SpiceJet यात्रियों की सुरक्षा से 'खिलवाड़' कर रही है क्या ? ग्लोबल एजेंसी ने बड़े दावे को झुठलाया
निजी एयरलाइंस कंपनी स्पाइसजेट एक बार फिर विवादों में है। उसने संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी से ऑडिट के बाद उसे सेफ्टी क्लियरेंस मिलने का दावा किया था। लेकिन, उस एजेंसी ने ऐसे किसी क्लियरेंस की बात को नकार दिया है।

स्पाइसजेट विमानों के साथ हाल में कई घटनाएं हो चुकी हैं। उसका संचालन अभी भी डीजीसीए की निगरानी में है। लेकिन, ऐसी स्थिति में भी इस एयरलाइंस ने एक ऐसा दावा किया है, जिसे कि सिरे से खारिज कर दिया गया है। यह दावा संयुक्त राष्ट्र की एक एविएशन एजेंसी की ओर से उसे सुरक्षा को लेकर क्लियरेंस दिए जाने को लेकर था। स्पाइसजेट के मुताबिक इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन ने उसकी ऑडिट की है और सबकुछ सही पाया है। जबकि, इस वैश्विक संस्था ने भारत में किसी भी एयरलाइंस का इस तरह से ऑडिट किए जाने से इनकार किया है। सवाल है कि जब मामला यात्रियों की 'सुरक्षा' से जुड़ा था तो स्पाइसजेट ने ऐसा दावा किया ही क्यों ?

स्पाइसजेट ने ICAO के हवाले सेे 'सुरक्षित एयरलाइंस' होने का किया था दावा
एयरलाइंस कंपनी स्पाइसेट की उड़ानों की सुरक्षा को लेकर उसपर नागरिक उड्डयन मंत्रालय और डीजीसीए जैसी एजेंसियों की भी नजर है। क्योंकि, पिछले कुछ समय में स्पाइसेट की कुछ फ्लाइट के साथ ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिससे पैसेंजर सेफ्टी को लेकर वह सवालों के घेरे में आया है। आरोप लगे हैं कि कंपनी विमानों की मेंटेंनेंस में कोताही बरत रही थी। बाकी कई खामियां भी सामने आने के आरोप लगाए गए थे। लेकिन, अब स्पाइसजेट ने एक अंतरराष्ट्रीय एजेंसी से क्लियरेंस मिलने का जो दावा किया था, उसे ही नकार दिया गया है। दरअसल,5 दिसंबर को स्पाइसजेट ने दावा किया था कि इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन (ICAO)ने उसके ऑपरेशन, सेफ्टी प्रॉसेस और सिस्टम को एक व्यापक ऑडिट के बाद पूरी तरह से दुरुस्त पाया है। लेकिन, अब एजेंसी ने ही इस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।

ऑपरेटर के यहां जाना ऑडिट या इंस्पेक्शन कतई नही है-ICAO
ICAO नेस्पष्ट किया है कि उसने भारत में कभी किसी एयरलाइंस का ऑडिट नहीं किया है। ICAO के कम्युनिकेशन ऑफिसर विलियम रैलिएंट-क्लार्क ने कहा है, 'ICAO स्पष्ट करना चाहता है कि ऑपरेटर के यहां जाना ऑडिट या इंस्पेक्शन कतई नही है।' जबकि, स्पाइसेजेट ने इसी वैश्विक एजेंसी के बहाने दावा किया था कि इससे इस बात पर मुहर लग गई है कि वह एक 'सुरक्षित एयरलाइंस' है।

स्पाइसजेट ने ऑडिट का कथित डिटेल भी दिया था
इतना ही नहीं स्पाइसजेट ने ICAO द्वारा की गई कथित ऑडिट का डिटेल भी दिया था। दावे के मुताबिक 14 नवंबर, 2022 को ऑडिटिंग कमिटी ने दिल्ली एयरपोर्ट पर स्पाइसेजेट के हेड ऑफिस का दौरा किया था। स्पाइसजेट की सारी फ्लाइट इसी जगह से कंट्रोल होती है। उन्होंने फ्लाइट के विभिन्न क्रिटिकल फंक्शन और ऑपरेशन वाली अहम जगहों जैसे कि फ्लाइट प्लानिंग, वेदर असेस्मेंट, रूट प्लानिंग, एयरक्राफ्ट सर्विसिबिलिटी, पायलट रोस्टरिंग सिस्टम और केबिन सेफ्टी प्रोसेड्योर सबकी ऑडिट और रिव्यू किया था।

इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन क्या है ?
इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन (ICAO)ने यूनाइटेड नेशन की एक विशेष एजेंसी है, जो पूरी दुनिया में इंटरनेशनल सिविल एविएशन की सुरक्षा और विकास को लेकर काम करती है। एक ट्वीट में एजेंसी ने अपने कम्युनिकेशन ऑफिसर विलियम के जवाब की पुष्टि की है। जिसमें उन्होंने लिखा है, 'ICAO के यूनिवर्सल सेफ्टी ओवरसाइट ऑडिट प्रोग्राम (USOAP)टीम ने भारत में 9 से 16 नवंबर, 2022 के बीच आईसीएओ कोऑर्डिनेशन वैलिडेशन मिशन (ICVM) को पूरा किया है। ICVM का उद्देश्य पिछले USOAP गतिविधियों से संबंधित प्रगतियों की पुष्टि करना है।' इसी ट्वीट में आगे जाकर उन्होंने बिना स्पाइसजेट का नाम लिए सुरक्षा ऑडिट किए जाने के उसके दावों का खंडन किया है।

'सेफ्टी परफॉर्मर ऑफ द ईयर' अवॉर्ड मिला-स्पाइसजेट
इस बीच मंगलवार यानि 13 दिसंबर को स्पाइसजेट ने कहा कि उसे जीएमआर दिल्ली एयरपोर्ट द्वारा 'सेफ्टी परफॉर्मर ऑफ द ईयर' अवॉर्ड से नवाजा गया है। एयरलाइंस ने कहा कि यह अवॉर्ड सेल्फ-हैंडलिंग एयरलाइंस में उसके टॉप परफॉर्मर होने और ग्राउंड सेफ्टी उल्लंघनों में बहुत ज्यादा कमी लाने के चलते दिया गया है। स्पाइसजेट के मुताबिक यह सफलता उसने लगातार अपनी क्वालिटी बेहतर करके, इनोवेशन और कड़ी मेहनत की बदौलत हासिल की है। कंपनी ने यह भी कहा है कि ग्राउंड सेफ्टी उल्लंघनों में कमी होने से रेग्युरेटरी की आवश्यकताओं के मुताबिक सेफ्टी गाइडलाइंस की तामील भी सुनिश्चित हुई है।

स्पाइसजेट यात्रियों की सुरक्षा से 'खिलवाड़' कर रही है क्या ?
गौरतलब है कि हाल के दिनों में तकनीकी खराबियों और कुछ पायलटों की ट्रेनिंग को लेकर तय गाइडलाइंस का पूरी तरह से पालन नहीं किए जाने को लेकर स्पाइसजेट को लेकर गंभीर सवाल पैदा हुए थे। ऐसी स्थिति में एक वैश्विक एजेंसी के बारे में उसके दावों का नकारा जाना और वह भी सुरक्षा के संबंध में, यह विमान यात्रियों की सुरक्षा के लिए कतई उचित नहीं माना जा सकता। क्योंकि, पैसेंजर की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ काफी गंभीर विषय है।

एविएशन सेफ्टी रैंकिंग में भारत को बड़ी कामयाबी
वैसे ICAO के एविएशन सेफ्टी रैंकिंग में भारत को बहुत बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। 2018 में यह 102 स्थान पर था, जो अब ऊपर उठकर 48वें पर पहुंच गया है। डीजीसीए चीफ अरुण कुमार ने इस बारे में कहा है कि एयर सेफ्टी इकोसिस्टम को और बेहतर करने और उसे बनाए रखना एक नई चुनौती बन गई है। इस सफलता पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी सभी साझीदारों को शुभकामनाएं दी हैं।












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