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Coronavirus: बारिश से बढ़ सकता है संक्रमण खतरा, जानिए बारिश और वायरस का कनेक्शन?

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बेंगलुरू। दिल्ली- एनसीआर समेत उत्तर और पूर्वी भारत के अधिकांश इलाकों में बारिश के कारण तापमान में गिरावट के चलते कोरोनावायरस संक्रमण के खतरे बढ़ने की आंशका जताई जा रही है। कोरोनावायरस का मौसम और तापमान से क्या संबंध है, इस पर अभी कोई पुष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है, लेकिन चीन में ठंड के मौसम में अस्तित्व में आए कोरोनावायरस के आधार पर कहा जा रहा है कि तामपान में गिरावट से इसका असर बढ़ सकता है।

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दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दिए एक बयान में कोरोनावायरस का कनेक्शन में मौसम से जोड़ते हुए कहा था कि अप्रैल माह की शुरुआत में कोरोनावायरस का असर अपने आप खत्म हो जाएगा। इसके पीछे उनका तर्क था कि भीषण गर्मी में कोरोनावायरस मर जाते हैं, जिससे इसका प्रभाव धीरे-धीरे खत्म होने लगेगा।

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गौरतलब है फ्लू और कोल्ड को फैलाने के जिम्मेदार सामान्य विषाणु भी ठंड में अधिक सक्रिय होते हैं जबकि गर्मी में इनमें कमी देखी जाती है। चूंकि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर और पूर्वी भारत में लगातार बारिश हो रही है, जिससे लगातार तामपान में वृद्धि होने के बजाय गिरावट दर्ज हो रही है।

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    माना जाता है कि तापमान में गिरावट के साथ ही फ्लू, कफ और कोल्ड वाले विषाणु ज्यादा सक्रिय होने लगते है। चूंकि जानलेवा कोरोनावायरस भी के लक्षण भी फ्लू, कफ और कोल्ड जैसे हैं इसलिए ऐसी आंशका जताई जाने लगी है कि जिस तरह से उत्तर और पूर्वी भारत में लगातार बारिश और ओलावृष्टि हो रही है, उससे तापमान गिरेगा और कोरोना वायरस के असर बढ़ सकते हैं।

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    हालांकि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के प्रमुख डा. बलराम भार्गव ने के मुताबिक मौसम के बदले मिजाज का घातक कोरोनावायरस की सक्रियता पर कोई खास असर नहीं होगा। अभी तक दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में कोरोनावायरस के संक्रमण के अब तक 82 मामलों की पुष्टि हो चुकी है और कर्नाटक और दिल्ली में संक्रमित एक-एक बुजर्ग की मौत हो चुकी है, जिससे लोगों में दहशत बढ़ गई है।

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    मालूम हो, कोरोनावायरस के बढ़ते मामले और असर को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर समेत करीब आधा दर्जन राज्यों में स्कूल, सिनेमा हाल, पब और बार बंद कर दिए हैं ताकि भीड़-भाड़ इलाकों में कोराना वायरस के संक्रमण से लोगों को बचाया जा सके। इसके पहले भारत सरकार ने बाहर से आने वाले लोगों की वीजा पर प्रतिबंध लगा दिया था ताकि विदेशी नागरिकों से इसके प्रसार को रोका जा सके।

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    वैसे, डा. भार्गव के मुताबिक तापमान में गिरावट का कोरोनावायरस के संक्रमण की गति बढ़ने से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने तापमान में गिरावट की आशंकाओं को नकारते हुए कहा कि अब तक के अध्ययनों में इस तरह की कोई बात सामने नहीं आई है, क्योंकि नोवल कोरोनावायरस का प्रसार हवा के माध्यम से नहीं होता है।

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    उनके मुताबिक इसके संक्रमण का खतरा जीव जनित होता है। इसमें मरीजों अथवा संक्रमित जीवों के संपर्क में आने से इसके संक्रमण का खतरा अधिक होता है। डा भार्गव ने ठंडक बढ़ने से लोगों को सर्दी, जुकाम और बुखार जैसी व्याधियों से बचने की सलाह दी है और सभी एहतियाती उपाय अपनाने का परामर्श दिया है, जिनके कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बरकरार रहती है।

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    उल्लेखनीय है हिमालय क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण गुरुवार को पंजाब, हरियाणा और दिल्ली एनसीआर सहित उत्तर व पूर्वी इलाकों में लगातार तेज बारिश हो रही है, जिससे तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस गिर चुकी है। चूंकि पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत का रुख कर चुका है और दिल्ली और उत्तर प्रदेश समेत उत्तर-पूर्वी भारत में झमाझम बारिश हो रही है।

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    रिपोर्ट के मुताबिक गत 12 मार्च देर रात और 13 मार्च को सुबह उत्तर प्रदेश में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई, जिससे औसत तापमान में काफी गिरावट दर्ज की गई। आंधी-तूफान, बिजली से पेड़ और दीवार गिरने से वहां 33 लोगों की मौत हो गई। आशंका है कि ठंड बढ़ने से कोरोना वायरस का खतरा बढ़ सकता है।

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    कोरोनो वायरस की जकड़ में आ चुके है 149 देश

    कोरोनो वायरस की जकड़ में आ चुके है 149 देश

    वर्तमान में कुल 149 देश इसकी जकड़ में आ चुके हैं। वर्तमान आंकड़ों पर गौर करें तो अब तक पूरी दुनिया में अभी तक कुल 1,47,933 मरीज सामने आ चुके हैं और उनमें 5,543 की दुखद मौत हो चुकी है। हालांकि संक्रमित 1,47,933 मरीजों में से 72, 572 लोग ठीक हुए हैं, लेकिन अस्पतालों में संक्रमित भर्ती 6,082 की हालत बेहद नाजुक है।

    बारिश से बढ़ेगी कोरोना वायरस की मुसीबत?

    बारिश से बढ़ेगी कोरोना वायरस की मुसीबत?

    कोरोना वायरस का मौसम और तापमान से क्या संबंध है, इस पर अभी कोई पुष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है। इसकी वजह यह है कि जानलेवा वायरस महज दो महीने पहले ही अस्तित्व में आया है। हालांकि फ्लू और कोल्ड वायरस का ट्रेंड देखने से पता चलता है कि ठंड में सक्रिय होता है, जबकि गर्मी में इसमें कमी देखी जाती है। बारिश की जहां तक बात है तो इसके चलते तापमान गिरता है और ठंड बढ़ती है। इसलिए कोरोना वायरस में तेजी आने की संभावना बढ़ जाती है। विशेषज्ञ भी ऐसा मान रहे हैं। हालांकि अन्य विशेषज्ञों ने इस आशंका को सिरे से नकार दिया है।

    कोरोना वायरस ड्रॉपलेट से बढ़ने वाली बीमारी है?

    कोरोना वायरस ड्रॉपलेट से बढ़ने वाली बीमारी है?

    अब मिले लक्षणों पर गौर करें तो घातक कोरोना वायरस इंसान की छींकने या खांसने के बाद नाक अथवा मुंह से निकले ड्रॉपलेट के जरिए दूसरे इंसान में प्रवेश कर रहे हैं। चूंकि यह विषाणु हवा में जिंदा नहीं रह सकता है, लेकिन कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति के नजदीक रहने वाले लोगों को यह आसानी से अपनी चपेट में ले सकता है, क्योंकि यह वायरस इंसानी चमड़ी पर कुल 5 मिनट पर जिंदा रह सकता है जबकि प्लास्टिक जैसी धातुओं पर करीब 9 मिनट तक जिंदा रह सकता है और खतरों से अन्जान लोगों को आसानी से शिकार बना सकता है।

    तामपान गिरने से ज्यादा देर तक जिंदा रह सकते हैं विषाणु

    तामपान गिरने से ज्यादा देर तक जिंदा रह सकते हैं विषाणु

    माना जा रहा है कि लगातार बारिश और ओलावृष्टि से तापमान गिरने पर (बारिश के बाद) हवा में नमी आ जाएगीऔर इस स्थिति में कोरोना वायरस के ड्रॉपलेट हवा में ज्यादा देर तक मौजूद रह सकते हैं। जबकि समान्य स्थिति में मार्च-अप्रैल में तापमान में बढ़ती गर्मी कोरोना वायरस के ड्रॉपलेट को जमीन में गिराने में अधिक सहायक होते और इसके खतरे को कम करने में सहायक होते। इस दशा में इनफेक्शन की संभावना कम हो सकती थी, लेकिन तापमान गिरने से उनके हवा में अधिक देर तक तैरने की वजह से वायरस तेजी से संक्रमण फैला सकते हैं।

     चीन में ठंड में ही फैला जानलेवा कोरोना वायरस

    चीन में ठंड में ही फैला जानलेवा कोरोना वायरस

    दिसंबर में चीन के वुहान सिटी में फैला नोवल कोरोना वायरस ठंड के मौसम में ही पैदा हुआ और मौजूदा समय में चीन के बाद यूरोपीय देश कोरोना वायरस को दूसरा बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। अभी पूरी दुनिया के लगभग 149 देशों इसकी चपेट में आ चुके हैं। चीन में जब कोरोनाव वायरस की शुरुआत तब हुई जब वहां अच्छी-खासी ठंड थी, इसके लक्षण भी सर्दी, खांसी और बुखार से मिलते जुलते हैं, जो आम सर्दी के लक्षण की तरह दिखते हैं।

    ठंड बढ़ने से सर्दी-जुकाम की शिकायत आम है

    ठंड बढ़ने से सर्दी-जुकाम की शिकायत आम है

    अमूमन देखा जाता है कि ठंड बढ़ने पर सर्दी-जुकाम की शिकायत आम होती है, फिर इन्फेक्शन बढ़ने से बुखार भी हो जाता है। ठंड में कोरोना वायरस के बढ़ने की संभावना इसलिए बढ़ जाती है, क्योंकि लोग घरों में कैद होते हैं, बाहर निकलने से खुद को बचाते है, ऐसे में वायरल इन्फेक्शन एक से दूसरे में तेजी से बढ़ने लगती है। कोरोना वायरस के साथ भी ऐसा ही हुआ। ऐसा माना जाता है कि कोरोना वायरस जानवरों से इंसानों में आया है, लेकिन इसे बढ़ाने में ज्यादा भूमिका ठंड ने निभाई है, क्योंकि लोग घरों या किसी बंद स्थान पर ज्यादा देर रुके थे।

    गर्मी बढ़ेगा तो घटेगा कोरोना वायरस का संक्रमण?

    गर्मी बढ़ेगा तो घटेगा कोरोना वायरस का संक्रमण?

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घातक कोरोना वायरस के गर्मी के महीने अप्रैल माह में खत्म होने की संभावना जताई थी, जिसके पीछे उनका तर्क था कि गर्मी में में कोरोना वायरस मर जाते हैं। ट्रंप अकेले ऐसा नेता नहीं हैं, जिन्होंने गर्मियों में सुधार की उम्मीद जताई है। ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री मैट हैंकॉक ने भी कहा था कि वायरस का गर्मी में प्रसार कम होगा। इसके पीछे तर्क यह दिया गया कि अन्य वायरस की तुलना में कोरोना वायरस का यह स्ट्रेन प्रतिरोधी स्ट्रेन है। इसलिए उम्मीद है कि गर्मियों तक स्ट्रेन में कमी आएगी।

     घातक सार्स और मर्स का प्रसार ठंड में बढ़ा और गर्मी में गिरा

    घातक सार्स और मर्स का प्रसार ठंड में बढ़ा और गर्मी में गिरा

    कोरोना वायरस का तापमान से क्या संबंध है, अभी इस पर रिसर्च चल रही है, लेकिन पूर्व के दो जानलेवा वायरस सार्स और मर्स का ट्रेंड देखें तो उनका प्रसार ठंड में बढ़ा और गर्मी में गिरता चला गया. इसे देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि गर्मी बढ़ने से कोरोना वायरस का प्रभाव भी गिरेगा, लेकिन इसका अभी कोई पुख्ता आधार नहीं है।

    उत्तर-पूर्वी भारत में तेज हवाओं के साथ बारिश व ओलावृष्टि

    उत्तर-पूर्वी भारत में तेज हवाओं के साथ बारिश व ओलावृष्टि

    पिछले 24 घंटों के दौरान जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मध्यम से भारी बारिश और बर्फबारी देखने को मिली। वहीं छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार , उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्‍य प्रदेश में तेज हवाओं के साथ व्यापक बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ रही हैं। उत्तर भारत के पहाड़ों और मैदानी राज्यों में अगले 24 घंटों तक मध्यम से भारी वर्षा की आशंका व्यक्त की गई है। जम्मू कश्मीर, हिमाचल, लद्दाख और उत्तराखंड में अच्छी बर्फबारी की संभावना बनी हुई है. दिल्ली-एनसीआर में भी आज बारिश का पूर्वानुमान है।

    उत्तर भारत में 14-15 मार्च तक बारिश और ओलावृष्टि से राहत नहीं

    उत्तर भारत में 14-15 मार्च तक बारिश और ओलावृष्टि से राहत नहीं

    पिछले 46 घंटों से उत्तरी राजस्थान और दिल्ली में भी गरज के साथ बारिश हो रही है। दिल्ली और एनसीआर में जमकर बारिश और ओलावृष्टि हुई है और दिन में रात जैसी स्थिति पैदा हो गई। यह मौसमी गतिविधियां 14 मार्च की शाम तक जारी रह सकती हैं। पंजाब और हरियाणा के उत्तरी जिलों में भी गरज के साथ भारी बारिश हो रही है।

    पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और यूपी में 16 मार्च से बढ़ेगा तापमान

    पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और यूपी में 16 मार्च से बढ़ेगा तापमान

    पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में 14 मार्च तक बारिश जारी रहेगी। इन प्रदेशों में 16 मार्च से तापमान बढ़ेगा। अगले 24 घंटों के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पूर्वी असम और अरुणाचल प्रदेश में भी हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।

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    English summary
    n a recent statement by US President Donald Trump, the connection of the corona virus to the weather had said that in the beginning of April the effect of the corona virus will disappear. Their reasoning behind this was that corona viruses die in the scorching heat, due to which its effect will start to slowly disappear.
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