IndiGo Flight Cancellations: इंडिगो की 'लापरवाही' पर एक्शन! सुप्रीम कोर्ट पहुंचा फ्लाइट कैंसिलेशन मामला
IndiGo Flight Cancellations: इंडिगो एयरलाइन का परिचालन संकट लगातार पांचवें दिन भी बना हुआ है। शनिवार, 6 दिसंबर को भी देशभर में कई उड़ानें रद्द की गईं, जिससे यात्रियों की परेशानी कम होने के बजाय और बढ़ गई। पिछले चार दिनों से चल रहे इस ऑपरेशनल का असर पूरे एविएशन नेटवर्क पर दिख रहा है। एयरलाइन ने 1,000 से अधिक उड़ानें रद्द थीं।
इस बीच, दिल्ली एयरपोर्ट ने एक एडवाइजरी जारी कर कहा है कि इंडिगो की उड़ानें धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं, हालांकि यात्रियों को एयरपोर्ट आने से पहले फ्लाइट स्टेटस की जांच अवश्य करनी चाहिए। सबसे बड़ा अपडेट यह है कि यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है।

सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
इंडिगो की लगातार हो रही उड़ान रद्दियों से परेशान यात्रियों ने अब न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की है। शनिवार, 6 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई जिसमें मुख्य न्यायाधीश (CJI) की दखलंदाजी की अपील की गई है। याचिका में मांग की गई है-
- सुप्रीम कोर्ट इस मामले में स्वत: संज्ञान (suo motu cognizance) ले।
- नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA को स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दे
- इस संकट पर तत्काल सुनवाई के लिए विशेष पीठ गठित की जाए
- यात्रियों को हुए आर्थिक नुकसान और मानसिक उत्पीड़न पर विचार किया जाए
याचिका में कहा गया कि अचानक उड़ानें निलंबित होने से यात्रियों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है-कई यात्रियों की कनेक्टिंग फ्लाइट्स, होटल बुकिंग, विदेश यात्राएं और जरूरी मीटिंग्स तक प्रभावित हुई हैं।
DGCA ने अब तक क्या बताया
DGCA ने इंडिगो पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यह संकट एयरलाइन की "गलत आकलन और योजना की कमी" का परिणाम है। दरअसल, DGCA द्वारा लागू किए गए नई Flight Duty Time Limitation (FDTL) नियमों-जो पायलटों और क्रू की नींद और कार्य-घंटों को संतुलित करने के लिए बनाए गए हैं-का अनुपालन करने में इंडिगो से भारी गलती हुई।
DGCA के अनुसार, इंडिगो ने नई ड्यूटी-रूल्स को लागू करने में गंभीर चूक हुई। क्रू-मैनेजमेंट को लेकर एयरलाइन ने सही प्लानिंग नहीं की नतीजतन उड़ानों का शेड्यूल ध्वस्त हो गया
नागरिक उड्डयन मंत्री ने क्या कहा?
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने ANI को दिए इंटरव्यू में साफ कहा कि इंडिगो की इस स्थिति के पीछे उनकी खराब क्रू-मैनेजमेंट और DGCA नियमों की गलत हैंडलिंग मुख्य वजह है। उन्होंने कहा हमने एक कमेटी गठित कर दी है, जो यह जांच करेगी कि कहां गलती हुई और किसकी वजह से यह स्थिति पैदा हुई। जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी। मंत्री ने यह भी बताया कि स्थिति को संभालने के लिए मंत्रालय ने इंडिगो को अस्थायी राहत प्रदान की है, ताकि एयरलाइन धीरे-धीरे अपनी सेवाओं को बहाल कर सके।
देशभर में उड़ानें अब भी रद्द-कई एयरपोर्ट प्रभावित
शनिवार, 6 दिसंबर की सुबह तक कई एयरपोर्ट्स पर उड़ान रद्द होने का सिलसिला जारी रहा।
तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट (केरल)
- 3 डोमेस्टिक अराइवल और 3 डिपार्चर फ्लाइट्स कैंसिल
अहमदाबाद एयरपोर्ट (गुजरात)
- रात 12 बजे से सुबह 6 बजे के बीच 7 अराइवल और 12 डिपार्चर फ्लाइट्स कैंसिल
चेन्नई एयरपोर्ट (तमिलनाडु)
- सुबह 9 बजे तक कुल 29 उड़ानें रद्द
- दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े हब पर भी इंडिगो की कई फ्लाइटें लेट और री-शेड्यूल की जा रही हैं।
हालात कब होंगे सामान्य?
हालांकि दिल्ली एयरपोर्ट ने बताया कि इंडिगो की ऑपरेशन गतिविधिया सामान्य हो रही हैं, लेकिन एयरलाइन के अनुसार 10 से 15 दिसंबर के बीच स्थिति पूरी तरह सामान्य होने की संभावना है। क्रू की उपलब्धता और नई शेड्यूलिंग में अभी कुछ दिन और लगेंगे।












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