तो भाजपा के करीबी हैं मुलायम से पंगा लेने वाले अमिताभ ठाकुर?
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला)कौन है आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर जिसने यूपी के खासमखास नेता मुलायम सिंह यादव से पंगा लेने की हिमाकत की? उनके बारे में कहा जाता है कि वे बेहद ईमानदार और लीक से हट कर कार्य करने वाले अफसर है।
कहा ये भी जा रहा है कि वे भाजपा के करीब हैं। भाजपा के कई नेताओं से उनके गहरे संबंध हैं। आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर के बारे में यूपी वालों को तब पता चला था जब कुछ साल पहले इलाहाबाद में वकीलों ने मिलकर एक इंस्पेक्टर की हत्या कर दी थी। उस पुलिस के परिजनों के साथ कोई खड़ा ना था।
चंदा एकत्र किया
तब अमिताभ ठाकुर अपने व्यक्तिगत स्तर से पूरे प्रदेश के पुलिस विभाग से चंदा लेकर उस परिवार की भारी आर्थिक कानूनी मदद दिलवाई थी। हालांकि तब उनकी पोस्टिंग भी इलाहाबाद में नहीं थी।
लीक से हटकर
आईपीएस हो या आईएस यह एक सर्विस कोड के संवैधानिक बंधन में बंधे होते हैं, अमिताभ ठाकुर ने उस संवैधानिक बंधन को बार- बार तोड़ा है। वे कभी टीवी पर चर्चा में भाग लेते हैं तो कभी सरकार के विरुद्ध बयान देते हैं।
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तब क्या होगा
जानकार कहते हैं कि सभी आईएस पीसीएस उनकी राह पर चलने लगें तो स्थिति क्या होगी। यह सोचकर लगता है कि अमिताभ ठाकुर भविष्य की कोई योजना के तहत कार्य कर रहे हैं जिसमें वह चर्चित हों और अंततः किसी राजनीतिक दल के गोद में जाकर बैठ जाएँ। कहने वाले कह रहे हैं कि वे भाजपा के करीब हैं।
उदाहरण जनरल वीके सिंह और पूर्व केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह हैं जो इसी नीति पर चलकर आज मंत्री बने बैठे हैं। इलाहाबद के समाजसेवी मोहम्मद जाहिद कहते हैं कि उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी की पित- पुत्र और उनके चमचों की सरकार ने प्रदेश के लोगों के विश्वास के साथ धोखा किया है।
सवाल उठता है कि अखिलेश यादव आईपीएस या आईएएस को धमकी दे सकते हैं डांट सकते हैं ट्रांसफर कर सकते हैं परन्तु मुलायम सिंह यादव को यह संवैधानिक अधिकार नहीं है क्योंकि वह सत्तारूढ़ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मात्र हैं और शासन के अधिकारियों को सीधे निर्देश आदेश या धमकी देना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है।













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