IndiGo Crisis: यह हमारे रिकॉर्ड पर दाग है! इंडिगो फ्लाइट फेल होने पर ऐसा क्यों बोले चेयरमैन विक्रम मेहता?
IndiGo Flight Crisis Update: पिछले एक हफ्ते से लगातार चल रहे इंडिगो के फ्लाइट संकट ने देश की सबसे बड़ी एयरलाइन के संचालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों में गुस्सा बढ़ता गया, सोशल मीडिया शिकायतों से भर गया और एयरलाइन की छवि को भी बड़ा झटका लगा।
इन सबके बीच इंडिगो के चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता ने आखिरकार चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि यह पूरा घटनाक्रम कंपनी के बेदाग रिकॉर्ड पर "एक बड़ा दाग" है और एयरलाइन अपने ग्राहकों को हुई असुविधा के लिए ईमानदारी से माफी मांगती है।

इंडिगो चेयरमैन ने क्या कहा?
इंडिगो की X हैंडल पर जारी एक आधिकारिक वीडियो संदेश में मेहता ने कहा कि पिछले हफ्ते की घटनाएं ऐसी थीं, जिनसे यात्रियों को बेहद मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उन्होंने स्वीकार किया- "हजारों यात्री फंसे, कई लोग परिवार के महत्वपूर्ण कार्यक्रम, बिज़नेस मीटिंग, मेडिकल अपॉइंटमेंट और इंटरनेशनल कनेक्शन तक मिस कर बैठे। हमें पता है कि यह कितनी परेशानी पैदा करने वाला था। हमने यात्रियों को निराश किया है।"
मेहता ने कहा कि स्थिति को सामान्य करने के लिए मैनेजमेंट और ऑपरेशनल टीमें लगातार काम कर रही थीं और इसी वजह से उन्होंने थोड़ी देर से बयान दिया, ताकि वे पहले हालात को स्थिर कर सकें और फिर जनता से बात कर सकें।
बोर्ड करेगा हर स्तर की जांच
चेयरमैन ने अपने संदेश में बताया कि इंडिगो बोर्ड ने एक अहम फैसला लिया है-कंपनी इस पूरे संकट की गहन पड़ताल करेगी। इसके लिए एयरलाइन बाहरी तकनीकी विशेषज्ञों की भी मदद लेगी, जो प्रबंधन के साथ मिलकर इस बात का पता लगाएंगे कि गड़बड़ी किस वजह से इतनी बढ़ी, और आगे ऐसी स्थिति दोबारा न हो इसके लिए क्या कदम जरूरी हैं। मेहता ने कहा कि यह घटनाएं हमारी रिकॉर्ड पर दाग हैं। हम जड़ तक जाएंगे और सुधारात्मक कदम ज़रूर उठाएंगे।
क्या हैं ताजा हालात?
मेहता ने बताया कि इंडिगो ने अपनी ऑपरेशनल स्थिति काफी हद तक सुधार ली है और 10 दिसंबर को कुल 1,900 फ्लाइटें ऑपरेट की गईं। एयरलाइन ने फिर से 138 सभी डेस्टिनेशनों को कवर किया। ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (OTP) धीरे-धीरे फिर सामान्य स्थिति में लौट रही है। उन्होंने इस दावे को खारिज किया कि कंपनी ने जानबूझकर फ्लाइट संकट पैदा किया या किसी नीति को प्रभावित करने की कोशिश की।
मेहता ने सीधा जवाब दिया इंडिगो ने जुलाई और नवंबर में लागू हुए नए नियमों का 100% पालन किया है। हमने कभी भी सुरक्षा के साथ समझौता नहीं किया।
तो फिर संकट हुआ क्यों? चेयरमैन ने बताई छह बड़ी वजहें
मेहता ने इस अभूतपूर्व फ्लाइट व्यवधान के पीछे कई आंतरिक और बाहरी कारण गिनाए।मेहता ने इस अभूतपूर्व फ्लाइट व्यवधान के पीछे कई आंतरिक और बाहरी कारण गिनाए:
- माइनर टेक्निकल गड़बड़ियां
- सर्दियों की शुरुआत के साथ शेड्यूल में भारी बदलाव
- लगातार खराब मौसम
- एयर ट्रैफिक कंजेशन में तेज़ी
- अपडेटेड क्रू रोस्टरिंग नियमों का असर
- सीमित बफर उपलब्धता, जिससे एक गड़बड़ी का असर पूरी चेन पर पड़ा
उन्होंने कहा कि ये कारण "बहाना नहीं हैं"-और यही वजह है कि बोर्ड मीटिंग की गई और क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप गठित किया गया।।
DGCA एक्शन: 10% शेड्यूल कट और 220 फ्लाइटें रद्द
संकट के नौवें दिन भी इंडिगो को भारी परिचालन व्यवधान का सामना करना पड़ा। बुधवार को एयरलाइन को लगभग 220 फ्लाइटें रद्द करनी पड़ीं, जबकि DGCA ने डोमेस्टिक विंटर शेड्यूल में 10% कटौती का आदेश जारी कर दिया। इससे यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ गईं तथा एयरलाइन पर दबाव भी गहरा हुआ।
इस पूरे संकट का वित्तीय असर भी साफ दिखाई देने लगा है। इंडिगो ने अपने क्षमता (Capacity) अनुमान को घटाकर हाई सिंगल से अर्ली डबल डिजिट कर दिया है, जबकि पहले यह हाई टीन्स था। वहीं, Passenger Unit Revenue में भी मिड-सिंगल डिजिट गिरावट का अनुमान जताया गया है, जिससे कंपनी की तिमाही आय पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है।
क्या संकट खत्म होने के करीब है?
पिछले एक हफ्ते से जारी इंडिगो की मुश्किलें भारतीय एविएशन सेक्टर के लिए भी चेतावनी की तरह देखी जा रही थीं। लेकिन चेयरमैन के बयान, गहन जांच के ऐलान, और ऑपरेशनल सुधारों के बाद माना जा रहा है कि एयरलाइन आने वाले दिनों में फिर सामान्य गति पकड़ लेगी। यात्रियों को फिलहाल थोड़ी राहत मिल रही है-और इंडिगो के लिए अब सबसे बड़ा लक्ष्य है अपनी छवि और भरोसे को एक बार फिर मजबूत करना।












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