Indian Railways: वेटिंग टिकट पर की यात्रा तो जाना पड़ सकता है जेल, जानिए क्या है नियम
भोपाल, 23 अक्टूबर। शादी और त्योहारों के सीजन में अक्सर ट्रेनों और अन्य यातायात संसाधनों में भीड़ बढ़ जाती है। अगर आप भी हाल-फिलहाल में इंडियन रेलवे की किसी भी ट्रेन से सफर करने का विचार बना रहे हैं तो यह खबर आपके काम आ सकती है। कोरोना वायरस संकट के चलते रेलवे ने कई तरह के नए नियम लागू किए हैं, जबकि पहले के नियमों में बदलाव भी किया गया है। इन्हीं में से एक वेटिंग टिकट को लेकर रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है।
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वेटिंग टिकट पर नहीं कर सकते यात्रा
गौरतलब है कि यात्रियों और समाज में कोरोना वायरस महामारी के प्रसार से बचाव के लिए रेलवे उतनी ही टिकटें जारी कर रहा है, जितनी सीटें उपलब्ध हैं। ऐसे में अगर यात्रा के दौरान किसी यात्री के पास वेटिंग टिकट पायी जाती है तो उसके लिए बड़ी मुश्किल हो सकती है। ऐसे यात्रियों को मोटे जुर्माने के अलावा जेल भी जाना पड़ सकता है।

यहां लागू हुआ नियम
हालांकि ये नियम अभी झारखंड के चक्रधरपुर जोन सहित अन्य रेलवे जोन में लागू नहीं है, लेकिन इस पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। वहीं, भोपाल जोन पहला ऐसा रेलवे जोन हैं जहां इसे लागू कर दिया गया है। मध्य प्रदेश के भोपाल प्रमंडल क्षेत्र में वेटिंक टिकट से यात्रा करने पर रोक लगा दी गई है, इसके तहत रेलवे स्टेशनों पर स्पेशल अभियान भी चलाया जा रहा है।

प्रतिदिन पकड़े गए 6000 यात्री
प्राप्त जानकारी के मुताबिक प्रतिदिन 6 हजार यात्री वेटिंग टिकट पर यात्रा करते पकड़े जा चुके हैं। पकड़े जाने पर ऐसे यात्रियों से भोपाल रेल मंडल प्रति यात्री 500 रुपए जुर्माना वसूल रहा है। जुर्मान नहीं देने की सूरत में यात्रियों को जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है। त्योहारी सीजन में यात्रियों की बढ़ती भीड़ के बीच उम्मीद की जा रही है कि देश के सभी रेलवे जोन में इस तरह के नियम लागू हो सकते हैं।

बढ़ सकती है यात्रियों की मुश्किल
भोपाल रेल मंडल अपने सभी स्टेशनों में यह अभियान जारी रखे हुए है। अगर अन्य रेल जोनों में यह लागू होता है तो यात्रियों को लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है। हालांकि इस तरह की पहल का मकसद कोरोना वायरस के प्रसार को रोकना बताया जा रहा है। लेकिन अब उन लोगों के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है जो वेटिंग में टिकट तो लेंगे लेकिन एन समय पर सीट कंफर्म न होने पर यात्रा नहीं कर सकेंगे।

ट्रेन में फिर मिलेंगे चादर-कंबल
गौरतलब है कि कोरोना वायरस के मद्देनजर रेलवे ने एसी ट्रेनों में मिलने वाले चादर, कंबल और तकिया पर रोक लगा दी थी, लेकिन अब जल्द ही ये सुविधा फिर से शुरू होने वाली है। हालांकि इसके लिए यात्रियों को कंबल-चादर के लिए निर्धारित शुल्क देना होगा। यात्री चाहें तो यात्रा पूरी होने के बाद अपने साथ खरीदी हुई किट को साथ ले जा सकते हैं। यात्रियों को कंबल के लिए 300, तकिया 70 और चादर के लिए 40 रुपए का शुल्क देना होगा।
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