इंदू सरकार: इंदिरा की शादी में आड़े आ गया था धर्म, इमरजेंसी में मोदी को बनना पड़ा था 'सरदार'
नई दिल्ली। मधुर भंडाकर की फिल्म 'इंदू सरकार' 28 जुलाई को रिलीज होने जा रही है। इस फिल्म को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मधुर भंडारकर का दावा है कि उनकी यह फिल्म आपातकाल पर आधारित है। कांग्रेसियों को यह बात हजम नहीं हो रही हैं। वे भंडाकर को धमकी दे रहे हैं।
बहरहाल, फिल्म की रिलीज डेट तो तय है, लेकिन इसमें अभी थोड़ा समय है, तब तक हम आपको बताते हैं इंदिरा गांधी के जीवन जुड़ी कुछ रोचक बातें।

इलाहाबाद में हुआ था जन्म
इंदिरा गांधी का जन्म 19 नवंबर 1917 को उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में हुआ था। घर पर सब उन्हें इंदू कहकर बुलाते थे। मधुर भंडारकर ने इसी वजह से फिल्म का नाम 'इंदू सरकार' रखा है।इंदिरा गांधी की शादी फिरोज गांधी के साथ हुई थी। फिरोज गुजराती मूल के थे, लेकिन उनका जन्म मुंबई में हुआ था।

इंदिरा से तब बढ़ीं नजदीकियां
फिरोज गांधी की सबस पहले मुलाकात इंदिरा गांधी की मां कमला नेहरू से हुई थी। एक विरोध प्रदर्शन के दौरान उनकी तबियत खराब हो गई थी, उस वक्त फिरोज मौजूद थे। उन्होंने कमला नेहरू की मदद की, जिसके बाद वह घर भी आने-जाने लगे। इसी दौरान इंदिरा गांधी से उनकी नजदीकियां बढ़ीं।

1942 में हुआ विवाह
कमला नेहरू को जब पता चला कि इंदिरा और फिरोज एक-दूसरे को पसंद करते हैं, तो वह नाराज हो गई थीं, उन्हें गैर धर्म के व्यक्ति से इंदिरा का शादी करना पसंद नहीं था। महात्मा गांधी ने समस्या का हल निकालते हुए उन्हें अपना नाम दिया और फिरोज 'गांधी' बन गए। इसके बाद 1942 में दोनों का विवाह संपन्न हुआ। फिरोज गांधी का निधन 1960 में हो गया था। इंदिरा गांधी 24 जनवरी 1966 को पहली बार भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी थीं।

तब मोदी को बदलना पड़ा था वेष
इंदिरा गांधी ने 25 जून 1975 को देश में आपातकाल लगा दिया था, जो कि 21 महीने चला था। इस दौरान अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी समेत कई विपक्षी नेताओं को जेल जाना पड़ा था। मौजूदा पीएम नरेंद्र मोदी को आपातकाल के दौरान वेष बदलना पड़ा था।

पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति जिया उल हक भी आए थे
नरेंद्र मोदी ने उस समय पुलिस की नजरों से बचने के लिए पगड़ी पहनी और दाढ़ी बढ़ा ली थी। इंदिरा गांधी का अंतिम संस्कार शक्ति स्थल पर किया गया था। उस मौके पर फलिस्तीनी नेता यासिर अराफात भी आए थे। वह इंदिरा गांधी के प्रशंसक थे और उनके निधन पर फूट-फूट कर रोए थे। बहुत कम लोग इस बात को जानते होंगे कि इंदिरा गांधी के अंतिम संस्कार में पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति जिया उल हक ने भी शिरकत की थी।












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