चिदंबरम मामला: जब SC में सुनवाई के दौरान दलीलों के बीच सॉलिसिटर जनरल मेहता बोले, झूठे हैं सिब्बल
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को आईएनएक्स मीडिया मामले में गिरफ्तार पी चिदंबरम की याचिका पर बहस के दौरान कपिल सिब्बल और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता में तीखी बहस हुई। चिंदबरम के वकील सिब्बल ने मेहता पर हाईकोर्ट जज को एक नोट देने का आरोप लगाया तो उन्होंने कहा कि आप झूठे हैं। एसजी मेहता ने चिदंबरम के सीबीआई रिमांड में होने की बात कहते हुए उनकी जमानत का विरोध किया, इसी दौरान सिब्बल ने नोट का मामला उठा दिया।

सुप्रीम कोर्ट में कपिल सिब्बल ने कहा, दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका सुप्रीम कोर्ट में समय पर पहुंचने के बावजूद सुनवाई नहीं होना चिदंबरम के मौलिक अधिकार का हनन है। हाईकोर्ट में बहस खत्म होने के बाद सॉलिसिटर जनरल ने हाईकोर्ट के जज को एक नोट दिया। दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला बिल्कुल वही था जो उस नोट में लिखा था। चिदंबरम की जमानत खारिज होने का आधार ही वह नोट था। इस पर सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, झूठा बयान न दें। मैंने जस्टिस गौर को कोई नोट नहीं दिया। इस पर सिब्बल ने कहा कि वो क्या शपथ लेकर अपनी बात कहें।
सुप्रीम कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल ने दलील देते हुए कहा कि जब आरोपी कस्टडी में हैं तो अंतरिम जमानत की किसी तरह बात ही नहीं हो सकती। जबकि सिब्बल ने उनको जमानत की मांग की।
चिदंबरम की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अब 26 अगस्त को सुनवाई करेगा। शुक्रवार को चिदंबरम की याचिका पर अदालत ने सुनवाई के लिए चार दिन बाद की तारीख दी है। मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद चिदंबरम सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं।












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