क्या GST बिल पर मोदी सरकार को मिलेगा कांग्रेस का साथ?
नई दिल्ली। इस बार के मानसूत्र सत्र में जीएसटी बिल को पास कराने के लिए पीएम मोदी ने विपक्ष से अपील की और कहा कि कुछ भी कहने और करने से पहले एक बार केवल राष्ट्रहित के बारे में सोचें।
पीएम मोदी ने इसलिए ही रविवार को ऑल पार्टी मीटिंग बुलाई थी जिसके बाद उन्होंने कहा कि वस्तु एवं सेवाकर विधेयक (जीएसटी) कोई मुद्दा नहीं है कि किसी सरकार को इसका श्रेय मिलेगा इसलिए देश हित की बात सोचकर इस बिल को पास करायें।
फिलहाल कांग्रेस ने अभी इस पर कोई आश्वासन नहीं दिया है। उसका कहना है कि वह विधेयकों का समर्थन उसका गुण-दोष परख कर करेगी। लेकिन इससे पहले सुगबुगाहट थी कि खुद प्रियंका गांधी ने कांग्रेसियों से कहा कि वो जीएसटी बिल का समर्थन करें क्योंकि जनता को ये नहीं लगना चाहिए कि कांग्रेस जानबूझकर जीएसटी बिल पास नहीं होने दे रही है।
सर्वदलीय बैठक में जीएसटी मुद्दे पर चर्चा नहीं
इस मीट के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, सर्वदलीय बैठक में जीएसटी मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई। जीएसटी के मामले में सरकार को कांग्रेस पार्टी की तीन मांगों पर अब भी जवाब देना है।
ये तीन मांगें हैं
- एक फीसदी अतिरिक्त लेवी जिसे राज्यों को लागू करना
- जीएसटी की अधिकतम सीमा 18 प्रतिशत रखना
- और विवाद निवारण तंत्र की व्यवस्था करना।
हम देश की तरक्की में बाधक नहीं
हम खुद चाहते हैं कि देश आगे बढ़े, हम देश की तरक्की में बाधक नहीं है लेकिन हमें पता तो चले कि जो कदम सरकार की ओर से जनता के लिए उठाया जा रहा है वो देश हित में है या नहीं इसलिए हम देख-परख कर ही जीएसटी पर फैसला लेंगे।












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