तेलंगाना चुनाव के पहले भाजपा में शुरू हुआ घमासान, इस्तीफे और विरोध ने बढ़ाई मुश्किल
तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2023 के लिए मतदान 30 सितंबर को होने वाले हैं, इससे पहले भारतीय जनता पार्टी संकटक से जूझ रही है। तेलंगाना में भी भाजपा वो ही संकट झेल रही है जिसका सामना मई 2023 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले उसने किया था। भाजपा के उम्मीदवारों की लिस्ट जारी होने के बाद कई नेताओं के इस्तीफे और विरोध- प्रदर्शनों ने तेलंगाना में भाजपा को हिलाकर रख दिया है।

बता दें रविवार को भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व ने 52 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी जिसके तीन दिन बाद बुधवार को कोमाटिरेड्डी राजगोपाल रेड्डी ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया और दोबारा अपनी पुरानी पार्टी कांग्रेस में जाने का ऐलान कर दिया। हालांकि उन्होंने भाजपा पर कुछ तीखे प्रहार नहीं किए बल्कि कहा भाजपा खुद को सत्तारूढ़ बीआरएस के विकल्प के रूप में पेश करने में विफल रही है।
वहीं भाजपा के उम्मीदवारों की लिस्ट जारी होने के बाद असंतुष्ट नेताओं ने वारंगल से लेकर निर्मल तक अन्य जिलों में भी विरोध प्रदर्शन और हंगामा किया। पार्टी के राज्य आधिकारिक प्रवक्ता एनुगुला राकेश रेड्डी वारंगल पश्चिम सीट से विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते थे लेकिन उनके प्रति पार्टी नेतृत्त्व ने अनदेखी की और राव पद्मा को टिकट दे दिया गया है।
जिसके बाद खबर है कि राकेश रेड्डी केनिर्दलीय चुनाव लड़ने की योजना बना रहे थे और भाजपा को टक्कर देने का मन बना रहे हैं। वहीं भाजपा की जिला अध्यक्ष डॉ. पी रमा देवी, जो मुधोल से टिकट की उम्मीद कर रही थीं, उन्होंने मीडिया में आकर कहा कि अगर भाजपा उन्हें टिकट नहीं देती है तो वो पार्टी से इस्तीफा दे देंगी।
वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता भुक्या जानू बाई ने भी खानापुर विधानसभा सीट से च पार्टी से टिकट ना मिलने से नाराज होगा निर्मल में पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया।
वहीं करीमपुर से भाजपा ने सांसद और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बंदी संजय के पार्टी नेतृत्व से नाराज होने की खबरें हैं दावा किया जा रहा है कि उन्होंने कहा है कि पार्टी नेतृत्व उन्हें विधानसभा चुनाव में चुनावी मैदान में उतार कर उनकी छवि खराब करना चाहता है क्योंकि उन्हें करीमपुर से जीत हासिल होने की उम्मीद नहीं है।












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