J&K: जांच करने गई मेडिकल टीम को बनाया बंधक, पुलिस टीम पर भी पथराव, 3 जवान घायल
मुंबई। पूरी दुनिया इस वक्त जानलेवा कोरोना वायरस से जंग लड़ रही है। लाख कोशिशों के बावजूद कोरोना वायरस के केस कम होने के बजाए हर घंटे बढ़ते ही जा रहे हैं, अमेरिका, इटली, स्पेन, भारत सहित कई बड़े देश इस महामारी के खिलाफ मिलकर लड़ाई लड़ रहे हैं। इसी बीच भारत में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने से केंद्र और राज्य सरकारों की चिंता भी बढ़ गई है, पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस से 34 लोगों की मौत हुई है जबकि 909 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद भारत में कोरोना के मरीजों की संख्या 8356 हो गई है, जबकि मौत का आंकड़ा 273 तक पहुंच गया है।

इन 8356 पीड़ितों में से 7367 पॉजिटिव केस हैं, तो वहीं 716 लोग ठीक भी हो चुके हैं, संक्रमण को देखते हुए देश में लॉकडाउन के बढ़ने की पूरी संभावना है, शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्रियों से लॉकडाउन और कोरोना वायरस के खिलाफ रणनीति पर चर्चा भी की है, तो वहीं दूसरी ओर ऐसी भी खबरें आ रही हैं कि केंद्र सरकार लॉकडाउन को अप्रैल के अंत तक बढ़ाने पर विचार कर रही है।
जांच करने गई मेडिकल टीम को बनाया बंधक
संकट के इस दौर में स्वास्थ्यकर्मियों की चुनौतियां भी दोगुनी हो गई हैं। ऐसे समय में जब पूरा देश स्वास्थ्यकर्मियों को सलाम कर रहा है वहीं कुछ लोग ऐसे हैं जो इन्हीं स्वास्थ्यकर्मियों के साथ अभद्रता कर रहे हैं या उन पर हमले कर रहे हैं। ताजा मामला जम्मू कश्मीर के बडगाम से आया है जहां कोविड 19 की जांच के लिए गई एक मेडिकल टीम को परिवार ने बंधक बना लिया और छुड़ाने पहुंची पुलिस टीम पर भी पथराव कर दिया, प्राप्त जानकारी के मुताबिक बडगाम जिले के वाथूर गांव में एक मेडिकल टीम एक शख्स की जांच के लिए पहुंची थी लेकिन परिवार ने जांच करने से इनकार कर दिया।
छुड़ाने पहुंची पुलिस टीम पर पथराव, तीन जवान घायल
इतना ही नहीं परिवार मेडिकल टीम को अपने घर के अंदर बंधक बना लिया। इसके बाद जैसे पुलिस को इसकी खबर मिली तो वह टीम को छुड़ाने वहां पहुंची लेकिन पुलिस टीम पर भी पत्थरों से हमला कर दिया गया, जिसमें तीन जवान घायल भी हुए हैं, पुलिस के मुताबिक, इस मामले में मेडिकल टीम को सुरक्षित रिहा करवा लिया गया है और आईपीसी की कई धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
मेडिकल स्टाफ को आवश्यकता अनुसार सुरक्षा प्रदान करें
मेडिकल टीम के साथ आ रही ऐसी अभद्रता की वजह से ही शनिवार को गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने बताया, आज गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को आवश्यकता अनुसार सुरक्षा प्रदान करें।












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