'हमले के बाद से कोई सोया नहीं, हमें देश के लिए जाना ही होगा...', भारत आए इजराइली टूरिस्ट्स वापस जाने को बेताब
Israel Palestine War: इजराइल और हमास के बीच खूनी संघर्ष जारी है। इस हमले में अब तक 700 से ज्यादा इजराइली की मौत हो गई है। वहीं 400 से अधिक फलस्तीनी मारे गए हैं। इजराइल के हमले के बाद गजा में अब तक 2300 से ज्यादा लोग घायल हैं। इजराइल में हुए हमले के बाद भारत में आए इजराइली टूरिस्ट्स अपने देश वापस लौटने को बेताब हैं।
भारत आए इजराइली टूरिस्ट्स जल्द से जल्द अपने देश वापस लौट जाना चाहते हैं। हमास आतंकवादियों की ओर से शनिवार 07 अक्टूबर को हुए हमले के बाद से सोशल मीडिया पर वीडियो और फोटोज देखने के बाद, भारत में आए पर्यटकों की बेचैनी बढ़ गई है। उन्होंने जल्द से जल्द इजराइल लौटने का फैसला किया है।

इजराइली पर्यटक अपने देश लौटने के इतंजार में
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक राजस्थान के पुष्कर में हमले के वक्त 350 इजराइली पर्यटक थे। 350 इजराइलियों में से 150 पर्यटक हमले की खबर सुनते ही दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं और देश की रक्षा के लिए अपने वतन लौटने का इतंजार कर रहे हैं।
18 वर्ष से अधिक उम्र के इजराइली नागरिकों के लिए सैन्य सेवा अनिवार्य है। ऐसे में बच्चे-बुढ़ें, जवान-औरत हर कोई भारत से इजराइल जाना चाहता है। पुष्कर में यहूदियों के सामुदायिक केंद्र, इजराइलियों के बेड चबाड में सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए गए और एहतियात के तौर पर आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) ने निरीक्षण किया।
'हमले के बाद से कोई सोया नहीं, हमें देश के लिए जाना ही होगा...'
इजराइली गायक और पर्यटक युवल बार्बी ने रविवार (08 अक्टूबर) को कहा, "जब से उन्हें आतंकवादी हमले के बारे में पता चला है, तब से उनके साथ वाले लोग सोय नहीं हैं। हमारे दोस्त, परिवार, रिश्तेदार हैं, जो या तो मर गए हैं या घायल हो गए हैं।" बार्बी ने जोर देकर कहा कि हमला सिर्फ एक युद्ध नहीं था बल्कि मानवता के खिलाफ नफरत का कृत्य था।
हिमाचल में भी हैं कई इजराइली टूरिस्ट्स
हिमाचल प्रदेश में भी कई इजराइली टूरिस्ट्स हैं, जो परेशान हैं। कुल्लू जिले की पार्वती घाटी में छुट्टियां मना रहे 50 से अधिक इजराइलियों ने अपने वतन में चल रहे संघर्ष के कारण अपनी यात्रा को जल्दी खत्म करने का फैसला किया है।
इजराइली फिर से उड़ानें फिर से शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। एयर इंडिया समेत कई एयरलाइंस ने तेल अवीव से आने-जाने वाली उड़ानें निलंबित कर दी हैं।
मनाली डीएसपी केडी शर्मा के मुताबिक पिछले तीन महीनों में 1,000 से अधिक इजराइलियों ने कुल्लू जिले का दौरा किया। हिमाचल धर्मशाला के पास धर्मकोट गांव में भी कुछ इजराइली रहते हैं।
इजराइली ग्राफिक डिजाइनर यिस्का ने कहा, "इससे बहुत दुख होता है। मेरे तीनों भाई सेना में हैं और एक हमारे साथ भारत में है। वह देश की मदद के लिए वापस आने के लिए मर रहे हैं। हम छोटे देश हैं और एक करीबी समुदाय हैं। हमें जल्दी वापस जाना ही होगा।''












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