क्या दवा नकली है? अब आप ऐसे कर सकेंगे पहचान

आप बहुत जल्द खुद से यह पता लगा सकेंगे कि आप जो दवा खरीद रहे हैं, वह सुरक्षित है या नकली है। 1 अगस्त, 2023 से उत्पादित होने वाली ऐसी दवाओं के पैकेट पर क्यूआर कोड होगा, जो अभी सबसे ज्यादा बिकती हैं। ऐसी दवाइयां अगले कुछ हफ्तों में दवा दुकानों पर उपलब्ध होंगी।

आप अपने मोबाइल फोन की मदद से जैसे ही ऐसी दवाओं के क्यूआर कोड को स्कैन करेंगे, आपको यह पता चल जाएगा कि दवा बनाने वाली कंपनी कौन सी है, लाइसेंस किसके नाम है और उसका बैच नंबर आदि क्या है। इससे उस दवा की प्रमाणिकता का पता चलेगा।

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पहले चरण में 300 तरह की दवा पर क्यूआर कोड
टीओआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि यह व्यवस्था सरकार की 'ट्रैक एंड ट्रेस' मेकेनिज्म का हिस्सा है, जिसका मकसद नकली और घटिया दवाओं की बिक्री पर लगाम लगाना आसान होगा। इस मुहिम के पहले चरण के तहत 1 अगस्त से सबसे ज्यादा बिकने वाली 300 तरह की दवाओं पर क्यूआर कोड लगाया जाना है। खुदरा दवा बाजार में ऐसी दवाओं का कारोबार करीब 50,000 करोड़ रुपए का है।

क्यूआर कोड होने से आपका फायदा
आने वाले दिनों में दवा दुकानों में आप जब एंटीबायोटिक्स, एंटीडायबिटिक्स, एंटी-एलर्जिक, हृदय रोग से संबंधित या दर्द निवारक गोलियां लेने जाएंगे तो आपके क्यूआर कोड वाली दवाइयां मिलेंगी। देश के बाजारों में दवा का कुल कारोबार लाखों करोड़ रुपए का है। लेकिन, पिछले कुछ वर्षों में नकली और घटिया दवाओं की जब्ती की घटनाएं सामने आई हैं, जिसने सरकार की भी चिंता बढ़ा रखी है। नई व्यवस्था आम लोगों के हित में है और जालसाजों का धंधा चौपट होने की उम्मीद है।

काफी समय से चल रहा था विचार
जिन नकली दवाओं की खेपें पकड़ी गई हैं, उनमें थायरॉयड,ब्लड प्रेशर की दवाई और कफ सीरप, इंजेक्शन, वैक्सीन आदि शामिल हैं। हालांकि, इस तरह की व्यवस्था की आवश्यकता काफी समय से महसूस की जा रही थी, लेकिन दवा कंपनियों के पास इसकी तैयारियों का अभाव था। यही नहीं इसके लिए जरूरी सॉफ्टवेयर और टेक्नोलॉजी की भी कमी बताई जाती थी।

इन सारी चीजों की डिटेल मिलेगी
लेकिन, अब दवा के पैकेट पर क्यूआर कोड की मदद से इसकी बेहतर पहचान संभव होगी। दवा के सही और जेनरिक नाम, ब्रैंड और निर्माण करने वाली कंपनियों की पूरी डिटेल, उत्पादन की तारीख, एक्सपायरी डेट आदि की भी सही जानकारी मिल सकेगी।

केंद्र सरकार ने पिछले साल नवंबर में ही दवा कंपनियों को इस तरह की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कह दिया था। गौरतलब है कि आने वाले दिनों में यह व्यवस्था भी शुरू होने की उम्मीद है कि अगर दवा की 10 गोलियों वाली स्ट्रिप में से कोई व्यक्ति एक ही गोली लेना चाहे तो उसमें भी उसे ऐसी पूरी डिटेल मिल जाए। इससे न तो दुकानदारों को कोई परेशानी होगी और ग्राहकों को जरूरत से ज्यादा दवा खरीदने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।

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