Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

क्या भारत में कोरोना के आंकड़े छिपा रही है सरकार ? NYT की रिपोर्ट में 42 लाख तक मौत का अनुमान

नई दिल्ली, 27 मई: दुनियाभर में कुछ एक्सपर्ट दावा कर रहे हैं कि भारत में कोरोना वायरस से हुई मौतों के आधिकारिक आंकड़े जो अब 3 लाख से कुछ ज्यादा बताए जाए रहे हैं, वह हकीकत से काफी कम हो सकते हैं। एक अमेरिकी अखबार ने 10 से ज्यादा वैज्ञानिकों से चर्चा के आधार पर अनुमान जताया है कि भारत में कोरोना वायरस से हुए कुल संक्रमण और मौतों के सरकारी आंकड़ों का असलियत से कोई लेना-देना नहीं है। इसके मुताबिक अगर आंकड़ों में ज्यादा घालमेल नहीं भी हुआ है तो भी सरकारी दावों से अबतक कम से कम दो गुना से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। लेकिन, अगर सबसे बुरे अनुमान पर यकीन करें तो भारत में अबतक इस बीमारी से कम से कम 42 लाख से ज्यादा लोगों ने दम तोड़ दिया है। भारत में गुरुवार सुबह के आधिकारिक आंकड़े के मुताबिक अबतक कुल 2,73,69,093 संक्रमण सामने आए हैं और 3,15,235 लोगों की इससे मौत हुई है।

संक्रमण और मौतों की संख्या पर तीन संभावित अनुमान

संक्रमण और मौतों की संख्या पर तीन संभावित अनुमान

टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप ने न्यूयॉर्क टाइम्स के हवाले से एक खबर छापी है, जिसमें भारत में कोरोना संक्रमण और उससे हुई मौतों के सरकारी आंकड़ों पर गंभीर सवाल उठाने की कोशिश की गई है। अमेरिकी अखबार ने कुल मिलाकर संक्रमण और मौतों के कुल तीन तरह के अनुमान जाहिर किए हैं। पहले अनुमान में भारत में कोविड से इंफेक्टेड हुए लोगों की संख्या और मौतें कम से कम दो गुना और बाकी अनुमानों कई गुना ज्यादा होने की बात कही गई है। दावे के मुताबिक सही अनुमान तक पहुंचने के लिए एक दर्जन से ज्यादा एक्सपर्ट से रायशुमारी कई गई है ताकि वास्तविक आंकड़े तक पहुंचा जा सके। इन विशेषज्ञों में येल स्कूल पब्लिक हेल्थ के डैन विनबर्गर भी शामिल हैं।

आंकड़ों में गड़बड़ी के कारण ?

आंकड़ों में गड़बड़ी के कारण ?

रिपोर्ट के मुताबिक वैसे तो दुनिया में हर जगह मौतों के आंकड़े आधिकारिक संख्या से मेल नहीं खाते। लेकिन, 'भारत में तकनीकी, सांस्कृतिक और लॉजिस्टिकल वजहों से केसों और मौतों की संख्या कम होने की संभावना और ज्यादा है।' एमोरी यूनिवर्सिटी के एक एपिडेमियोलॉजिस्ट क्योको शिओदा के हवाले से कहा गया है कि इसका कारण यह है कि अस्पतालों में जगह नहीं है, कोविड से कई मौतें घर में हो रही हैं, खासकर ग्रामिण इलाकों में, जिससे कि सरकारी आंकड़ों में वह छूट गए होंगे। यहां तक दावा किया गहा है कि जब भारत में कुछ सामान्य था, तब भी 5 में से 4 मौतों की मेडिकल जांच नहीं हो पाती थी।

सबसे कम अनुमान- अबतक 6 लाख मौत!

सबसे कम अनुमान- अबतक 6 लाख मौत!

अब इनके चौंका देने वाले आंकड़ों पर आते हैं। इसके मुताबिक अगर सबसे बेहतर हालात के अनुसार भी अनुमान लगाएं तो भी वास्तविक संक्रमण सामने आए केसों से करीब 15 गुना ज्यादा होंगे यानी करीब 40.4 करोड़ लोग भारत में कोविड से संक्रमित हुए होंगे। इस अनुमान के मुताबिक अगर इंफेक्शन फर्टिलिटी रेट (आईएफआर) 0.15% है तो इसका मतलब 6 लाख मौतें हुई हैं। इस सर्वे के लिए ब्लड टेस्ट स्टैटिक्स का इस्तेमाल करने की बात कही गई है।

Recommended Video

    Coronavirus Delhi: घट रहे कोरोना के केस, वापसी करने लगे Migrants Workers | वनइंडिया हिंदी

    सबसे संभावित अनुमान- अबतक 16 लाख मौत!

    दूसरे सिनेरियो को असलियत से सबसे ज्यादा करीबी होने का दावा किया गया है। इस अनुमान के मुताबिक भारत में कोरोना से संक्रमित हुए लोगों की असल संख्या सरकारी आंकड़ों से 20 गुना ज्यादा है, यानी यह आंकड़ा 53.9 करोड़ तक जाता है। इसमें अमेरिका में 2020 के अंत में हुए मौतों के आधार पर इंफेक्शन फर्टिलिटी रेट (आईएफआर) की गणना की गई है, जो कि 0.30% है। इस फिगर के आधार पर भारत में कोविड से हुई असल मौतों की संख्या सरकारी दावे से 5 गुना से ज्यादा या करीब 16 लाख है।

    सबसे भयावह अनुमान- अबतक 42 लाख से ज्यादा मौत!

    तीसरा सिनेरियो सबसे भयावह है। इसके लिए जनवरी में खत्म हुए नेशनल सीरो प्रेवलन्स स्टडी को आधार बनाया गया है। इसके मुताबिक प्रत्येक कंफर्म केस की तुलना में वास्तविक संक्रमण की संख्या 26 है। इस गणना के आधार पर भारत की आधी से ज्यादा लोग यानी 70 करोड़ कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं। हालांकि, मौत के मामले में इसमें इंफेक्शन फर्टिलिटी रेट को अनुमानित 0.6% ही रखा है। इस मान्यता का मतलब है कि भारत में कोरोना की वजह से अबतक 42 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जो कि सरकारी संख्या से करीब 14 गुना ज्यादा है।

    More From
    Prev
    Next
    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+