अभिनेता इरफान को हुई न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर बीमारी के क्या होते हैं शुरुआती लक्षण?
मुंबई। बॉलीवुड एक्टर इरफान खान ने शुक्रवार को अपनी बीमारी के बारे में अपने फैंस को बता दिया है। इरफान ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि उन्हें न्यूरो-एंडोक्राइम ट्यूमर है। इरफान अब अपने इस ट्यूमर के इलाज के लिए लंदन जाएंगे। इरफान ने पिछले दिनों ट्वीट कर बताया था कि वह एक गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। इसके बाद लोगों ने अलग-अलग कयास लगाने शुरू कर दिए थे। कुछ लोगों ने कहा कि उन्हें ट्यूमर है तो कुछ ने बताया कि वह खतरनाक कैंसर का सामना कर रहे हैं। इसके बाद उनकी पत्नी ने अपील की थी कि लोग कयास न लगाएं और इस मुश्किल घंडी में उनके परिवार को लड़ने की हिम्मत मिले, इसकी प्रार्थना करें। आइए आपको बताते हैं कि आखिर यह ट्यूमर क्या होता है और क्या है बाकी ट्यूमर की तरह खतरनाक है?

क्या है एंडो-क्राइन सिस्टम और क्या है ट्यूमर
क्या है एंडो-क्राइन सिस्टम
शरीर का एंडो-क्राइन सिस्टम कई तरह की कोशिकाओं से मिलकर बना होता है जो कई तरह के हार्मोंस को प्रोड्यूस करती हैं। हार्मोन केमिकल पदार्थ होता है जो रक्त कोशिकाओं के जरिए शरीर में बहता है और कई अंगों की कोशिकाओं पर अलग-अलग तरह से प्रभाव डालता है।
क्या होता है ट्यूमर
ट्यूमर उस समय शरीर में बनता है जब स्वस्थ्य कोशिकाओं में किसी तरह का परिवर्तन होता है और वह अनियंत्रित होकर एक गुच्छे में बदल जाती है। किसी भी ट्यूमर या तो इलाज संभव है या फिर वह जानलेवा साबित हो सकता है। लाइलाज ट्यूमर शरीर के दूसरे हिस्सों में फैल सकता है अगर शुरुआत में ही इसका पता न चले और इसका इलाज न हो। दूसरे प्रकार का ट्यूमर ऐसा ट्यूमर है जो बढ़ता है लेकिन वह शरीर के दूसरे हिस्सों को प्रभावित नहीं करता है। इस तरह के ट्यूमर को आसानी से निकाला जा सकता है।

एंडोक्राइन ट्यूमर और न्यूरो-एंडोक्राइन ट्यूमर
एंडोक्राइन ट्यूमर
एंडोक्राइन ट्यूमर शरीर के उस हिस्से पर होता है जहां से हार्मोन प्रोड्यूस होते हैं और शरीर के बाकी हिस्सों में भेजे जाते हैं। एंडोक्राइन ट्यूमर हार्मोन का उत्पादन करने वाली कोशिका से डेवलप होता है और यह ट्यूमर भी हार्मोन प्रोड्यूस कर सकता है। यह हार्मोन ही शरीर में एक गंभीर बीमारी की वजह बनता है।
न्यूरो-एंडोक्राइन ट्यूमर
न्यूरो-एंडोक्राइन ट्यूमर वह ट्यूमर है जो शरीर के न्यूरो-एंडोक्राइन सिस्टम के लिए हार्मोन प्रोड्यूस करने वाली कोशिकाओं पर होता है यानी ऐसी कोशिकाएं जहां से एंडोक्राइन और नर्व कोशिकाओं के लिए हार्मोन का उत्पादन होता है। न्यूरो-एंडोक्राइन कोशिकाएं पूरे शरीर जैसे फेफड़ों, पेट और आंतों जैसे हिस्सों में होती हैं। न्यूरो-एंडोक्राइन कोशिकाएं कुछ खास कामों जैसे शरीर में हवा का क्रम बरकरार रखना और फेफडों के जरिए शरीर में खून संचालन करना, कामों को अंजाम देती हैं। इसके अलावा यह कोशिकाएं आंतों और पेट के जरिए शरीर के बाकी हिस्सों तक होने वाली फूड सप्लाई को भी नियंत्रित करती हैं।

न्यूरो-एंडोक्राइन ट्यूमर के लक्षण
शरीर के किसी भी हिस्से में अचानक ही गांठ नजर आना न्यूरो-एंडोक्राइन ट्यूमर का प्रारंभिक लक्षण है। ये शरीर के किस भाग में हुआ है और कहां तक फैला है, ये भी बेहद अहम है। इसके अलावा शरीर के खास जगह पर लगातार दर्द होना, भूख कम लगना, वजन घटना, चिड़चिड़ापन, डिप्रेशन, उलझन, घबराहट, थकान, बुखार, पसीना आना, सिर दर्द, जॉन्डिस इस बीमारी के प्रमुख लक्षण हैं। इरफान खान को कुछ समय पहले ही जॉन्डिस भी हुआ था, जो कि न्यूरो-एंडोक्राइन ट्यूमर का अहम लक्षण है।

हर वर्ष अमेरिका में इस बीमारी के 12,000 मरीज
एक अनुमान के मुताबिक अमेरिका में हर वर्ष करीब 12,000 लोग इस बीमारी से पीड़ित होते हैं। न्यूरो-एंडोक्राइन ट्यूमर का इलाज पूरी तरह से संभव है लेकिन तभी जब इसका शुरुआती स्तर में पता चले। अमेरिकी विशेषज्ञों के मुताबिक इलाज के पांच वर्ष तक अगर कोई भी व्यक्ति स्वस्थ है तो यह माना जाना चाहिए कि बीमारी ठीक हो चुकी है। हालांकि यह पांच वर्ष भी इस बात पर निर्भर करते हैं कि ट्यूमर कहा था और किस प्रकार था।












Click it and Unblock the Notifications