Yoga Day 2023: कौन से आसान योगासन हैं जिससे स्ट्रेस और टेंशन हो जाता है रफू-चक्कर
easy yogasanas for Stress Relief, make tension go away?
Yoga Poses for Stress Relief: वर्तमान समय में हर आयु वर्ग के लोग किसी ना किसी टेंशन के कारण स्ट्रेस से भरी जिंदगी बिता रहे हैं। कई लोग तनाव के कारण रात-रात भर जागकर बिता देते हैं तो कुछ इस तनाव से राहत पाने के लिए दिमाग शांत रखने वाली चाय, साउंड थेरेपी और स्पा ट्रीटमेंट जैसे कई नए-नए तरीके अपना रहे हैं और इस पर हजारों खर्च कर रहे हैं।
जबकि हर इंसान के पास तनाव को दूर करने के सर्वोत्तम और सस्ता तरीका मौजूद है वो योग है जो प्राचीन काल से हमारे ऋषि मुनियों के काल से चला आया है।

योगाअसन रेगुलर करने से आपका ब्लड प्रेशर और डिप्रेशन और चिंता से छुटकारा मिलता है। योग न केवल एक बेहतरीन तनाव से मुक्ति दिलाता है बल्कि शारीरिक तनाव को दूर करने में भी प्रभावी है। अंतराष्ट्रीय योग दिवस 2023 पर हम आपको ऐसे आसन बताने जा रहे है जो तनाव और चिंता को कम करने में मदद करेंगे।
सुखासन
सुखासन तनान दूर करने के लिए सबसे लाभकारी आसन होता है। हर दिन केवल दस मिनट तक इस आसन को करके आप आपने दिमा को शांत रखकर तनान को कम कर सकते हैं। इससे एक्रागता बढ़ती है और दिमाग तक का ब्लडसर्कुलेशन बेहतर होता है। ये आपकी रीढ़ को लंबा करेगा और आपके कूल्हों को खोलेगा। इससे मानसिक और शारीरिक थकान भी कम होगी।
ऐसे करें
अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा करके और पैरों को अपने सामने फैलाकर बैठ कर शुरुआत करें। अब, अपने घुटनों को मोड़ें और अपने बाएं पैर को अपने दाहिने घुटने के नीचे और अपने दाहिने पैर को अपने बाएं घुटने के नीचे लाएं। हथेलियों को घुटनों पर रखें। अपने सिर, गर्दन और रीढ़ को सीधा करें और अपनी सांसों पर ध्यान दें। 60 सेकेंड तक इसी स्थिति में रहें और फिर क्रॉस किए हुए पैरों की पोजीशन को बदल लें ।
बालासन
बालासन आपके लिंफेटिक सिस्टम और नर्वस सिस्टम के लिए लाभकारी होता है। इस योगासन को करने से दिमाग शांत होता है और तनाव दूर होता है। ये शरीर की जांघों, कूल्हों और टखनों को फैलाता है। इससे गर्दन और कमर के दर्द में राहत मिलती है।
ऐसे करें
घुटने टेककर उसके बल पर बैठ जाए, इसके बाद अब आगे की ओर तब तक झुकें जब तक आपकी छाती आपकी जांघों को न छू ले। अपने दोनों हाथ को साइड में रखे। गहरी सांस लें और जब तक संभव हो उतनी देर तक इसी पोज में रहे।
पश्चिमोत्तानासन
पश्चिमोत्तानासन में बैठकर आगे की ओर झुकना होता है। ये रीढ़, हैमस्ट्रिंग और पीठ के निचले हिस्से में खिंचाव लाएगा। तनाव दूर करने के अलावा, यह मुद्रा पीएमएस के लक्षणों को कम करेगी, पाचन भी सुधारेगी, लिवर को सुधारेगी, थकान कम करेगी और महिलाओं में होने वाले मोनोपॉज के लक्षणों से राहत देता है।
ऐसे करें
अपने पैरों को आगे बढ़ाकर बैठ कर शुरुआत करें। अब आगे की ओर तब तक झुकें जब तक आपका पेट आपकी जांघों को न छू ले। अपने पैरों को अपने हाथों से पकड़ें। 30 सेकंड के लिए इस स्थिति में रहें और फिर मूल स्थिति में वापस आ जाएं।
उत्तानासन
उत्तानासन में आगे की ओर झुकना होता है। इस आसन को करने से हल्के ड्रिपेशन और तनाव में रिलीफ मिलता है। यह दिमाग को शांत करेगा करता है और किडनी और लिवर के लिए लाभकारी होता है। उत्तासन घुटनों को भी मजबूत करने के साथ कूल्हों, पिंडलियों और हैमस्ट्रिंग को स्ट्रेच करता है।
ऐसे करें
सीधे खड़े हो जाएं और आगे की ओर झुकें और अपनी हथेलियों को जमीन से छूने के लिए अपने शरीर को स्ट्रेच करें। गहरे खिंचाव हो इसके लिए अपने पैरों को सीधा ही रखें, घुटनों से मुड़न ना दें। इसी पोजीशन में तीन से चार बार गहरी सांसें लें और फिर सामान्य स्थिति में आ जाएं।
आनंद बालासन
आनंद बालासन को हैप्पी बेबी पोज भी कहा जाता है, ये दिमाग को शांत करने और थकान और तनाव से छुटकारा पाने में मदद करता है। यह धीरे से आपकी रीढ़ और ग्रोइन को स्ट्रेच करता है।
ऐसे करें
दोनों पैरों को फैलाकर अपनी दोनों होथा के अपनी तरफ करके अपनी पीठ के बल लेट जाएं। इसके बाद अपने दोनों घुटनों को पेट की तरु मोड़े और अपने हाथ को फैलाए और उससे अपने पैरों को पकड़े। दोनों हाथों से पकड़कर घुटनों को जितना हो सके चौड़ा खोले और इस पोजीशन में 60 सेकेंउ तक रहे, इसके बाद रिलैक्स हो जाएं।












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