ISRO अंतरिक्ष स्टेशन लांच करने की कर रहा तैयारी, नारायणन ने किया खुलासा कब जाएगा चंद्रयान-4?
Isro News: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अपने अंतरिक्ष अन्वेषण (space exploration) प्रयासों को आगे बढ़ा रहा है। गुरुवार (22 मार्च) को इसरो के अध्यक्ष वी नारायणन ने बताया अगले ढाई साल में अपना अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने और चंद्रयान-4 मिशन को अंजाम देने की योजना है। उन्होंने खुलासा किया कि चंद्रयान-4 मिशन को प्रधानमंत्री और भारत सरकार दोनों से हरी झंडी मिल गई है।
ये जानकारी राम मोहन मिशन द्वारा राममोहन राय की 253वीं जयंती के मौके पर इसरो के चेयरपर्सन ने दी।कोलकाता में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा "चंद्रयान-4 एक सैंपल रिटर्न मिशन है। हम अभी इसके डिजाइन पर काम कर रहे हैं और अगले 2.5 साल में हमारे पास चंद्रयान-4 मिशन होगा।"

नारायणन ने इसरो ने बताया कि हमारे पास कक्षा में 57 उपग्रह हैं। ये मौसम पुर्वानुमान से लेकर टेली-शिक्षा के साथ रियल टाइम अपटेड देकर लोगों की सेवा कर रहा है। उन्होंने बताया इसरो 11,500 किलोमीटर की तटरेखा और उत्तरी क्षेत्रों सहित अपनी विशाल सीमाओं की निगरानी करके भारत की सुरक्षा की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आगामी अंतरिक्ष स्टेशन, जिसका वजन 50 टन से अधिक होने की उम्मीद है, भारत की अंतरिक्ष अन्वेषण क्षमताओं में एक बड़ा कदम है।
क्या करेगा चंद्रयान-4?
नारायणन ने आगामी चंद्रयान-4 और 5 मिशनों की तुलना की। उन्होंने बताया चंद्रयान-5 का लैंडर चंद्रयान-3 के 1,600 किलोग्राम के लैंडर से काफी भारी है, जो 25 किलोग्राम का रोवर ले गया था। चंद्रयान-4 का लक्ष्य, चंद्रमा की सतह से नमूने वापस लाना है।
चंद्रयान-5 क्या करेगा?
इसके अलावा इसरो चेयरपर्सन ने जापान के साथ एक ज्वाइंट वेंचर चंद्रयान-5 मिशन के बारे में भी बात की, जिसमें 6,400 किलोग्राम का लैंडर शामिल है, जिसे चंद्रमा पर 100-दिन के ऑपरेशन्स जीवनकाल वाले 350 किलोग्राम के रोवर को तैनात करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
सी61/ईओएस-09 मिशन के फेल होने पर क्या बोले इसरो प्रमुख?
नारायणन ने पीएसएलवी-सी61/ईओएस-09 मिशन विफलता का सामना करने में इसरो की तन्यकता पर बात की, और इस बात पर जोर दिया कि ऐसी घटनाएं भारत के अग्रणी मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम गगनयान जैसी भविष्य के प्रोजेक्ट में बाधा नहीं बनेंगी। ISRO Missions Scorecard: इसरो के 101 लॉन्च मिशन में कितने पास-कितने फेल? किसने रचा इतिहास? यहां पूरी LIST
गगनयान और सहयोगी मिशन की क्या है इसरो की तैयारी?
गगनयान मानवरहित परीक्षण उड़ान जल्द ही निर्धारित की गई है, उसके बाद दो मानवयुक्त मिशन होंगे। यह परियोजना वैश्विक अंतरिक्ष अनुसंधान और अन्वेषण में भारत के कद को बढ़ाएगा। नारायणन ने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रमों में महिला वैज्ञानिकों द्वारा किए गए महत्वपूर्ण योगदान की भी सराहना की तथा अंतरिक्ष अन्वेषण में राष्ट्र की उपलब्धियों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार किया।












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