Jagannath Rath Yatra 2025: गौतम अडानी और पत्नी प्रीति जगन्नाथ रथ यात्रा में हुए शामिल, शुरू की 'प्रसाद सेवा'

Jagannath Rath Yatra 2025: अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी और उनकी पत्नी प्रीति अडानी ने अपने बेटे करण अडानी के साथ ओडिशा के पुरी में आयोजित विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा 2025 में हिस्सा लिया। इस पवित्र अवसर पर अडानी समूह ने तीर्थयात्रियों और अग्रिम पंक्ति के अधिकारियों के लिए 'प्रसाद सेवा' शुरू की, जो 8 जुलाई तक चलेगी। यह पहल लाखों भक्तों को स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई है।

गौतम अडानी ने एक्स पर लिखा, 'महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी की असीम कृपा से हमें पुरी धाम की पावन रथ यात्रा में सेवा का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। यह यात्रा भक्ति, सेवा और समर्पण का अनुपम उत्सव है।' अडानी समूह ने इस्कॉन और स्थानीय स्वयंसेवी संगठनों के साथ मिलकर 40 लाख भक्तों और अधिकारियों के लिए मुफ्त भोजन और पेय की व्यवस्था की है। पुरी में विभिन्न स्थानों पर प्रसाद वितरण काउंटर स्थापित किए गए हैं, साथ ही गर्मी से राहत के लिए ठंडे पेय काउंटर भी लगाए गए हैं।

Jagannath Rath Yatra 2025

रथ यात्रा में अडानी परिवार की भागीदारी

गौतम अडानी ने शनिवार, 28 जून की सुबह भुवनेश्वर हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद पुरी की ओर प्रस्थान किया। उन्होंने गुंडिचा मंदिर में पूजा-अर्चना की और रथ पूजन में भाग लिया। इसके बाद, अडानी परिवार ने इस्कॉन किचन में प्रसाद तैयार करने और वितरित करने में हिस्सा लिया। गौतम अडानी ने कहा, 'भगवान जगन्नाथ के बीच श्रद्धालुओं को देखना न केवल आध्यात्मिक अनुभव है, बल्कि यह विनम्रता से भर देता है।

जगन्नाथ रथ यात्रा का भव्य आयोजन

जगन्नाथ रथ यात्रा, जिसे श्री गुंडिचा यात्रा भी कहा जाता है, हिंदू कैलेंडर के आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाई जाती है। इस वर्ष यह 27 जून को शुरू हुई। लाखों भक्त भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा के रथों को 3 किलोमीटर दूर गुंडिचा मंदिर तक खींचते हैं, जहां देवता नौ दिनों तक विश्राम करते हैं। इसके बाद बहुदा यात्रा के दौरान वे जगन्नाथ मंदिर लौटते हैं। इस आयोजन में 10,000 सुरक्षाकर्मी, जिसमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की आठ कंपनियां शामिल हैं, तैनात किए गए हैं।

विश्व भर से श्रद्धालुओं का उत्साह

पुरी में दुनिया भर से आए भक्तों ने उत्साह के साथ रथ खींचने में भाग लिया। पश्चिम अफ्रीका से आए एक श्रद्धालु ने कहा, 'यह मेरा पहला मौका है। मैं उम्मीद करता हूं कि भगवान जगन्नाथ की कृपा से आज मैं उनका रथ खींच सकूं।' वहीं, 20 साल से भारत में रह रहीं गौरांगी देविका दास ने बताया, 'यह खास त्योहार है क्योंकि भगवान जगन्नाथ अपने भक्तों को दर्शन देने मंदिर से बाहर आते हैं।'

जगन्नाथ मंदिर के रहस्य और परंपराएं

पुरी का 12वीं सदी का जगन्नाथ मंदिर कई रहस्यमयी परंपराओं का केंद्र है। मंदिर के प्रवेश द्वार पर 'यमशिला' या 'यम का पत्थर' नामक तीसरी सीढ़ी एक विशेष आकर्षण है। इसके अलावा, भगवान जगन्नाथ के मुस्लिम भक्त सालबेगा की कहानी भी इस उत्सव को खास बनाती है। सालबेगा ने अपना जीवन भगवान जगन्नाथ की भक्ति में समर्पित किया और उनकी रचनाएं आज भी भक्तों को प्रेरित करती हैं।

Jagannath Rath Yatra 2025

सुरक्षा और प्रबंधन

पुरी में रथ यात्रा के लिए पांच स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। 275 AI-सक्षम CCTV कैमरे, ड्रोन और एनएसजी स्नाइपर्स तैनात किए गए हैं। ओडिशा पुलिस और केंद्रीय बलों के 10,000 कर्मी तैनात हैं। समुद्र तट पर मरीन पुलिस, कोस्ट गार्ड और भारतीय नौसेना की गश्त बढ़ा दी गई है। पुरी जिला प्रशासन ने 'श्री जगन्नाथ धाम' मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, जो रियल-टाइम जानकारी जैसे पार्किंग, रास्ते और अनुष्ठान कार्यक्रम प्रदान करता है।

रथ यात्रा का दूसरा दिन

28 जून को रथ खींचने का कार्य सुबह 9:30 बजे फिर से शुरू हुआ। पहले दिन भगवान जगन्नाथ का रथ नंदीघोष प्रतीकात्मक रूप से खींचा गया, जबकि बलभद्र का रथ बालगंडी चौक और सुभद्रा का रथ मरीचकोट में रुका। यह नौ दिवसीय उत्सव 5 जुलाई को नीलाद्रि बिजय के साथ समाप्त होगा।

अडानी का संदेश

गौतम अडानी ने कहा, 'सेवा ही साधना है। यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि हम इस पवित्र आयोजन में योगदान दे रहे हैं।' उन्होंने ओडिशा सरकार, प्रशासन और मंदिर कर्मचारियों की सराहना की। अडानी ने भारत और ओडिशा के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रार्थना की।

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