Influenza के मामलों में उछाल, बच्चों-बुजुर्गों को अधिक खतरा, डॉक्टर से जानिए बचाव के उपाय
सीजन बदलने के साथ बीमारियां भी दस्तक देने लगती हैं। इन्फ्लूएंजा ऐसी ही एक प्रमुख सेहत से जुड़ी परेशानी है। डॉक्टर से जानिए बुखार और संक्रमण का कारण बनने वाले Influenza से कैसे बचा जा सकता है।

होली के आगमन के साथ ही सर्दी का मौसम लगभग देश के सभी हिस्सों से लगभग खत्म हो गया है। हालांकि, फेस्टिवल सीजन में फीवर एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार देश के कई हिस्सों में लोग इस समय बुखार, गंभीर और लंबे समय तक बीमार रखने वाले फ्लू के संक्रमण से जूझ रहे हैं। कई लोग वायरल बुखार की चपेट में हैं। सेहत से जुड़ी इन्हीं चुनौतियों में एक है Influenza संक्रमण। इसके लक्षण खांसी, सर्दी और बुखार हैं जो कई दिनों तक बने रहते हैं। इससे परिवार के कई लोगों पर लंबी अवधि के लिए गंभीर रूप से बीमार पड़ने का खतरा होता है। जब कोविड-19 की जांच की गई तो अधिकांश रोगियों की रिपोर्ट निगेटिव आई।
बदलते मौसम के साथ सेहत का इम्तिहान लेने वाले संक्रमण और चुनौतियों से बचने का एकमात्र उपाय सावधानी और इनके बारे में पर्याप्त और प्रमाणिक जानकारी रखना है। जानिए कुछ अहम बातें-
इन्फ्लूएंजा के प्रमुख कारण क्या हैं?
- ठंड का मौसम
- वायरल इंफेक्शन में बढ़ोतरी
- पर्यावरण प्रदूषण
इन्फ्लूएंजा संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच एक सकारात्मक पहलू ये है कि शायद ही कोई रोगी ऐसा है जिसे इन्फ्लूएंजा के साथ-साथ कोविड-19 से भी संक्रमित पाया जाए। अधिकांश आयु वर्ग के लोग सामान्य फ्लू से पीड़ित हैं, लेकिन मरीजों की गंभीरता का स्तर अलग-अलग है। डॉक्टरों ने मरीजों में पाए गए सबसे कॉमन लक्षणों की जानकारी भी शेयर की।
- इन्फ्लूएंजा के मरीजों में कॉमन लक्षण
- छाती में संक्रमण
- एटिपिकल निमोनिया
- रक्त में कम ऑक्सीजन का स्तर
- सांस से जुड़ी परेशानी
NHSRCC नारायणा हेल्थ केयर के तहत संचालित मुंबई का मशहूर चिल्ड्रेन हॉस्पिटल है। इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट में कंसल्टेंट डॉ बेहज़ाद भंडारी ने बताया कि ओपीडी और अस्पतालों में सांस से जुड़े ऊपरी और निचले रोगों (upper and lower respiratory diseases) के बहुत सारे मामले आ रहे हैं। कई बच्चों को इन्फ्लूएंजा संक्रमित पाया गया है। कई बच्चे कई अन्य वायरल बीमारियों से भी प्रभावित हैं। हाल ही में मामले अचानक बढ़ गए हैं। मरीजों में बुखार, सर्दी और लंबे समय तक खांसी कुछ मुख्य लक्षण हैं।
डॉ बेहज़ाद भंडारी के अनुसार ऐसे मामलों में अक्सर लंबे समय तक उपचार की जरूरत होती है। मानक उपचार के नियमों पर खराब प्रतिक्रिया होती है। तापमान में उतार-चढ़ाव और बढ़ते प्रदूषण के स्तर के कारण लोगों की इम्यूनिटी यानी प्रतिरक्षा प्रणाली भी प्रभावित हुई है। बहुत सारे बच्चे और वयस्क इन वायरल बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। हालांकि ऐसा लगता है कि कोविड-19 के मामलों में गिरावट आई है, लेकिन अभी भी सलाह दी जाती है कि जहां भी संभव हो मास्क जरूर लगाएं। हाथों को स्वच्छ रखने संबंधी निर्देशों का पालन करें। संक्रमण फैलाने वाले वायरस आप पर अटैक न करें, इसके लिए हाइड्रेटेड रहें। यानी पर्याप्त पानी पीएं"
वर्तमान वायरल बुखार और इन्फ्लूएंजा संक्रमण के लक्षण क्या हैं? इस सवाल पर डॉक्टरों के अनुसार, मौजूदा इन्फ्लूएंजा को कई लक्षणों से पहचाना जा सकता है। इनमें प्रमुख हैं:
- गले में दर्द
- आवाज कर्कश होना (Hoarseness)
- सांस से जुड़ी परेशानी
- बुखार
- खांसी
ऐसे मरीजों में संवेदनशील समूह भी है। ऐसे लोग जो पहले से हृदय रोग, अस्थमा, मधुमेह जैसी बीमारियों से पीड़ित हैं, बुजुर्ग और बच्चे हैं उन्हें डॉक्टर खास एहतियात का परामर्श देते हैं। डॉक्टरों के अनुसार ऐसे लोगों को खास तौर पर मास्क पहनने की सलाह देते हैं, जब भीड़-भाड़ वाली जगहों से गुजरना पड़े। इन्फ्लूएंजा के खतरे से बचा जा सके, इसलिए बचाव के उपाय शेयर किए जा रहे हैं। हालांकि, अब मामलों में स्पष्ट गिरावट भी हो रही है।
Recommended Video
इन्फ्लुएंजा के खतरे से बचने के लिए क्या सावधानी बरतनी चाहिए? इस पर डॉक्टरों की सबसे पहली सलाह बिना एक्सपर्ट एडवाइज के खुद से दवाई खाने से बचना शामिल है। अन्य उपायों पर एक नजर:
- एंटीबायोटिक दवाओं के प्रयोग से बचें
- भरपूर पानी पीने का प्रयास करें
- फ्लू शॉट लें
- सार्वजनिक स्थान पर मास्क पहनें
- स्वस्थ भोजन खाएं
नोट : डॉक्टरों की राय और सुझाव केवल सामान्य सूचना के लिए है। वन इंडिया हिंदी इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह नहीं समझा जाए। फिटनेस रुटिन या डायट फिक्स करने से पहले या खान-पान की चीजों में किसी भी तरह का बदलाव करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।












Click it and Unblock the Notifications