Chandrayaan-3 के बाद अब ISRO का क्या प्लान, आगे कौन-कौन से मिशन, कितनी आएगी लागत?
चंद्रयान-3 की सफलता के बाद अब इसरो नए मिशन की ओर आगे बढ़ रहा है। भारतीय स्पेस एजेंसी एक और मिशन अगले महीने से लॉन्च होने जा रहा है। इसके अलावा करोड़ों के अन्य कई मिशन को लेकर प्लान तैयार है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन आने वाले वर्षों में कई अन्य मिशन पर काम करने जा रही है। जिनमें सूर्य पर भेजा जाने वाला आदित्य मिशन है। ये लॉन्च के लिए अगले महीने यानी सितंबर में तैयार हो रहा है। इसके साथ ही इसरो के गगनयान मिशन पर भी काम चल रहा है। इसरो प्रमुख एस सोमनाथ के मुताबिक मानवयुक्त मिशन है, जिसे 2025 तक लॉन्च किए जाने की संभावना है। ये मिशन भविष्य में किए जाने वाले शोध के लिए बेहद अहम है।
गुरुवार का इसरो प्रमुख एस सोमनाथ भारती ने एक बयान में भारतीय स्पेस एजेंसी की आगामी संभावनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसरो के अगले स्पेस मिशन में आदित्य मिशन और गगनयान प्रमुख हैं। इसरो चीफ ने कहा कि जब तक 2025 में मानयुक्त मिशन पूरा नहीं होता जबत परीक्षण जारी रहेगा। अगले साल सितंबर या अक्टूबर के अंत तक क्रू मॉड्यूल और क्रू एस्केप क्षमता का प्रदर्शन को बेहतर करने के लिए काम किया जाएगा। अगले महीने ये मिशन लॉन्च किया जाएगा।

चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग पर INSPACe के चेयरमैन पवन के गोयनका का कहना है, " अब यह जानने पर पूरा जोर रहेगा कि चंद्रमा पर क्या हो रहा है। इसका उद्देश्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव या दक्षिणी गोलार्ध को नजदीक से देखना है। हम जो जानकारी एकत्र करेंगे वह वह जानकारी है जो इससे पहले किसी भी देश के पास नहीं है।"
सितंबर में सूर्य पर भेजा जाएगा मिशन
इसरो का चंद्रयान-3 मिशन सफल हो चुका है। अब नजर इसरो के आने वाले मिशन पर है, जिसमें गगनयान मिशन और सूर्य मिशन अहम है। इसके अलावा इसरो कुछ मिशन को अगले साल तो कुछ को 2031 में लॉन्च करेगा। ISRO आने वाले वर्षों में कई अहम मिशन पर काम करने वाला है, जिसमें आदित्य-एल1 प्रमुख है। इसमें 378 करोड़ रुपये लागत आएगी। इसरो के मुताबिक अंतरिक्ष यान को सूर्य-पृथ्वी प्रणाली के लैंग्रेज बिंदु 1 (एल1) के चारों तरफ एक प्रभामंडल कक्षा में रखा जाएगा, जो पृथ्वी से लगभग 1.5 मिलियन किलोमीटर दूर है।












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