पोषित आहार को छोड़ तली-भुनी चीजें खा रही है भारत की आधी आबादी, सेहत पर पड़ रहा बुरा असर

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि देश की आधी आबादी अपने खान पान का ध्यान नहीं रखती है। अधिकतर महिलाएं अपने खाने में पोषित आहार को शामिल नहीं करती हैं जिससे उनकी सेहत पर गहरा असर पड़ रहा है।

Fast Food

नई दिल्ली। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि देश की आधी आबादी अपने खान पान का ध्यान नहीं रखती है। अधिकतर महिलाएं अपने खाने में पोषित आहार को शामिल नहीं करती हैं जिससे उनकी सेहत पर गहरा असर पड़ रहा है। महिलाएं अपने खान पान में फल, सब्जियों और डेयरी प्रोड्क्टस की बजाय तली-भुनी चीजों को ज्यादा शामिल कर रही हैं। वहीं कुछ महिलाएं ऐसी हैं जिनके पास पोषित आहार खाने का विकल्प ही नहीं है।

पोषित आहार का सेवन नहीं करती हैं महिलाएं

पोषित आहार का सेवन नहीं करती हैं महिलाएं

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 2015-16 की रिपोर्ट में पाया गया कि केवल 47 प्रतिशत महिलाएं रोजाना हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करती हैं। 38 प्रतिशत महिलाएं केवल हफ्ते में एक बार ही पत्तेदार सब्जिां खा पातीं। मीट के बाद दाल प्रोटीन का सबसे बड़ा स्त्रोत है। देश में केवल 45 प्रतिशत महिलाएं ही रोज दाल खा पाती हैं। 45 प्रतिशत महिलाएं दूध-दही का सेवन रोजाना और 23 प्रतिशत हफ्ते में केवल एक बार सेवन करती हैं।

लड़के और लड़कियों के बीच होता है भेदभाव

लड़के और लड़कियों के बीच होता है भेदभाव

दूध और दही जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स देश में कई महिलाओं के लिए किसी लग्जरी से कम नहीं है। 7 प्रतिशत महिलाएं डेयरी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल ही नहीं कर पाती हैं। उनके पास ये मौका, ये विकल्प ही नहीं होता। सेंटर फॉर सोशल रिसर्च की डायरेक्टर रंजना कुमारी का कहना है कि महिलाओं का दो क्लास है। एक क्लास फल, सब्जी जैसे सभी पोषित आहार खरीदने में सक्षम है तो दूसरा ये खरीद सकता है लेकिन वहां लड़के और लड़कियों के बीच भेदभाव होता है।

फास्ट-फूड ज्यादा खाने लगी हैं महिलाएं

फास्ट-फूड ज्यादा खाने लगी हैं महिलाएं

उन्होंने बताया कि दोनों के बीच होने वाले भेदभाव के कारण भी महिलाएं पोषित आहार नहीं ले पाती हैं। इस कारण महिलाएं एनीमिया का शिकार सबसे पहले होती हैं। देश में बढ़ रहा फास्ट-फूड ट्रेंड भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आजकल अधिकतर महिलाएं तला-भुना खाना ज्यादा पसंद कर रही हैं। 10 प्रतिशत महिलाएं रोज तो 36 प्रतिशत महिलाएं हफ्ते में एक बार तली-भुनी चीजें खा रही हैं। इस सर्वे में ये भी चीज सामने आई है कि देश की 50 प्रतिशत आबादी, जिसमें पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल हैं, अपने खान पान को लेकर जागरूक नहीं है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+