पुलिसबल की तैनाती कर दी गई है। वहीं सीलमपुर में हिंसा पर दिल्ली पुलिस के जॉइंट कमिश्नर आलोक कुमार ने कहा कि 'एक भी गोली नहीं छोड़ी गई है। केवल आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया है। स्थिति काबू में है, कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। 2 सार्वजनिक परिवहन की बसें, 1 रैपिड ऐक्शन फोर्स की बस और कुछ बाइकों को नुकसान पहुंचाया गया है।












Click it and Unblock the Notifications