Vice Presidential Polls 2022: चित्तौड़गढ़ सैनिक स्कूल के छात्र रहे हैं धनखड़, पुरानी तस्वीर में पहचानना मुश्किल
नई दिल्ली, 19 जुलाई। NDA ने उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार पश्चिम बंगाल के तेजतर्रार राज्यपाल रहे जगदीप धनखड़ को बनाया है, सोमवार को उन्होंने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल भी कर दिया है। अपने फैसलों से हमेशा लोगों को चौंकाने वाली भाजपा ने इस बार भी लोगों को अचरज में डाल दिया है तो वहीं सियासत के पुरोधागण इसे भाजपा का मास्टर स्ट्रोक मान रहे हैं क्योंकि इसके जरिए वो हरियाणा और राजस्थान को लोगों को खुश करने में जुटी है, क्योंकि साल 2023 में राजस्थान में और साल 2024 में हरियाणा में चुनाव होना है।

चित्तौड़गढ़ के सैनिक स्कूल के छात्र रहे हैं धनखड़
फिलहाल जगदीप धनखड़ के उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने से हैरिटेज सिटी चित्तौड़गढ़ के सैनिक स्कूल के छात्र काफी खुश हैं क्योंकि जगदीप धनखड़ यहीं के छात्र रहे हैं। आपको बता दें कि इसी आर्मी स्कूल से सेनाअध्यक्ष जनरल दलबीर सुहाग भी पढ़े हैं।
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हॉकी के भी अच्छे प्लेयर थे
जगदीप धनखड़ की एक तस्वीर इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जो कि उनके छात्र जीवन की है। उनकी इस दुर्लभ तस्वीर में उन्हें पहचानना थोड़ा मुश्किल है लेकिन फिर भी ये तस्वीर इस वक्त लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
धनखड़ कैडेट वाले यूनिफार्म में हैं
इस तस्वीर में धनखड़ कैडेट वाले यूनिफार्म में हैं, मालूम हो कि इस सैनिक स्कूल में वो साल 1962 से 1969 तक पढ़े हैं। वो हॉकी के भी अच्छे प्लेयर रहे हैं। यहां से पास आउट होने के बाद धनखड़ ने एनडीए की परीक्षा पास की थी लेकिन एक आंख में दिक्कत होने के बाद वो इसमें भर्ती नहीं हो पाए।

टॉप वकीलों में होती थी धनखड़ की गिनती
पढ़ने में काफी मेधावी रहे धनखड़ ने आगे चलकर वकालत में स्नातक किया और इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में काफी दिनों तक वकालत की, उनकी गिनती टॉप वकीलों में होती थी।
'हमें अपने छात्र जगदीप धनखड़ पर गर्व है'
जब धनखड़ को पश्चिमी बंगाल का राज्यपाल बनाए गया था तो हैरिटेज सिटी चित्तौड़गढ़ के सैनिक स्कूल ने इस पर खुशी जताते हुए कहा था कि 'हमें अपने छात्र जगदीप धनखड़ पर गर्व है। वो शुरु से ही काफी मेहनत और मेधावी रहे हैं।'

गांव 'किठाना' में हुआ था जन्म
आपको बता दें कि धनखड़ का जन्म 18 मई 1951 को राजस्थान राज्य के झुंझुनू जिले के एक छोटे से गांव 'किठाना' में हुआ था। उनके पिता किसान थे। इसलिए नामांकन के बाद इमोशनल होते हुए धनखड़ ने कहा कि ' मैंने ख्वाब में भी नहीं सोचा था कि एक दिन मैं उपराष्ट्रपति पद पर पहचूंगा, मैं एक किसान के घर पैदा हुआ और भारत के लोकतंत्र की खूबसूरती यही है कि आज किसान का बेटा उपराष्ट्रपति पद का प्रत्याशी बना है।'

चुनाव 6 अगस्त को
मालूम हो कि देश के मौजूदा उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू का कार्यकाल 10 अगस्त को खत्म हो रहा है। विपक्ष ने उपराष्ट्रपति पद के लिए राजस्थान की पूर्व राज्यपाल मार्गरेट अल्वा को अपना उम्मीदवार बनाया है। चुनाव 6 अगस्त को होने वाला है। मतगणना भी उसी दिन होगी।












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