सैयद अली शाह गिलानी के निधन के बाद घाटी में इंटरनेट सेवा को किया गया बंद
नई दिल्ली, 02 सितंबर। अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी का 92 साल की उम्र में बुधवार की शाम निधन हो गया है। जिसके बाद पुलिस ने कश्मीर में इंटरनेट सेवा को बंद करने का फैसला लिया है। कश्मीर के आईजीपी विजय कुमार ने हालात को देखते हुए घाटी में कई पाबंदियों का ऐलान किया है जिसमे इंटरनेट सेवा को बंद किए जाने का भी फैसला लिया गया है। दरअसल गिलानी के निधन के बाद घाटी में हालात को देखते हुए पुलिस ने इंटरनेट को बंद करने का फैसला लिया है।
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सैयद अली शाह गिलानी के निधन के बाद घाटी में सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है। इंटरनेट सेवा को बंद किए जाने के साथ ही गिलानी के घर के बाद सुरक्षा को काफी बढ़ा दिया गया है। हुर्रियत के कुछ वरिष्ठ नेताओं को भी नजरबंद किया गया है। मुख्तार अहमद रजा को दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर लिया गया है। गौर करने वाली बात है कि सैयद अली शाह गिलानी सोपोर विधानसभा से 1972, 1977, 1987 में तीन बार चुने गए थे।
बता दें कि सैयद अली शाह गिलानी घाटी में बड़े अलगाववादी नेता थे, वह लंबे समय से बीमारी से जूझरहे थे। उन्होंने पिछले साल हुर्रियत और राजनीति से भी संन्यास ले लिया था। माना जा रहा है कि गिलानी का अंतिम संस्कार आज किया जाएगा। इससे पहले मार्च 2018 को भी गिलानी को दिल का दौरा पड़ा था। गिलानी के निधन के बाद पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट करके दुख जाहिर किया है। उन्होंने ट्वीट करके लिखा कि गिलानी साहब के निधन की खबर से दुखी हूं। हमारे बीच बहुत से मुद्दों पर राय अलग थी लेकिन मैं उनका सम्मान करती थी, वह अपनी विचार के लिए मजबूती से खड़े रहते थे। अल्लाह ताला उन्हें जन्नत दे, उनके परिवार और चाहने वालों के प्रति मैं संवेदना जाहिर करती हूं।












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