Jagannath Rath Yatra 2024: अहमदाबाद में अमित शाह ने की मंगला आरती, सीएम पटेल ने निभाई 'पहिंद विधि'की रस्म

Jagannath Rath Yatra 2024: भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा आज से प्रारंभ हो गई है। ये यात्रा पुरी के अलावा गुजरात में भी निकाली जाती है।

आज सुबह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपनी पत्नी सोनल शाह के साथ मंगला आरती में शामिल होने के लिए जगन्नाथ मंदिर पहुंचे। मालूम हो कि कड़ी सुरक्षा के बीच आज भगवान जगन्नाथ की 147वीं रथयात्रा अहमदाबाद में निकाली जा रही है।

Jagannath Rath Yatra 2024

इस बारे में अहमदाबाद पुलिस के जेसीपी नीरज बडगुजर ने कहा कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। रथयात्रा के लिए 15,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। सीसीटीवी और ड्रोन से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। हमारी पूरी कोशिश है कि इस रथयात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।

आरती में शामिल होने से पहले अमित शाह ने सोशल मीडिया के जरिए जगन्नाथ रथयात्रा के लिए लोगों को शुभकामनाएं भी दी थीं। उन्होंने लिखा था कि ' महाप्रभु जगन्नाथ जी की रथ यात्रा भारतीय सांस्कृतिक विरासत व समृद्धि को सहेजने और नया उत्कर्ष प्रदान करने का पुण्य अवसर है, जिसे देश के करोड़ों श्रद्धालु अत्यंत भक्तिभाव से मनाते हैं। यह यात्रा प्रतीक है कि भारतीय संस्कृति प्रवृत्ति से ही चलायमान है और उत्सव व अध्यात्म इसके धुरी हैं। मैं सभी देशवासियों को महाप्रभु की रथयात्रा की हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूं और महाप्रभु जगन्नाथ, वीर बलभद्र व माता सुभद्रा से सभी के कल्याण व उन्नति की कामना करता हूं। जय जगन्नाथ'।

सीएम पटेल ने निभाई 'पहिंद विधि'की रस्म

तो वहीं इस पवित्र यात्रा में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल भी शामिल हुए औऱ उन्होने 'PahindVidhi' रस्म निभाई। जहां अहमदाबाद में ये इंतजाम है, दूसरी ओर पुरी में भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। इस यात्रा के जरिए प्रभु जगन्नाथ अपने भाई बलराम और बहन सुभद्रा के साथ अपनी मौसी के घर जाते हैं।इस यात्रा में शामिल होने के लिए विश्व के कोने-कोने से लोग आते हैं। मालूम हो कि 'पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा' हर साल आषाढ़ के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि से शुरू होती है और 10 दिन बाद दशमी तिथि को समाप्त होती है।

पुरी के मंदिर में भगवान कृष्ण की जगन्नाथ के रूप में पूजा होती है

इस यात्रा में तीन रथ होते हैं, एक रथ जगन्नाथ भगवान का, एक बड़े भाई बलराम का और एक बहन सुभद्रा का होता है। चार धामों में से एक पुरी के जगन्नाथ मंदिर में भगवान कृष्ण की जगन्नाथ के रूप में पूजा की जाती है। माना जाता है कि रथयात्रा में जो भी शामिल होता है तो उसके सारे कष्टों का अंत होता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।

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