भारत का 'स्नेक मास्टर' है ये शख्स, 30 साल में पकड़े 30 हजार से अधिक जहरीले सांप, 3000 बार खुद बना शिकार
तिरुवनन्तपुरम, 05 फरवरी। जहरीले सांपों के साथ दोस्ती रखना, यमराज संग यारी के बराबर ही है। सांप कभी अपना व्यवहार नहीं छोड़ता, मौका मिलने पर वह जरूर हमला करता है। भारत में किंग कोबरा समेत कई ऐसे जहरीले सांप पाए जाते हैं, जिनके काटने के कुछ मिनट भीतर ही वयस्क इंसान की मौत हो सकती है। लेकिन भारत में कुछ ऐसे भी लोग रहते हैं, जिन्हें कई बार सांप काट चुके हैं लेकिन वो आज भी जिंदा है। केरल के रहने वाले वावा सुरेश उन्हीं में से एक हैं।

स्नेक मास्टर वावा सुरेश की कहानी
कुछ दिनों पहले केरल से वावा सुरेश का एक वीडियो काफी वायरल हुआ था जिसमें वो एक जहरीले किंग कोबरा को पकड़ते नजर आ रहे थे। उसी दौरान सांप मौका मिलते ही सुरेश के पैर में काट लेता है, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि सुरेश को अब तक करीब 3000 बार सांपों ने काटा है, लेकिन हर बार उन्होंने मौत को चकमा दे दिया। वावा सुरेश केरल के मशहूर स्नेक कैचर हैं, सांपों संग उनकी दोस्ती काफी लोकप्रिय है।

3000 से अधिक बार सांपों ने काटा
सुरेश का सांपों द्वारा काटा जाना कोई नई बात नहीं है, बचपन से ही उनकी इन जहरीले प्राणियों संग दोस्ती रही है। अब तक वो 3000 से अधिक बार सांपों के जहर का शिकार हो चुके हैं। सोशल मीडिया पर सुरेश के बारे में जानने के लिए लोग तरह-तरह के सवाल पूछ रहे हैं। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आखिर वावा सुरेश कौन हैं। सुरेश की तुलना मशहूर 'द क्रोकोडाइल हंटर' स्टीव इरविन से की जाती है। उनका जन्म एक गरीब परिवार में हुआ था।

12 साल की उम्र में सांप से हुई दोस्ती
सुरेश तिरुवनंतपुरम के श्रीकार्यम शहर में एक छोटे से घर में रहते हैं। सांपों के साथ उनका लगाव बचपन से ही था, उन्होंने 12 साल की उम्र में पहली बार एक सांप को पकड़ा था। सुरेश ने कोबरा सांप को पकड़ा और उसे घर ले आए। उस सांप को उन्होंने 15 दिनों तक एक बोलत में बंद कर रखा। यह घटना उनके सांपों संग दोस्ती की शुरुआत थी। सुरेश ने स्कूली शिक्षा छोड़ दी और तब से अब तक 30,000 से अधिक सांपों को पकड़ चुका है और 3,000 से अधिक बार उनके द्वारा काटे जा चुके हैं।

30 साल से भी अधिक समय से पकड़ रहे हैं साप
वावा सुरेश पिछले 30 वर्षों से अधिक समय से समाज सेवा के रूप में सांपों को पकड़ रहे हैं और केरल वन विभाग की सहायता करते हैं। जब भी केरल में कोई जहरीला सांप देखा जाता है, तो सरीसृप को बचाने के लिए वावा सुरेश को बुलाया जाता है। सुरेश ने केरल के लगभग हर दूरदराज के शहर की यात्रा की है और उन्हें सांप मास्टर के रूप में जाना जाता है। उन्होंने लगभग 200 अत्यधिक जहरीले किंग कोबरा पकड़े जाने की जानकारी दी। कोबरा बेहद जहरीला होता है और इलाज के लिए एंटी-वेनम एंटीडोट्स आसानी से उपलब्ध नहीं होते हैं।

वायरल होते रहते हैं सुरेश के वीडियो
सांपों के साथ उनके वीडियो काफी वायरल होते रहते हैं, वावा सुरेश को सरीसृपों को पकड़ने के लिए हुक या अन्य नुकीले औजारों का उपयोग नहीं करते। स्टीव इरविन की सीरीज की तरह है और मलयालम चैनल पर सुरेश का अपना टीवी शो 'स्नेक मास्टर' आता है। सांपों को बचाने के अलावा, वावा सुरेश ने कहा है कि वह संरक्षण के प्रयासों के लिए भी समय देते हैं। सुरेश के अनुसार सांप-इंसानों के बीच लड़ाई के पीछे निवास स्थान का नुकसान और पर्यावरणीय परिवर्तन प्राथमिक कारण हैं।

सांप की वजह से कई बार जाना पड़ा अस्पताल
अपने संरक्षण प्रयासों के तहत सुरेश ने 20,000 से अधिक सांपों के अंडों को बचाया और बाद में उन्हें जंगलों में छोड़ दिया। उनका घर एक मिनी 'स्नेक पार्क' है। रिपोर्टों के अनुसार, वावा सुरेश को 3,000 से अधिक सांपों ने काटा, जिनमें से 396 जहरीले सांप थे। उन्होंने 2020 में सबसे खतरनाक रेस्क्यू किए थे। 13 फरवरी, 2020 को सुरेश ने तिरुवनंतपुरम के कल्लारा शहर के पास एक कुएं से एक सांप को बचाया और सांप को एक बोतल में रखा। जब निवासियों ने सुरेश से सांप को बोतल से बाहर निकालने के लिए कहा तो नाग ने उनके दाहिने हाथ की उंगली पर काट लिया गया। सुरेश को एक अस्पताल में भर्ती कराया गया और कई दिनों तक वेंटीलेटर पर जीवन के लिए संघर्ष करते रहे।
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