Railways: रेल कौशल विकास योजना के तहत 15,000 से अधिक उम्मीदवारों को मिली ट्रेनिंग, जानें आगे क्या मिलेगा ?
भारतीय रेलवे ने रेल कौशल विकास योजना के तहत 15 हजार से ज्यादा युवाओं को प्रशिक्षण पूरा किया है। यह युवा अब 14 तरह की ट्रेड में माहिर हो चुके हैं।

भारतीय रेलवे ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत जो रेल कौशल विकास योजना शुरू किया था, उसके माध्यम से 15,000 से ज्यादा उम्मीदवारों का प्रशिक्षण पूरा चुका है। ये उम्मीदवार अब 14 ट्रेड में तकनीकी रूप से पूरी तरह से प्रशिक्षित हैं और उनके सामने रोजगार और उद्यम के लिए विशेष कौशल हासिल है। इन उम्मीदवारों के लिए देश के 94 स्थानों पर ट्रेनिंग का इंतजाम है। उम्मीद है कि अपने-अपने ट्रेड में ट्रेंड हो चुके युवाओं के सामने अच्छे भविष्य का अवसर उपलब्ध होने वाला है।

15,000 से अधिक उम्मीदवारों को मिली ट्रेनिंग
भारतीय रेलवे ने 15,000 से ज्यादा उम्मीदवारों को रेल कौशल विकास योजना के तहत ट्रेनिंग दी है। रेल मंत्रालय के मुताबिक इस योजना के तहत 23,000 से ज्यादा उम्मीदवारों ने ट्रेनिंग के लिए अपना नाम दर्ज करवा रखा है। भारतीय रेलवे की ओर से यह योजना युवाओं को रेलवे के ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में ट्रेनिंग देकर एंट्री लेवल का कौशल प्रदान किया जाता है। सार्वजनिक क्षेत्र के वाराणसी स्थित बनारस लोको वर्क को इसका नोडल एजेंसी बनाया गया है, जो इस योजना के मुताबिक ट्रेनिंग का कोऑर्डिनेशन करता है और ट्रेनिंग आयोजित करवाता है।

ट्रेनिंग के लिए कोई फीस नहीं ली जाती
रेल मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि 2021 के सितंबर में इस तरह की ट्रेनिंग पूरे भारत में शुरू की गई थी। अभी तक कुल 23,181 उम्मीदवारों को रेल कौशल विकास योजना के तहत दाखिला हुआ है। इनमें से कुल 15,665 उम्मीदवारों का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। देश के किसी भी हिस्से के उम्मीदवार इस ट्रेनिंग में शामिल हो सकते हैं। इस प्रशिक्षण के लिए उम्मीदवारों से किसी भी तरह की फीस नहीं ली जाती है। रेल कौशल विकास योजना पर निगरानी रखने के लिए एक खास वेबसाइट तैयार की गई है।

14 की ट्रेड में प्रशिक्षण
इस योजना के तहत इंडस्ट्री की आवश्यकता के अनुसार 14 तरह के ट्रेड में टेक्निकल ट्रेनिंग का इंतजाम है। इसमें इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर, मिस्त्री, फिटर आदि शामिल हैं। इस ट्रेनिंग के लिए भारतीय रेलवे के देश भर में अलग-अलग स्थानों पर 94 लोकेशन को चुना गया है। कई दूर-दराज के इलाके में भी यह मौजूद हैं। इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में देश के किसी भी हिस्से के उम्मीदवार शामिल हो सकते हैं।

बेरोजगार युवकों के लिए बड़ा अवसर
रेलवे के मुताबिक रेल कौशल विकास योजना के तहत रोजगार उपलब्ध करवाने का कोई प्रावधान नहीं है। लेकिन, यह योजना भारत के बेरोजगार युवकों के कौशल विकास के लिए है, जिसमें विभिन्न प्रकार के ट्रेड में तकनीकी प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार और उद्यमशीलता की ओर प्रेरित किया जाता है। जाहिर है कि बेहतरीन प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उम्मीदवारों को रोजगार और स्वरोजगार की दिशा में अपना भविष्य बनाने का भी एक अवसर उपलब्ध करवाया जा रहा है।
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18 वर्ष से 35 वर्ष के बीच के उम्मीदवारों को ट्रेनिंग
रेल कौशल विकास योजना प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत ही चलायी जा रही है, जहां तीन साल के लिए फ्री ट्रेनिंग की व्यवस्था है। इस योजना के तहत 30 युवकों/ युवतियों का बैच बनाकर ट्रेनिंग की व्यवस्था की जाती है। उम्मीदारों से यह अपेक्षा है कि वह कम से कम 10वीं पास हों और उनकी आयु 18 वर्ष से 35 वर्ष के बीच की हो। ट्रेनिंग कोर्स पूरा होने के बाद उम्मीदवारों को एक सर्टिफिकेट दी जाती है।












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