Indian Railways:अब ट्रेनों में आपको भी दिखेगा ये परिवर्तन, 65,000 कोच में बदलाव, देखिए Video
नई दिल्ली, 13 सितंबर: अगर आपको आने वाले दिनों में ट्रेन से सफर करने का मौका मिलता है तो आप काफी बदलाव का अनुभव कर सकते हैं। क्योंकि, भारतीय रेलवे ने अपने 65,000 कोच में पुरानी लाइट हटाकर उसकी जगह एलईडी लाइट फिट कर दिए हैं। इस तरह से शाम के बाद कोच के अंदर का माहौल पूरी तरह से बदला-बदला नजर आने लगा है। जहां रोशनी की गुणवत्ता बेहतर हुई है, वहीं इसकी वजह से रेलवे को करोड़ों रुपए की बचत भी हो रही है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह पर्यावरण के लिए काफी फायदेमंद है। रेल मंत्रालय ने इस बदलाव का एक वीडियो भी जारी किया है।

65,000 कोचों में एलईडी लाइट लगाई गई
भारतीय रेलवे ने ट्रेन के कोचों में यात्रियों के सफर के अनुभव को बेहतर करने के लिए एक और बहुत बड़ा कदम उठाया है। रेलवे ने ट्रेन के कोचों में एलईडी लाइट की संख्या काफी बढ़ा दी है, जिससे ऊर्जा की भी बचत हो रही है और यह भविष्य की आवश्यकताओं के लिए भी यह बहुत अनुकूल है। रेल मंत्रालय के मुताबिक 65,000 कोचों में एलईडी लाइट लगाई गई हैं, जिसकी वजह से ऊर्जा खपत में बहुत ही ज्यादा कमी आ गई है। रेल मंत्रालय ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें दिख रहा है कि ट्रेनों में यात्रियों को अब किस तरह का बदलाव देखने को मिल रहा है।

कार्बन डाय ऑक्साइड उत्सर्जन में 4,920 टन की कमी
रेल मंत्रालय ने दावा किया है कि उसके इस फैसले से सालाना 6,50,00,000 केडब्ल्यूएच यूनिट बिजली की बचत होगी। यही नहीं इसकी वजह से सालाना 40 करोड़ रुपए की भी बचत होने वाली है। इस कदम से पर्यावरण पर काफी सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। मंत्रालय ने बताया है कि इसके चलते हर साल कार्बन डाय ऑक्साइड उत्सर्जन में 4,920 टन की कमी होगी।

रेलवे लगातार परिचालन गुणवत्ता में कर रहा है सुधार
अगर भारतीय रेलवे यात्रियों के लिए सफर सुहाना बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है तो यह अपनी परिचालन गुणवत्ता और कुशलता को भी बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहा है। इसके लिए रेलवे ट्रैक को बेहतर करके बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है, जिससे स्पीड बढ़ाने में भी मदद मिल रही है और रेलवे का परिचालन और भी सुगम होता जा रहा है। देश के सबसे बड़े नियोक्ता के पास 31 मार्च, 2022 तक कुल 67,956 किलोमीटर रेल मार्ग था और भारतीय रेलवे नेटवर्क आकार के आधार पर दुनिया का चौथा रेलवे सिस्टम है।
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कुल 808.6 करोड़ यात्रियों ने सफर किया
भारतीय रेलवे की विशालता का अंदाजा लगाने के लिए कुछ आंकड़े काफी मदद कर सकते हैं। मसलन, वित्त वर्ष 2020 में भारतीय रेलवे से कुल 808.6 करोड़ यात्रियों ने सफर किया था। यह रोजाना 13,169 लंबी दूरी और उपनगरीय ट्रेनें चलाता है, जो देश भर के 7,325 स्टेशनों से होकर गुजरती हैं। पिछले कुछ वर्षों में रेलवे का यह नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर के नजरिए से काफी मजबूत हुआ है। मार्च, 2020 तक भारतीय रेलवे में 12.54 लाख कर्मचारी कार्यरत थे। यह दुनिया का 8वां सबसे बड़ा नियोक्ता है।

ट्रेनों की गति भी लगातार बढ़ती जा रही है
देश में मेल या एक्सप्रेस ट्रेनें औसतन 50.6 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती हैं। जबकि, उपनगरीय ईएमयू की औसत रफ्तार 37.5 किलो मीटर प्रति घंटे है। हालांकि, ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार अलग-अलग है। जैसे कि वंदे भारत 180 किलो मीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से चलाई जा रही है। बाकी कई मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें भी करीब 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार को छूने लगी हैं और ट्रैक में परिवर्तन के साथ यह स्पीड बढ़ाई भी जा रही है।
सतत, टिकाऊ और ऊर्जा सक्षम!'
इधर रेलवे ट्रेन के कोचों में एलईडी लाइट लगवाने के साथ ही अपने नेटवर्क के विद्युतीकरण के काम पर भी खूब जोर दे रहा है। उसका लक्ष्य 2023-24 तक पूरे रेलवे नेटवर्क का विद्युतीकरण पूरा करना है। यह 2030 तक 'रेलवे को कार्बन उत्सर्जन शून्य' करना चाहता है। रेल मंत्रालय ने वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा है- 'कोचों में बिजली की बचत करने वाली एलईडी लाइटें: सतत, टिकाऊ और ऊर्जा सक्षम!'












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