TMC प्रत्याशी को चेतावनी देने वाले Ajay Pal Sharma को UPSC में मिली थी कौन सी रैंक? डॉक्टरी छोड़ क्यों बने IPS

IPS Ajay Pal Sharma UPSC Rank: उत्तर प्रदेश कैडर के 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा इन दिनों पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मैदान में 'सुपर कॉप' की भूमिका में नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनके वायरल वीडियो ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है, जिसमें वे फलता विधानसभा क्षेत्र में असामाजिक तत्वों को सीधे चेतावनी दे रहे हैं।

मूल रूप से पंजाब के लुधियाना के रहने वाले अजय पाल शर्मा की पहचान केवल एक सख्त अधिकारी की ही नहीं, बल्कि एक बेहद मेधावी छात्र की भी रही है। उन्होंने हाईस्कूल में हिंदी, अंग्रेजी और गणित जैसे कठिन विषयों में 100 में से 100 अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था। सफेद कोट पहनकर मरीजों का इलाज करने वाले एक डेंटिस्ट से लेकर खाकी वर्दी पहनकर अपराधियों के मन में खौफ पैदा करने तक का उनका यह सफर संघर्ष और दृढ़ इच्छाशक्ति की एक मिसाल है।

IPS Ajay Pal Sharma UPSC Rank

UPSC में विफलता से AIR 160 तक का सफर

अजय पाल शर्मा ने पटियाला के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज से बीडीएस (BDS) की डिग्री हासिल की थी। डॉक्टर के रूप में करियर शुरू करने के बाद, उन्होंने जनसेवा के बड़े लक्ष्य के लिए साल 2008 में डॉक्टरी छोड़ दी और UPSC की तैयारी में जुट गए।

  • पहला संघर्ष: साल 2009 में उन्होंने UPSC की लिखित परीक्षा पास की, लेकिन इंटरव्यू में बाहर हो गए।
  • बड़ी सफलता: उन्होंने हार नहीं मानी और साल 2011 में दोबारा परीक्षा दी। इस बार उन्होंने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 160 हासिल की और आईपीएस के लिए चुने गए। उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर आवंटित किया गया।

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दो भाइयों की 'पावर जोड़ी'

अजय पाल शर्मा की सफलता ने उनके परिवार में प्रशासनिक सेवा की राह खोल दी। उनके छोटे भाई अमित पाल शर्मा (IAS Amit Pal Sharma) भी पेशे से डॉक्टर (MBBS) थे। बड़े भाई से प्रेरणा लेकर अमित ने भी यूपीएससी की तैयारी की और साल 2015 में 17वीं रैंक (AIR 17) हासिल कर आईएएस अधिकारी बने। वर्तमान में दोनों भाई उत्तर प्रदेश कैडर में तैनात हैं और राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं।

UP के 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' अजय पाल शर्मा

अजय पाल शर्मा को उनके कार्यकाल के दौरान 100 से अधिक एनकाउंटर्स के लिए जाना जाता है, जिसके कारण जनता उन्हें 'यूपी का सिंघम' और 'दबंग ऑफिसर' कहती है। रामपुर में एक जघन्य कांड के आरोपी को मुठभेड़ में पकड़ने के बाद वे देशभर में सुर्खियों में आए थे।

  • DIG प्रमोशन: जनवरी 2025 में अजय पाल शर्मा को डीआईजी पद पर पदोन्नत किया गया।
  • महाकुंभ 2024-25: प्रयागराज में एडिशनल पुलिस कमिश्नर के तौर पर तैनात रहते हुए उन्होंने हाल ही में संपन्न हुए महाकुंभ की अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था का नेतृत्व किया।
  • बंगाल चुनाव 2026: फिलहाल, चुनाव आयोग ने उन्हें उनकी निष्पक्ष और सख्त छवि के कारण बंगाल के संवेदनशील इलाकों में पुलिस ऑब्जर्वर बनाकर भेजा है।

डॉक्टर से पुलिस अधिकारी बने अजय पाल शर्मा का यह सफर साबित करता है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो, तो रैंक और करियर की चुनौतियां कभी बाधा नहीं बन सकतीं। फलता की गलियों में उनका कड़ा रुख आज एक बार फिर उनकी उसी यूपीएससी वाली मेहनत और ईमानदारी की गवाही दे रहा है।

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