लोकसभा नहीं विधानसभा चुनाव ही लड़ेंगे केजरीवाल

केजरीवाल के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद यह अनुमान लगाया जा रहा था कि उनका भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरना तय है लेकिन अब यह इस बात पर निर्भर करता है कि पहले लोकसभा चुनाव होते हैं या विधानसभा। केजरीवाल ने अभी स्पष्ट नहीं किया है कि वह किस सीट से चुनाव लड़ेंगे।
गौर हो कि केजरीवाल और उनकी पार्टी कांग्रेस के बड़े नेताओं के खिलाफ अपने प्रत्याशी उतार रही है। पार्टी ने राहुल गांधी के खिलाफ कुमार विश्वास, कपिल सिब्बल के खिलाफ आशुतोष और सोनिया गांधी के खिलाफ शाजिया इल्मी को चुनावी मैदान में उतारा है। केजरीवाल ने अपने साक्षात्कार में कहा कि अगर नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बनते हैं तो मुकेश अंबानी अगले पांच वर्षों तक देश पर वैसे ही शासन करते रहेंगे, जैसे कि दस वर्षों से करते आए हैं। केजरीवाल ने इंटरव्यू में दावा किया है कि उनकी पार्टी के सत्ता में आने के बाद दिल्ली में भ्रष्टाचार कम हो गया है।
भ्रष्टाचार मुद्दे पर भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता का कहना है कि अगर किसी ने यूपीए द्वारा किये गये भ्रष्टाचार को उजागर किया है तो वह भाजपा ही है, चाहे वह कोयला घोटाला हो या राष्ट्रमंडल खेल घोटाला। आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में अराजकता ही फैलाई है, जबकि जरूरत बेहतर प्रशासन की थी।
इसके पहले एक चैनल में राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरूण जेटली ने कहा था कि हमारा भ्रष्टाचार से लड़ने का मॉडल गवर्नेंस का है, अराजकता का नहीं। उन्होने दिल्ली में आम आदमी पार्टी के प्रशासन की निंदा करते हुए कहा था कि आम जनता के लिए यह प्रशासन 'एक बुरे सपने' की तरह ही था।












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