शोपियां में ढेर हुआ जैश का टॉप कमांडर मुन्ना लाहौरी, आईईडी बनाने में था एक्सपर्ट
श्रीनगर। शनिवार की सुबह दक्षिण कश्मीर के शोपियां में जो एनकाउंटर हुआ उसमें सुरक्षाबलों ने जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकियों को ढेर कर दिया है। जो दो आतंकी मारे गए हैं उनमें से एक आतंकी है मुन्ना लाहौरी उर्फ बिहारी। यह वही मुन्ना लाहौरी जिसकी तलाश सेना को जून में पुलवामा में कॉन्वॉय पर हुए आतंकी हमले के बाद से थी। इस एनकाउंटर में लाहौरी के एक साथी को भी ढेर किया गया है और उसकी पहचान होनी अभी बाकी है।

पाकिस्तान का था लाहौरी
19 साल का लाहौरी पाकिस्तान का रहने वाला था और जैश का टॉप कमांडर था। वह आईईडी एक्सपर्ट था और सुरक्षाबलों की गाड़ियों पर आईईडी फिट करने की ट्रेनिंग स्थानीय युवाओं को देता था। 17 जून को जैश के आतंकियों ने पुलवामा में सेना के काफिले को निशाना बनाने की कोशिश की थी। उसके बाद से लाहौरी की तलाश जारी थी।

लाहौरी की तलाश में सब कुछ एक
इस हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने लाहौरी की तलाशी के लिए सर्च ऑपरेशन में सब कुछ झोंक दिया था। इंटेलीजेंस सूत्रों की मानें तो लाहौरी ने ही ब्लास्ट में प्रयोग हुए आईईडी को तैयार किया था। बम तैयार करने के बाद लाहौरी ने इसमें ब्लास्ट भी किया था। दिन रात छापेमारी की जा रही थी और पुलवामा के हर घर में लाहौरी को तलाशा जा रहा था। ऑफिसर्स की मानें तो लाहौरी आईईडी बनाने में एक्सपर्ट था।

पिछले साल आया था कश्मीर
पाकिस्तान का रहने वाला लाहौरी पिछले वर्ष कश्मीर घाटी में दाखिल हुआ और उसके पास भारी हथियार और एक्सप्लोसिव्स थे।लाहौरी ने पुलवामा और शोपियां को अपना अड्डा बनाया। लाहौरी, कश्मीर के स्थानीय युवकों को लोकल मैटेरियल की मदद से आईईडी कैसे तैयार होता है, इसकी ट्रेनिंग में लगा है। एजेंसियों की मानें तो लाहौरी, पुलवामा की तरह एक और हमले की साजिश रच रहा था।

पुलवामा में सेना के काफिले को बनाया निशाना
17 जून को पुलवामा में जो आतंकी हमला हुआ था उसमें दो जवान शहीद हो गए थे। हमला राष्ट्रीय राइफल की मोबाइल पेट्रोल टीम पर हुआ था। जून में हुआ हमला 14 फरवरी को सीआरपीएफ काफिले पर हुए हमले की तर्ज पर था। लेकिन सेना पहले से सतर्क थी और आतंकी ज्यादा नुकसान नहीं कर पाए। यह हमला पुलवामा आतंकी हमले वाली जगह से बस 30 किलोमीटर की दूरी पर हुआ था।












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